भारत में हिंदू बहुमत में है तब तक कोर्ट कचहरी, कानून है , नितिन पटेल

भारत के गुजरात राज्य के डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने एक ऐसा बयान दिया है। जिससे भारत में सेकुलर गिरोह वामपंथी और लिबरल लोग सब नितिन पटेल पर भूखें भेड़ियों की तरह जरूर कूद पड़ेंगे। 

नितिन पटेल

बीजेपी के गुजरात राज्य के डिप्टी सीएम नितिन पटेल जी का कहना है कि जब तक भारत में हिंदू बहुमत में है। तब तक भारत में कोर्ट कचहरी और लोकतंत्र है। अगर हिन्दुओं की संख्या कम हुई तो ना कोई कोर्ट कचहरी होगी, ना कोई कानून होगा। संविधान, धर्मनिरपेक्षता और कानून की बात तब तक हैं जब तक हिंदू बहुसंख्यक हैं।


अब उनके इस बयान को लेकर भारत के वामपंथी, सेकुलर गिरोह और लिबरल लोग जरूर हाय तोबा करेंगे। कि कैसे एक लोकतांत्रिक सरकार में बैठा व्यक्ति भाईचारे को बिगाड़ने की बातें कर रहा है। ये ऐसे कैसे कह सकते हैं। 

अफगानिस्तान को लेकर बयान

हमें लगता है नितिन पटेल ने यह बयान अफगानिस्तान के मामले को देखकर कहा है। क्यों कि आज पूरी दुनिया अफगानिस्तान आतंक का नया रूप देख रहीं हैं कि कैसे एक आतंकवादी संगठन ने वहां की लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंका है। जहां लोकतांत्रिक सरकार जाते ही न तो कोर्ट कचहरी रहा, न संविधान और न ही लोकतंत्र रहा। सब कुछ एक झटके में इस्लामिक जिहादियों ने अपने कब्जे में ले लिया है। जो इतने कट्टर और वेहेसी दरिंदे हैं। कि जिनसे गैर मुस्लिम लोग कोई उम्मीद भी नहीं लगा सकते हैं। जिन्होंने वामियान में भगवान बुद्ध की मूर्ति को बारूद से उठा दिया। जो खुद अपनी महिलाओं और लड़कियों को एक गुलाम की तरह रखते हैं। तो दूसरे धर्म के लोगों के बारे में आप और हम स्वपन में भी नहीं सोच सकते हैं कि यह क्या करेंगे।


पाकिस्तान में हिंदुओं और लोकतंत्र की अवस्था

जैसे कि पाकिस्तान जहां आये दिन किसी न किसी हिंदू या सिख लड़की को इस्लामिक कट्टरपंथि उनके घर से उठा ले जाते हैं और बाद में पता चलता है कि लड़की की शादी उसकी उम्र से 2 गुने बड़े एक अधेड़ व्यक्ति से करा दी गईं हैं। किस तरह से हिंदुओ के मंदिरों को जिहादी लोगों की भीड़ मंदिर को तोड़ और आग के हवाले कर देती हैं। पता नहीं कितने हिन्दू मंदिरो को तोड़ दिया गया और कितने हिंदुओं का कत्ल कर दिया गया। जहां ईश निंदा कानून हिंदुओ, सिखों और दूसरे अल्पसंख्यकों के दमन लिए जानें जाते हैं। किस तरह पाकिस्तान के एक कोर्ट ने 8 साल के मासूम बच्चे को ईश निंदा कानून के अनुसार फांसी की सजा सुनाई। ऐसा इसलिए ही सब हो पा रहा है क्यों कि वहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं।


बांग्लादेश में हिन्दूओ की अवस्था

बंगलादेश में भी हिंदू आज सुरक्षित नहीं हैं। जहां के 100 से ज्यादा कट्टरपंथि लोगों ने अभी कुछ दिनों पहले मंदिरों पर हमला कर दिया था। मंदिरो में स्थापित देवप्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया। पहले हिंदुओं के घरों को को लुटागया। फिर बाद में उनके घरों में आग लगा दी गई। हिन्दुओं की महिलाओं और पुरुषों को मारा पीटा गया। क्यों कि वो वहां कम संख्या में हैं और कार्यवायी भी सिर्फ खानापूर्ति के लिए हुई। जिनमें केवल 11 लोग गिरफ्तार किये गये थे और कहां गये कुछ पता नहीं।

 

इसलिए नितीन पटेल ने अपने विचारों को देश के नागरिकों को बताएं हैं और जिसमें कुछ भी हमें गलत नहीं लगता हैं। क्यों कि नितिन पटेल एक पढ़े लिखे व्यक्ति हैं और उनको इतिहास में क्या हुआ है और वर्तमान में दुनिया में मजहब के नाम पर क्या हो रहा है। इसकी उनको पुरी तरह से जानकारी है। लोग कैसे मजहब और मजहब में व्याप्त कट्टरता के कारण आम आदमी को मार रहें हैं। जिनके अंदर जरा सी भी दया भावना नहीं है। जो अपने ही भाई बहनों को भी नहीं बख्श रहें हैं तो हम सब किस खेत की मूली हैं। 


नितिन पटेल किसी के प्रति नफरत कतई नहीं फैला रहें हैं वो तो भारतीयों को सचेत कर रहे हैं कि तुम्हारा दुनिया में ओर कहीं दूसरा घर भी नहीं है। तो थोड़ा देश के प्रति सभी लोगों को समय देना चाहिए।

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