अफ़ग़ान जंग से शुरु जीवन की कहानी और उसके अंत के साथ खत्म

     

अभी कुछ दिनों पहले अफ़गानिस्तान के हामिद करजई एयरपोर्ट पर हुए,आत्मघाती बॉम्ब ब्लास्ट में अमेरिका के क़रीब  13 सैनिक मारे गए। दुर्भाग्य से 5 अमेरिकी नौसैनिक ऐसे भी हैं जिनका जन्म 2001 में अफगान युद्ध के शुरुआत में हुआ था और उसके अंत 2021 के साथ यह युद्ध खत्म हो रहा है। यह अमेरिका के लिए बहुत पीड़ादायक है कि उसके सैनिक तब शाहिद हुए। जब वह 20 वर्षों के बाद अफगान युद्ध को ख़त्म कर वापस जा रहा था। 

इन नौसेनिको में एक 20 वर्षीय लॉस कार्पोरल करीम निकोई भी हैं। जिनका जन्म अफगान युद्ध की शुरुआत में हुआ था और जीवन भी अफगान युद्ध के साथ ही खत्म हो गया। यह क्षण हर माता पिता के लिए और उसके देश के लिए बहुत दुःख देने वाला होता है। काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाकों के बाद, उनके पिता स्टीव निकोई बहुत परेशान हो गए थे और पुरे दिन टीवी पर बैठ कर समाचार देखते रहे। लेकिन अगली सुबह उनके घर पर कुछ नौसैनिक गए और उन्होंने उनके बेटे के शाहिद होने की जानकारी दी। 

काबुल एयरपोर्ट पर धमाकों से पहले उनके बेटे ने उनको एक वीडियो भेजा था। जिसमें वो अफ़गानिस्तान के कुछ बच्चों को कैंडी खिलाते नजर आ रहें हैं। निकोई की तरह उनकी उम्र के उनके 4 साथी नौसैनिक ओर भी थे। जिन्होंने इस धमाके में अपनी जान खोई। 

दो महिला नौसैनिक भी शहीद हुए

इस काबुल एयरपोर्ट ब्लास्ट में दो महिला नौसैनिक भी शहीद हो गईं हैं। जिनमें एक निकोलस एल गी जो मात्र 23 वर्ष की थी। वो अपने 13 साथियों में से एक थी।  जो लोगों को निकालने के दौरान काबुल एयरपोर्ट के गेट पर जिहादी आतंकवादियों हमले में मारी गईं थीं। जिनको हम एक छोटे अफगान बच्चे को उनकी गोद में देख सकते हैं। जिनके फोटो के कैप्शन में लिखा था कि मै अपनी जॉब से बहुत प्यार करती हूं।


माता पिता बाइडेन से बहुत दुःखी

जिन माता पिता ने अपने बच्चों को इन धमाकों में वे बाइडेन से बहुत दुःखी हैं और वे सब कह रहें हैं कि बाइडेन ने बहुत निराश किया। उनसे हम सबको उम्मीदें थीं। लेकिन बाइडेन ने उन्हें बहुत निराश किया। 


निकोई के पिता का कहना है कि जिस तरह से सैनिकों की वापसी हुई। वो बहुत ही मूर्खता पूर्वक थी। उनका कहना है कि बाइडेन को पहले अपने कमांडरो से बातचीत करनी चाहिए थी तथा फिर सैनिकों की सुरक्षित वापसी होनी चाहिए थी। लेकिन हुआ इसका उल्टा। पहले तो सैनिकों को वापस बुला लिया। फ़िर जब अमेरिकी नागरिक अफ़गानिस्तान में फंस गए। तभी फिर से सभी नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए सैनिकों को अफ़गानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट भेजा गया। 

यहां निकोई के पिता का यह कहना था कि पहले सभी अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित निकाल लेते। फिर अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाते। 

Post a Comment

Previous Post Next Post