अमेरिका को अफ़गानिस्तान की जंग बहुत महंगी पड़ी।

अमेरिका ने आज से 20 वर्ष पहले अफ़गानिस्तान में तालिबानियों के  खिलाफ युद्ध का ऐलान किया था। जिन्होंने अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन ओसामा बिन लादेन को अफ़गानिस्तान में शरण दी थी। उसी लादेन ने 11 सितंबर 2001 को करीब 3000 हजार अमरीकी नागरिकों की जान ली थी। इसलिए अमेरिका ने अफ़गानिस्तान में अपनी सेनाओं को भेजकर तालिबानियों को काबुल व देश के ज्यादातर हिस्सों से भगा ले था।

जो बिडेन

युद्ध खर्च

अमेरिका ने अफ़गानिस्तान में 2001 में युद्ध तो शुरु कर दिया। लेकिन उनको इस युद्ध में 146 लाख करोड़ रूपए भारी भरकम राशि भी खर्च करनी पड़ी। 146 करोड़ रूपए नेपाल, बंगलादेश, पाकिस्तान जैसे देशों की कुल जीडीपी से ज्यादा है।

इसके साथ ही अभी अमेरिका को अपने उन सैनिकों की देखभाल के लिए भी 2.5 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने पड़ेंगे। जिन्होंने इस युद्ध में अपना पैर, हाथ या विकलांग हो गए हैं। इसके उन सैनिकों की देखभाल करनी पड़ेंगी। जिन्होंने अफ़गानिस्तान में लंबी लड़ाई लड़ी। क्यों कि वो मानसिक रूप से अस्वथ हो गए होंगे। जो 2030 तक यह राशि और बढ़ेगी। 

युद्ध में शहीद सैनिकों की संख्या

अफगान युद्ध में अमेरिका के कुल 8 लाख सैनिकों ने अपनी सेवाएं दी थी तथा इस युद्ध में कुल 51 देशों के सैनिक शामिल थे। जिसमें अमेरिका और नाटो देश आते हैं। इस युद्ध में अमेरिका के 2365 बहादुर सैनिकों ने अपनी जान गवाई और नाटो देशों के कुल 1144 सैनिकों ने भी अपनी जान दी। इसके साथ काबुल एयरपोर्ट आतमघाती बॉम्ब ब्लास्ट में अमेरिका के अफ़गानिस्तान से निकलने से 5 दिन पहले उसके 13 नौसैनिक शहीद हो गए। अफ़गानिस्तान के युद्ध में अमेरिका के 22000 हजार से ज्यादा सैनिक घायल हुए थे। 

इसके साथ ही अफगान फौज और अफ़गानिस्तान के पुलिसकर्मियों के 65000 हजार से अधिक जवानों ने अपनी जान गवाई थी। 

86 बिलियन डॉलर के हथियार छोड़े

अमेरिका अफ़गानिस्तान को छोड़ कर निकल गया है लेकिन साथ में वह अपने पिछे 86 बिलियन डॉलर के अत्याधुनिक हथियार अफ़गानिस्तान में ही छोड़ आया। अब वही अमेरिकी हथियार तालिबानी आतंकियों के हाथों लग चुके हैं। जिनको वो अब चाहें जैसे प्रयोग कर सकते हैं। इन हथियारों को तालिबानी लड़ाके किसी भी दूसरे आतंकी संगठन को बेच सकते हैं। जिनकी सहायता से वो दूसरे देशों आतंक फैलायेगे। 

जिन हथियारों में 22174 हजार हंबी गाडियां , 358,530 हजार असॉल्ट रायफल, 126295 हजार पिस्टल, 64363 मशीन गन, 155 माइन प्रूफ गाडियां, 16035 हजार नाइट विजन कैमरा, 33 एमआई 17 हेलिकॉप्टर, 33 UH ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर, 4 एयरट्रांसपोट एयरक्राफ्ट, 8000 हजार ट्रक तथा 162,043 हजार रेडियो भी छोड़ आए हैं। यह आंकड़ा बहुत कम बताया है। लेकिन आंकड़े इससे कही ज्यादा हैं। 

इसलिए इस अफगान युद्ध को अमेरिका ने आज 20 वर्ष पहले जहां से शुरू किया था वो  फिर वहीं पर आकर खत्म हो गया। जो तालीबान केवल बंदूकों से लड़ते थे। हा फर्क सिर्फ़ इतना आया है कि अब वही तालिबानी मशीन गन और अत्याधुनिक हथियारों से लैस हो गए हैं। यह सब मेहरबानी अमेरिका की देन है। 

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