पीएम मोदी की पांच महत्वपूर्ण बातें जो संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में कहीं।

भारत के प्रधानमन्त्री ने यूएन में अपने भाषण में बहुत ही महत्व पूर्ण बातें कहीं हैं। उनके भाषण की 5 महत्वपूर्ण बातें हैं।


1. आतंकवाद 

भारत के पीएम ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर ही पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि जो देश आतंकवाद को राजनीतिक टूल की तरह उपयोग कर रहे हैं।  वह देश याद रखें कि आतंकवाद ऐसे देशों के लिए भी आतंकवाद उतना ही खतरनाक है। जितना दूसरे देशों के लिए है। प्रधानमन्त्री मोदी का इशारा पाकिस्तान की ओर था। जो आतंकवाद का इस्तेमाल भारत और दूसरे पड़ोसी देशों के लिए कर रहा है।

2. अफगानिस्तान

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने अफ़गानिस्तान के मसले पर यूएन में अपने भाषण में कहा कि अफगानिस्तान की भूमि का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नही होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अफगानिस्तान की इस समय हालत बड़ी नाजुक है। इसलिए हमें बड़ा सतर्क रहना होगा। कि कही कोई देश अपने स्वार्थ के लिए अफगानिस्तान की भूमि का इस्तेमाल एक टूल की भांति न करें। इस समय अफगानिस्तान की महिलाओं, बच्चों और वहां के अल्पसंख्यकों को हमारी मदद की जरुरत है। इसलिए हमें इस मामले में अपना दायित्व निभाना ही होगा। 

3. समुद्र को लेकर चीन पर हमला

समुद्र के मसले पर पीएम मोदी यूएन में बोले कि समुद्र भी हमारी साझी विरासत है। इसलिए हमें यह ध्यान रखना होगा। कि हम समुद्र के संसाधनों का प्रयोग करें। उनका गलत इस्तेमाल  न करें। पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे समुद्रर अंतराष्ट्रीय व्यापार की लाइफलाइन हैं। इनको हमे विस्तारवाद और बहिष्करण से बचा कर रखना होगा। पूरी दुनिया में नियमों का शासन हो। इसलिए दुनिया को आगे आना होगा। पीएम मोदी का समुद्र को लेकर चीन की ओर था। जो पूरे चीन सागर पर कब्जा करना चाहता है।

4. यूएन को नसीहत

प्रधानमंत्री मोदी ने यूएन में भाषण के दौरान में सयुक्त राष्ट्र में सुधार को लेकर बड़ी बात कहीं। जिसमें उन्होंने कहा कि आज वर्तमान समय में यूनाइटेड नेशंस पर कई सवाल खड़े हो रहें हैं। जिनको हमने जलवायु परिवर्तन और कोविड 19 के समय देखा है। यूनाइटेड नेशंस के होते हुए भी दुनिया के कुछ हिस्सों में अभी भी  छदम युद्ध, आतंकवाद और तात्कालिक अफगानिस्तान की घटना ने सयुक्त राष्ट्र के काम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महत्वपूर्ण गवर्नेस से जुड़ी अंतराष्ट्रीय संस्थाओं की विश्वनियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब हमें निश्चित करना चाहिए कि यूएन विश्व में अंतराष्ट्रीय कानूनों और नियमों को मजबूत बनाने पर काम करें।


पीएम ने यूएन की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब ठीक समय पर ठीक काम नहीं किया जाता है तो समय ही उस कार्य की सफलता को खत्म कर देता है। अगर यूनाइटेड नेशंस को प्रासंगिक बने रहना है। तो उसे अपनी प्रभावशीलता को सुधारना ही होगा और अपनी विश्वसनीयता में भी वृद्धि करनी होगी।  यहां पीएम का सीधा कहना था कि यूनाइटेड नेशंस कुछ देशों का संघ बन कर रह गया है। 

5. लोकतंत्र ही श्रेष्ठ

पीएम ने यूनाइटेड नेशंस में अपने भाषण में लोकतंत्र का भी जिक्र किया है। लोकतंत्र के बारे में उन्होंने कहा है कि मैं लंबे समय तक भारत के राज्य गुजरात का मुख्यमंत्री रहा हूं और पिछले 7 वर्षों से भारत का प्रधानमंत्री के साथ भारत सरकार का मुखिया भी हूं। इसी के साथ मुझे भारत की जनता की 20 वर्षों से सेवा करता आ रहा हूं। इससे मुझे अनुभव हुआ है, कि लोकतंत्र ही उद्धार  कर सकता है और लोकतंत्र ने उद्धार भी किया है। यहां पर पीएम का कहना है कि एक लोकतंत्र में ही जनता के हित सुरक्षित रह सकतें हैं और पुरी आजादी भी सिर्फ लोकतंत्र ही दे सकता है। 

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