अमेरिका जल्द ही चंद्रमा पर सैनिक फैक्ट्री बनायेगा, जानिए पूरा मामला विस्तार से।

दुनिया के शक्तिशाली देश चांद पर अपना वर्चस्व कायम करना चाहतें हैं। लेकिन वही अमेरिकी सेना चांद पर अपना सैनिक फैक्टरी और बड़ी बड़ी इमारतें खड़ी करना चाहतीं हैं। यह सिर्फ वह इसलिए करना चाहतीं हैं ताकि वह अंतरिक्ष में सबसे शक्तिशाली बन सके। अमेरिका की एक एजेंसी है जिसका नाम डिफेंस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी (डीएआरपीए) है। चंद्रमा की सतह पर अमेरिकी सेना अपना ठिकाना बनाने के लिए  अमेरिकी सेना वाणिज्यिक अंतरिक्ष कंपनियों की सहायता लेगी।

 डिफेंस एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी ने इसके लिए डिजाइन भी तैयार कर लिए हैं। जिनमें नॉवेल ऑर्विटल एंड मून मैनुफैक्चरिंग, मैटेरियल एंड मास एफिशिएंट डिजाइन (एन ओ एम् 4 डी) तैयार की हैं। इन डिजाइनो के अनुसार चंद्रमा पर सैनिक फैक्टरी और दूसरे बड़े बड़े भवन बनेगें। इस डिजाइन को बनाने वाली एजेंसी के प्रोग्राम मैनेजर कहतें हैं कि उन्होंने चंद्रमा पर एक ऐसी संरचना तैयार करना का उद्देश्य रखा है जिससे अंतरिक्ष की दुनिया में अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा सके। यह सैनिक फैक्टरी सभी सुविधाओं से लैस होगी।

आर्टेमिस मिशन पर निर्भर 

चांद पर अमेरिकी सेना का सैनिक फैक्टरी लगाने का यह सपना उसका अर्मेटिस मिशन पर निर्भर करता है। नासा 2024 में चांद पर मनुष्यों के लिए स्थायी ठिकाना बनाना चाहता है। जिससे कि वह चांद पर मनुष्यों को उतार सके और चांद की सतह पर मौजूद पानी और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल कर सकें।


इतना सरल भी नहीं है चांद पर मनुष्यों की बस्ती बनाना

बिल कार्टर कहतें हैं कि धरती पर एक आधुनिक सैनिक फैक्टरी और ठिकाना बनाने से अच्छा है कि चद्रमा पर एक आधुनिक सैनिक फैक्टरी बनाई जाएं। इस सैनिक फैक्टरी में सभी मूलभूत सुविधाएं होंगी। उन्होंने कहा कि इसको चांद की परिस्थितियों के अनुसार बनाया जायेगा। क्यों कि चांद पर यह सैनिक फैक्टरी पूरी तरह से तकनीक पर आधारित होगी।

2030 तक ढांचा तैयार करने का उद्देश्य

डिफेंस एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी का उद्देश्य है कि 2030 तक सैनिक फैक्टरी का ढांचा तैयार करना। फिर उसके बाद सैन्य उपग्रहों को लॉन्च करना और फिर चांद की सतह पर बड़े बड़े आधुनिक रोबोटों को काम पर लगाना है।

इस काम में एजेंसी की सहायता नासा पहले से ही कर रहीं है।

पूरी तरह से वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित

अमेरिकी सेना का सैन्य बेस कैंप पूरी तरह वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित होगा। जिसमें सूरज की किरणों से बिजली उत्पादन, रेडियो फ्री्वेंसी, टेलिस्कोप और सभी तकनीक सुविधाएं होगी। जिससे चांद पर कठिन परिस्थितियों से  निपटा जा सकें।

अमेरिकी सेना चांद पर अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा कर। वह अंतरिक्ष में सबसे अधिक शक्तिशाली बनना चाहतीं हैं। जिससे उसको अंतरिक्ष में कोई भी टक्कर ना दे सकें।

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