बाइडेन अमेरिकी इतिहास के सबसे कमजोर राष्ट्रपति

 अफगानिस्तान में पिछले 15 दिनों में जो कुछ भी हुआ है। उसके लिए पुरी तरह से अमेरिका जिम्मेदार है। यहां अमेरिका का मतलब अमेरिकी राष्ट्रपति जोए बाइडेन ही अफगानिस्तान की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार हैं। क्यों कि इतना कमजोर अमेरिकी राष्ट्रपति अमेरिकी के इतिहास में कभी नहीं हुआ है। जोए बाइडेन ने पहले तो अफगानिस्तान से आनन फानन में आधी रात को अमेरिकी सेना को वापस बुला लिया और अफगानिस्तान में अरबों डॉलर के खतरनाक हथियार वहीं छोड़ आए। अब वहीं हथियार आतंकवादियों के हाथों लग गये हैं और रूस की मीडिया के अनुसार, अमेरिका अफगानिस्तान में अपनी 150 मिसाइलों को भी पीछे छोड़ आया है। अब इतने खतरनाक हथियार आतंकियों के हाथों लग चुके हैं। अफगानिस्तान में अब ये खतरनाक हथियार किस आतंकी संगठन के हाथों लगें। इसका किसी को कुछ नहीं पता है। जो अमेरिका के सहयोगी देशों के खिलाफ ही प्रयोग होंगे। लेकिन ज्यादातर हथियार तालीबान को प्राप्त हुए हैं और सभी जानतें हैं कि तालीबान ने अफगानिस्तान की जेलों में बंद सभी आतंकी संगठनो के आतंकियों को छोड़ दिया है।



बाइडेन का अति आत्मविश्वास ले डूबा

जो बाइडेन कुछ तीन महीने पहले मीडिया में बड़े गर्व से कह रहे थे कि अफगानिस्तान के पास तीन लाख की मजबूत व सभी आधुनिक सैन्य हथियारों से लैस सेना हैं। जबकि बाइडेन की सभी आधुनिक सैन्य हथियारों से लैस अफगानिस्तानी सेना ने केवल 15 दिनों के अंदर समर्पण कर दिया। ये मजबूत सेना तो 3 महीना भी नहीं टिक सकी। यहां तक कि अमेरिका अपने नागरिकों को भी अफगानिस्तान से नहीं निकाल पाया। तब तक तालीबान ने पुरे अफगानिस्तान व काबुल पर कब्जा कर लिया। फ़िर जोए बाइडेन ने अपने नागरिकों और नाटो के नागरिकों को निकालने के लिए आनन फानन में 6000 सेना के अतिरिक्त जवान काबुल एयरपोर्ट पर भेजने पड़े।


तालीबान के सामने बाइडेन का समर्पण

जो बाइडेन को समझ में नहीं आ रहा है कि करे तो क्या करें। इसलिए वो बार बार मीडिया के सामने आते हैं और अपनी देश की जनता को गुमराह कर रहें हैं। पहले जब ट्रंप राष्ट्रपति थे तब बाइडेन बहुत बड़ी बड़ी फेंक रहें थे। लेकिन आज उनके अफगानिस्तान के मामले में सारे निर्णय गलत साबित हो रहें हैं। अब बाइडेन ट्रंप को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं। क्योंकि अब वो अमेरिकी के राष्ट्रपति हैं और सारे निर्णय बाइडेन ले रहें थे न कि ट्रंप। लेकिन उनके पास कहने के लिए कुछ होता ही नहीं, बस पिछली घिसी पीटी बातों को मीडिया के सामने बोल देते हैं। आज बाइडेन बड़े बेचारे हो गए हैं। जो तालीबान कभी नहीं बदलने वाला है। वो उसी तालीबान से बातचीत कर रहें हैं और वहीं दूसरी तरफ तालीबान अमेरिका को चेतावनी पर चेतावनी दे रहा है कि अमेरिका 31 अगस्त तक अफगानिस्तान को पूरी तरह से छोड़ दे। अन्यथा ये अमेरिका के लिए ठीक नहीं होगा। अब अमेरिका के ये दिन आ गए। कि एक आतंकी संगठन अमेरिका को धमकी दे रहा है और यह सब बाइडेन के कारण हो रहा है। 


