हिंदू और सिंधू हमारे लिए महत्व पूर्ण हैं क्यों, कैसे। जाने विस्तार से।

हिंदू और सिंधु में संबंध 

हिंदू क्या है और कौन है? यह शब्द वास्तव में कहां से आया। सबसे पहले इसका इस्तेमाल किसने किया?

हिंदू धर्म (सनातन धर्म )  

दरअसल, हिंदू शब्द हिंदू धर्म से नहीं आया था।और ना ही किसी भारत के महान धर्म ग्रंथो , महाकव्यों और वेंदो में इस हिंदू शब्द का प्रयोग हुआ है। यहाँ तक कि गीता में कृष्ण ने सनातन शब्द का प्रयोग किया है और इस पवित्र भूमि को भरत भूमि या सनातन भूमि कहा था।  


माँ दुर्गा 


हिंदू धर्म का सबसे पुराना नाम सनातन धर्म है गीता में कृष्ण ने सनातन शब्द का अच्छे से अर्थ समझाया। उन्होंने कहा है। कि जो हमेशा से था और आज भी है , और आने बाले समय में भी रहेगा। जिसको सरल शब्दों में कहें तो जिसका कभी अंत ना हो। उन्होंने कहा था कि सनातन ही अजर अमर है और सब समय के साथ खत्म हो जायेगें। "भगवान् कृष्णा गीता में कहते हैं कि जब कुछ नहीं था तब मै था और जब कुछ नहीं बचेगा तब भी मैं ही रहूँगा। क्योंकि मैं  ही सनातन हूँ और सभी के अंदर भी "मैं" ही हूं।  समय के चक्र में कल जो था, वह आज नहीं है,और आज जो है , तो वो  कल नहीं होगा। लेकिन सनातन और सनातन  धर्म कल भी  था तथा आज भी है और कल भी रहेगा। 

कृष्ण


      

सनातन मिटा क्यों नहीं 

 हम सब के मन में ये प्रश्न आता है कि जब महान सभ्यतायें समय के साथ मर गयी।  जैसे मिस्र की महान सभ्यता और मैसोपोटामिया की सभ्यता खत्म हो गयी। तो सनातन संस्कृति  कैसे अपने वजूद को बचा सकी। जबकि भारत पर हजारों विदेशी आक्रमणकारियों ने हमले किये कर और हजारो सालों तक भारत पर राज किया। यहाँ तक कि  सनातन संस्कृति दिल्ली सल्लनत और मुगल काल में ख़त्म नहीं हुई। दिल्ली सल्तनत के काल में नालंदा को जला दिया गया और महान इतिहासिक वस्तुओं को बर्बाद करदिया गया। जबकि मुगल और दिल्ली सल्तनत के बाद अंग्रेज आये ,उन्होंने ने भी सनातन संस्कृति को बर्बाद करने का पूरा जोर लगा दिया।  लेकिन नष्ट नहीं कर सके। अंग्रेजो का सूरज डूब गया। किंतु सनातन संस्कृति का सूरज आज भी बड़े शान से उजाला दे रहा है। 


साधु और संन्यासी 


हिंदू शब्द की उत्तपत्ति कहाँ से हुई ?

हां, अब आओ, हिंदू क्या है और कौन है, तो हमें इस पवित्र मातृभूमि से हिन्दू शब्द का आधार मिलेगा। जिसने हजारों साल तक हमें अपनी गोद में बच्चों की तरह पाला। वास्तव में, हिंदू एक पहचान है जो हमें हमारी मातृभूमि द्वारा दी गई है। हिंदू शब्द हमारी पवित्र सिंधु नदी से लिया गया है, जब हमारे फारस के पारसी भाई हमारे देश में अपने दूसरे घर यानी भारत अपने व्यापार के लिए  आते थे, तब वे सिंधु  नदी के स्थान पर हिंदू नदी कहते थे। तभी से  सिंधु नदी के क्षेत्र के  निवासी हिन्दू कहलाये।  सिंधु घाटी सभ्यता कभी सिंधु नदी के तट पर भली भूली थी और समय के साथ उसका अंत हो गया।  


सिंधु  नदी 


इसलिए हम कह सकते हैं कि हिंदू एक पहचान है जो कोई भी इस भारतीय उपमहाद्वीप में रहता था या पैदा हुआ था। वह भी इस हिंदू पहचान से अलग नहीं है क्योंकि हिंदू कोई धर्म नहीं है, बल्कि एक क्षेत्रीय पहचान है। जबकि हिंदू धर्म सनातन धर्म का एक नया रूप है। 

इस महान सनातन राष्ट्र का नाम इसी "हिंदू शब्द" से लिया गया है, जिसे आज हिंदुस्तान भी कहा जाता है। हिंदुस्तान शब्द अरब के बिपारियो ने दिया था। उन्होंने यह नाम भारत की भूमि पर रहने वाले हिंदुओं के नाम पर रखा।

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