भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अपने इतिहास के उच्चतम शिखर पर

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए उच्चतम शिखर पर पहुंच चुका है। जो पिछले सफ्ताह में 3 बिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 616 बिलियन डॉलर पर जा कर रुक गया था।


भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इस सप्ताह 

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने भारत के इतिहास में 16.66 बिलियन डॉलर की बड़ी उछाल मारते हुए, 633.55 बिलियन डॉलर पर आ गया।       

भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इस सफ्ताह की आखिरी तारीख 26 अगस्त को  633.55 बिलियन डॉलर पर बंद हुआ। इसके साथ भारत का विदेशी मुद्रा भंडार में स्थान चाइना, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद भारत का हो गया है। हमने रूस को 4 स्थान से 5 वे स्थान पर खिसका दिया है। 

विदेशी मुद्रा भंडार का काम

हर देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार बहुत ही जरुरी होता है। क्यों कि आप अपने देश में अपनी मुद्रा से कोई भी चीज खरीदते हों। लेकिन यदि आपको विदेश से कोई वस्तु खरीदनी है तो आपको  अमेरिकन डॉलर या यूरोपियन यूरो का ही प्रयोग करना पड़ेगा। वहां आपके देश की मुद्रा नहीं चलेगी। इसलिए हर देश को विदेशी मुद्रा भंडार की जरुरत होती है।

भारत एक बड़ा देश हैं जहां 12 लाख करोड़ रुपए का पेट्रोल डीजल की खपत होती हैं। जिसके आयात के लिए भारत सरकार को अपना विदेशी मुद्रा भंडार ही खर्च करना पड़ता है और जो भी वस्तुएं भारत विदेशों से आयात करता है। उनका भी बिल डॉलर में ही देना पड़ता है। जिसके लिए भी यूएस डॉलर की आवश्कता पड़ती है।

इसलिए यदि किसी देश का विदेशी मुद्रा भंडार खत्म हो जाए। तो वह विदेश से कुछ भी नहीं खरीद सकता है। वहां रोज प्रयोग की जानें वाली जरूरत की चीजों की कमी हो जायेगी। 

भारत अपने 633.50 बिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार से 15 महीनों तक आयात खर्चों को वहन कर सकता है।

  

टॉप 5 विदेशी मुद्रा भंडार वाले देश

देश                 यूएस डॉलर

  1. चीन                3.39 ट्रिलियन

  2. जापान             1.38 ट्रिलियन 

  3. स्विट्जरलैंड     1 ट्रिलियन

  4. भारत             633.55 बिलियन 

  5. रूस               540 बिलियन 

 

दुनिया में चीन विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में सबसे ऊपर है। जिसका विदेशी मुद्रा भंडार 3.39 ट्रिलियन डॉलर है। 

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