अमेरिकी नागरिकों को निकालने से पहले सेना को निकालना

अमेरिकी नागरिकों को निकालने से पहले जो बाइडेन ने अफगानिस्तान से सेना को ही निकाल लिया। जबकि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने इसको लेकर बाइडेन पैर हमला बोला है कि जोए बाइडेन को अमेरिकी नागरिकों को अफगानिस्तान से पहले निकालना चाहिए था। जबकि उन्होंने अमेरिकी सेना को रातों रात निकाल लिया। जिससे हजारों अमेरिकी नागरिकों और अमेरिका के साथ काम करने वाले लोगों की जान आज खतरे में हैं। ट्रंप की इस बात को लेकर अमेरिकी में सब सहमत हैं कि जोए बाइडेन ने अफगानिस्तान को लेकर सबसे बड़ी गलती कर दी है। अब इसको लेकर अमेरिका में बाइडेन के खिलाफ लोगों में गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। क्यों कि अफगानिस्तान में हजारों नागरिक अभी भी अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं। जिनकी जिंदगी पर मौत का खतरा पैदा हो गया है

बड़े बड़े सैन्य हथियारों को आतंकियों को गिफ्ट करना।

अमेरिकी जनता व पूर्व राष्ट्रपति आज बाइडेन से इस बात को लेकर भी सवाल खड़े कर रहें हैं कि अमेरिका ने अरबों डॉलर के हथियार आज आतंकवादियों को दे दिए हैं। जो हथियार अमेरिकी जनता के टैक्स के रुपयों से खरीदें गए थे। आज वही हथियार तालीबान के आतंकी प्रयोग कर रहें हैं।

बाइडेन की नाकामी को लेकर रिपब्लिकन हमलावर

बाइडेन की नाकामी को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के लोग अब बाइडेन पर जोरदार हमले कर रहें हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन पर अब महाभियोग चलाने की मांगे उठने लगी हैं।

क्योंकि आज काबुल एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती बॉम्ब ब्लास्ट से अमेरिका में जोए बाइडेन पर लोग बहुत नाराज हैं। क्यों कि काबुल एयरपोर्ट पर हर तरफ लोगों की लाशें ही लाशें चारों तरफ बिखरी पड़ी हुई हैं और साथ में ही अमेरिकी सैनिक भी इस बॉम्ब ब्लास्ट में घायल हुए हैं। जिसको लेकर अमेरिकी जनता में बहुत ही रोष हैं।

अमेरिका की एक नागरिक क्लाउडिया टेनी कहती हैं कि इस मानवीय त्रासदी से बचा जा सकता था। बाइडेन और इस आपदा के लिए जिम्मेदार लोगों को इस्तीफा देने या महाभियोग का सामना करने की जरूरत है। मानवता को एक उचित डेमोक्रेट की जरूरत है।

अमेरिका की दूसरी नागरिक कहती हैं कि जो बाइडेन के हाथों पर खून लगा है। यह भीषण राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय आपदा पूरी तरह से जो बाइडेन की कमजोर और असंवेदनशीलता का परिणाम है।

डोनाल्ड ट्रंप की संस्था का एक ट्वीटर यूजर कहता है कि तो क्या हम अभी तक महाभियोग की बात कर रहे हैं? एक दोस्त के लिए पूछना, जिस पर एक फोन कॉल के लिए महाभियोग लगाया गया था, लेकिन निश्चित रूप से हजारों अमेरिकी नागरिकों को आतंकवादी दुश्मन की बीच के पीछे नहीं फँसाएगा! बिडेनडिसातो क्या हम अभी तक महाभियोग की बात कर रहे हैं? एक दोस्त के लिए पूछना, जिस पर एक फोन कॉल के लिए महाभियोग लगाया गया था, लेकिन निश्चित रूप से हजारों अमेरिकी नागरिकों को आतंकवादी दुश्मनो के पीछे नहीं फँसाएगा!


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