1962 के बाद चीन 1964 में भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गया था।

भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण पोखरण राजस्थान में किया था। यह वर्ष भारत के इतिहास का महान दिन था। इस पहले परमाणु परीक्षण के साथ भारत परमाणु हथियार रखने वाले देशों की सूची में शामिल हो गया। 

परमाणु परीक्षण का कोड नेम

भारत के पहले परमाणु परीक्षण का कोड नेम स्माइलिंग बुद्धा था। जिसका अर्थ होता है कि मुस्कराते हुए बुद्ध। इस परमाणु परीक्षण को 18 मई 1974 को राजस्थान के पोखरण में किया गया था। इस परमाणु परीक्षण का उद्देश भारत की सुरक्षा और शांती बनाए रखना था।  परमाणु परीक्षण के वर्ष ही भगवान बुद्ध की बुद्ध पूर्णिमा भी पड रही थी। इसलिए इस परमाणु परीक्षण को स्माइलिंग बुद्धा नाम दिया गया था।  

भारत को परमाणु हथियार की जरुरत क्यों पड़ी?

भारत को अपने परमाणु हथियार बनाने की सबसे बड़ी वजह चीन था। क्यों कि चीन भारत से 1962 में युद्ध लड़ चुका था और उसने  16 अक्टूबर 1964 को लूप नूर में अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था। इसलिए भारत ने अपने आप को असुरक्षित महसूस किया। इसी कारण वश भारत सरकार ने भी अपना पहला परमाणु परीक्षण करने का निर्णय लिया और भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण चीन के परमाणु परीक्षण के 10 वर्ष बाद कर दिया। 

पहले परमाणु परीक्षण के दौरान सरकार

भारत के पहले परमाणु परीक्षण के दौरान केंद्र में इंदिरा गांधी की पूर्ण बहुमत की सरकार थी। इंदिरा गांधी ने BARC के वैज्ञानिकों को परमाणु हथियार की डिज़ाइन बनाने को कहा था। भारत ने अपनी स्वतंत्रता की 47वी सालगिरह पहला परमाणु परीक्षण करने का निर्णय लिया। 

परमाणु परीक्षण में मदद करने वाले वैज्ञानिक

वैसे तो भारत के परमाणु कार्यक्रम की शुरुआत डॉक्टर होमि जहांगीर भाभा के समय ही हो गई थी। इन्होंने ही परमाणु परीक्षण केंद्र की स्थापना की थीं।इनके बाद भारत के पहले परमाणु परीक्षण को करने वाले वैज्ञानिको में सबसे उपर नाम उस समय के भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के हेड राजा रमन्ना जी का आता है। जिन्होंने भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक होमी जहांगीर भाभा के साथ भी काम किया था। इन्होंने ही भारत का पहला परमाणु परीक्षण डिवाइस बनाया था। 

इन्होंने ही इंडिया के पहले परमाणु परीक्षण की सफलता की समाचार सबसे पहले भारत की तात्कालिक प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दी थी और कहा कि "स्माइलिंग बुद्धा" सफल हो गया।

सुरक्षा परिषद का खुलासा

जब इण्डिया ने अपना परमाणु परीक्षण कर लिया। तो इस बात से पुरी दुनिया दंग रह गई और जिसमें सयुंक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने भारत ने परमाणु परीक्षण किया था। इस बात को मान लिया। उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन 1971 की भारत पाकिस्तान युद्ध से नाराज थे। क्यों कि अमेरिका का 1971 सहयोगी पाकिस्तान था। जबकि भारत ने रिचर्ड निक्सन की नाक के नीचे पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए और रिचर्ड निक्सन सोवियत संघ के डर के कारण भारत के खिलाफ़ कुछ कर नहीं पाए थे। 

लेकिन भारत ने उनके राष्ट्रपति रहते ही परमाणु परीक्षण कर देने से, उनकी बड़ी फजीहत हुई। वह भारत से इस परमाणु परीक्षण को लेकर बहुत खफा थे।

भारत के पास कुल परमाणु हथियार  

  •  लगभग 150

तात्कालिक प्रधानमंत्री               

  •  इंदिरा गांधी

तात्कालिक यूएस राष्ट्रपति         

  •  रिचर्ड निक्सन

दुनिया का पहला परमाणु परीक्षण 

  • न्यू मैक्सिको में, यूएस द्वारा,

पहला परमाणु ब्लास्ट

हिरोशिमा   

  • 6 अगस्त 1945, अमेरिका द्वारा

नागाशकी

  •   9 अगस्त 1945, अमेरिका द्वारा

कुल परमाणु शक्ति संपन्न देश

1. अमेरिका

2. रूस

3. फ्रांस

4. चीन

5. इंग्लैंड

6. इजराइल

7. उत्तर कोरिया

8. भारत

9. पाकिस्तान

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