भारत की सुपरसोनिक क्रूज ब्रह्मोस मिसाइल

 ब्रह्मोस

ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक मिसाइल है जो भारत-रूस के संयुक्त उद्यम द्वारा निर्मित है। जिसको भारत के  रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और  रूस के संघीय राज्य एकात्मक उद्यम (NPOM)  के द्वारा विकसित किया गया है।

ब्रहमोस को नाम मिला

ब्रहमोस भारत और रूस का एक संयुक्त उपक्रम है  तथा जिसका नाम भारत की नदी ब्रह्मपुत्र  और रूस की नदी मोस्कवा के नाम पर पड़ा था।

पहली बार प्रदर्शित हुई।

भारत और रूस के सहयोग से बनी ब्रह्मोस को अगस्त 2001 में मॉस्को में MASK 2001 के अंतराष्ट्रीय एयर शो में पहली बार प्रदर्शित किया गया था। जिसका पहला परीक्षण एक जहाज से 2003 में किया गया था। इसको पनडुब्बियों, जहाजों, लड़ाकू विमानों और भूमि से भी लॉन्च किया जा सकता है।

ब्रह्मोस की रफ्तार

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अधिकतम रफ़्तार 3 मैक है अर्थात् यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल अपने लक्ष्य की ओर लगभग 3,000 किलोमीटर प्रति घंटा से आगे बढ़ती है। वर्तमान समय में यह किसी भी युद्ध पोत या किसी भी लक्ष्य को साधने में सक्षम है। वर्तमान तकनीक के दम पर इसको किसी भी रडार से पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। इसे दुनिया की सबसे तेज गति से चलने वाली मिसाइल भी कहतें हैं। भारत अब मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (MTCR) का एक सदस्य है। भारत के एमटीसीआर का सदस्य बनने से भारत अपनी ब्रह्मोस मिसाइल की रफ्तार को दोगुना बड़ाई जा सकती हैं।

ब्रह्मोस 2

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का उन्नत संस्करण ब्रह्मोस मार्क 2 है। जिसकी अधिकतम रफ्तार 9800 किलोमीटर प्रति घंटा या 6090 किलोमीटर प्रति घंटा है। जो रफ्तार के मामले में 8 मैक की मिसाइल है। जो अधिकतम 1,000 किमी (620 मील)दूर तक मार करने में सक्षम है। इसको लड़ाकू जहाजो से, लड़ाकू विमानों से , पनडुब्बियों से और भूमि से भी लॉन्च की जा सकती है। इसमें स्क्रैमजेट इंजन लगा हुआ है।

ब्रह्मोस मिसाइल का मूल्य

भारत सरकार ने 19 अक्टूबर 2012 को हवा में मार करने वाली इंडियन एयर फोर्स के लिए 200 से अधिक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की खरीद का आदेश दिया था। जो ऑर्डर 6000 भारतीय रूपए था। एक ब्रह्मोस मिसाइल की कीमत इस समय लगभग 30 करोड़ रूपए है। अमेरिकन डॉलर में एक ब्रह्मोस मार्क-2 सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की कीमत 2.75 मिलियन डॉलर है।

एस 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की पकड़ से बाहर

ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज गति में चलने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। जो भूमि से  अधिकतम सीमा 15 किमी (49,000 फीट) की ऊंचाई तक उड़ने में सक्षम है और समुद्र पर 10 मीटर से कम पर उड़ान सकती है। एस 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम या रडार तभी किसी मिसाइल को डिटेक्ट करते हैं। जब वो एक ऊंचाई पर उड़ती हो। जबकि ब्रह्मोस मिसाइल एक कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है। इसलिए एस 400 डिफेंस सिस्टम से पता लगा पाना मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन लगता है।

सुखोई 30 एमकेआई से लॉन्च

सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमानों से भी अब लॉन्च किया जा सकता है। इस मिसाइल का सुखोई 30 जेट विमान में 22 नवंबर 2017 को वे ऑफ बंगाल की खाड़ी में सफलता पूर्वक हुआ था। आज भारतीय एयर फोर्स के 200 सुखोई विमान ब्रह्मोस मिसाइल को लॉच करने में सक्षम हैं। एक जहाज से ब्रहमोस मिसाइल का पहला परीक्षण- वर्ष 2003 में बंगाल की खाड़ी में किया गया था तथा मोबाइल ग्राउंड लॉन्चर से पहला परीक्षण 2004 में हुआ था।

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को भारत ने अभी किसी भी देश को नहीं बेची हैं। लेकिन वियतनाम और दूसरे आसियान देशों से इस मामले में बातचीत हो रही है। 

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