आखिर अफ़गानिस्तान में तालीबान की सरकार बन ही गई, कैबिनेट में शामिल लोग लोगों की जानकारी

तालीबान ने अफ़गानिस्तान में अपनी सरकार को बना लिया है। जो तालीबान सरकार घोषणा 31 के बाद करना चाहता था लेकिन हक्कानी और तालीबान की सरकार में शक्ति संतुलन चाहते थे। जिसके लिए दोनों में खींचतान चल रही थी। इसलिए तालिबानी सरकार के बनने में देरी हो रही थी।


 लेकिन आज मंगलवार तालीबान ने अपनी सरकार की आधिकारिक घोषणा कर दी है और सभी प्रमुख कैबिनेट मंत्रियों के नामों और मंत्रालयों की भी घोषणा कर दी गई है।

तालीबान सरकार के प्रमुख लोग

तालीबान की सरकार का मुखिया मुल्ला हसन अखुंद होगा। जो आज से अफ़गानिस्तान का प्रधानमन्त्री होगा। इसके साथ ही पाकिस्तान की जेल में 10 कैद में रहा मुल्ला अब्दुल गनी बरादर अफ़गानिस्तान का उप प्रधानमंत्री होगा। अफ़गानिस्तान का एक ओर उप प्रधानमंत्री होगा। उसका तालिबानी सरकार में दुसरे नम्बर का औहदा होगा। जिसका नाम मुल्ला अबदस सलाम होगा। जिसका पद अब्दुल गनी बरादर के बाद का होगा। हक्कानी नेटवर्क का प्रमुख सिराजुद्दीन हक्कानी को अफ़गानिस्तान का गृहमंत्री बनाया गया। अफ़गानिस्तान का रक्षा मंत्री का पद मुल्ला याकूब को दिया गया तथा जो आज से अफ़गानिस्तान का रक्षा मंत्री होगा। तालीबान का विदेश मंत्री अमीर खान को बनाया गया है। जो कि अंतरिम तौर पर बनाया गया है। हक्कानी नेटवर्क के एक ओर व्यक्ति को कैबिनेट में जगह दी गई। जिसको शरणार्थी मामलों का मंत्री बनाया गया है। अफ़गानिस्तान का नया सेना प्रमुख कारी फसीहुधीन को बनाया गया है।

तालीबानी सरकार की कैबिनेट कुछ इस तरह की होगी। जिसमें पहला स्थान मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद का होगा और यही सरकार का मुखिया होगा।


तालिबानी सरकार की कैबिनेट

1.प्रधानमंत्री- मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद

2.उप प्रधानमंत्री (1)- मुल्ला गनी बरादर

3.उप प्रधानमंत्री (2)-  मुल्ला अबदस सलाम

4.गृहमंत्री-  सिराजुद्दीन हक्कानी

5.रक्षा मंत्री- मुल्ला याकूब

6.शिक्षा मंत्री- शेख नूरुल्लाह 

7.वित्त मंत्री- हेदयातुल्लाह बद्री

8.न्याय मंत्रालय- अब्दुल हकीम 

9.ग्रामीण पुनर्वास और विकास मंत्री- मोहम्मद यूनुस अखुंदजादा

10.सूचना मंत्री- खैरुल्लाह खैरख्वा 

11.लोक निर्माण मंत्री- अब्दुल मनन ओमारी 

12.सूचना मंत्रालय में डिप्टी मंत्री- जबिउल्लाह मुजाहिद

13.डिप्टी विदेश मंत्री- शेर अब्बास स्टानिकजई

14.मिनिस्टर ऑफ इकोनॉमी- कारी दीन हनीफ  

15.हज और धार्मिक मामलों के मंत्री- नूर मोहम्मद साकिब

16.जनजातीय मामलों के मंत्री- नूरुल्लाह नूरी 

17.ग्रामीण पुनर्वास और विकास मंत्री- मोहम्मद यूनुस अखुंदजादा

18.लोक निर्माण मंत्री- अब्दुल मनन ओमारी 

19पेट्रोलियम मंत्री- मोहम्मद एसा अखुंद

तालीबान से बाहर का कोई चेहरा नहीं

तालिबानी सरकार की कैबिनेट में तालीबान से बाहर का कोई भी व्यक्ति नहीं शामिल नहीं किया गया है। जो कि कतर के दोहा में हुए समझोता का खुला उल्लंघन है। तालिबानी सरकार में केवल तालीबान और हक्कानी नेटवर्क के लोग ही शामिल हैं। इस केवल तालिबानी से अफ़गानिस्तान में विद्रोह की भावनाओं में वृद्धि होना भी  तय है। क्यों कि इनमे किसी को भी अफ़गानिस्तान की जनता और साथ में ही विश्व विरादरी कभी स्वीकार ही नहीं करेंगी।  चीन तुर्की और पाकिस्तान के स्वीकार कर लेने से तालीबान की परेशानियां कम नहीं होगी। क्यों कि तालीबान की सरकार के किसी भी चहरे को सरकार चलाने का कोई जानकारी नहीं है। 

तालिबान की सरकार में कोई महिला चहेरा नहीं

तालीबान ने अपनी सरकार में किसी महिला को शामिल न करके साबित कर दिया है कि महिलाओं के लिए तालीबान की सरकार में कोई जगह नहीं है। वह सिर्फ़ और सिर्फ़ घरों और बुर्के में ही रहेंगी।

तालीबान की सरकार के सभी मंत्री यूएन की आतंकी लिस्ट में

 सबसे मजेदार बात यह है कि तालीबान की सरकार के सभी मंत्री यूएन की आतंकी लिस्ट में शामिल हैं और जिसमें  हक्कानी नेटवर्क के बहुत से लोग यूएस के द्वारा आतंकी घोषित किए गए हैं। जिन पर करोड़ो रुपए का ईनाम है। जिसमें सिराजुद्दीन हक्कानी पर अमेरिका की एफबीआई ने 10 मिलियन डॉलर का ईनाम भी घोषित कर रखा है। जो अब अफ़गानिस्तान का गृहमंत्री बन गया। यह अमेरिका के लिए बहुत बड़ा सिरदर्द साबित होने वाला है। तालीबान सरकार में  सिराजुद्दीन हक्कानी के शामिल होने का मतलब दुनिया में आत्मघाती हमले होना है। क्यों कि सिराजुद्दीन हक्कानी का प्रमुख काम ही आत्मघाती हमलावरों को तैयार करना। वैसे तालीबान ने कोई बात अमेरिका की मानी नहीं है। उन्होंने दोहा समझौता को गटर में फेक दिया है।यह सब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की नाकामी हैं। जो हर समय बड़वोले तरीके से प्रेस के सामने आकर बोलते थे। लेकिन उनकी कोई भी बात सच नहीं हुई। 

Post a Comment

Previous Post Next Post