पांच ऐसे योग आसन जो महिलाओं और पुरुषों के वक्ष स्थल को सुडौल और आकर्षित बनाते।। योगा टिप्स फॉर इंडिया

1.ताड़ासन योग 

ताडासन योग को माउंटेन योग भी कहते हैं। जिसमें शारीर एक दम सीधा और हाथ उपर की ओर होते हैं। इस योग को पर्वत अवस्था भी कह सकते हैं। क्यों इसमें शरीर एक पर्वत की भांति सीधा होता है। इसे करते समय शरीर के टखने, जांघ, घुटना  सीधा कर ऊपर की ओर खींचते हैं।


लाभ

1.ताड़ासन से शरीर के घुटने मज़बूत और दर्द का निवारण होता है। 

2. रीढ रज्जू मज़बूत होती है। 

3. शरीर की लंबाई में वृद्धि होती है।

4. मासपेशियों में रक्त संचार सुचारू रूप से चलता है

5. शरीर का वक्ष स्थल खुबसूरत बनता है।

6. शरीर में लचीलापन आता है।

7. पाचन तंत्र में सुधार होगा है।

2.वृक्षासन योग

वृक्षासन योग में शरीर एक पेड़ की तरह होता है। इसलिए इस अवस्था को ट्री (पेड़) पोज भी कहते हैं। इस योग आसन में शरीर को  संतुलन में बनाकर रखना होता है।  वृक्षासन योग को करते समय शरीर की जांघ, कशेरुक स्तंभ, टखने, और पीठ को मज़बूत करना चाहिए तथा शरीर की जांघों, कंधो, छाती, और वक्ष क्षेत्र में खिंचाव लाना चाहिए।



लाभ

1. इस योग आसन से शरीर की जांघें और टखने मज़बूत बनते हैं।

2. शरीर में संतुलन बना रहता है। 

3. पेट संबंधित बीमारियों से आराम मिलता है। 

4. शरीर की लंबाई में वृद्धि होती है।

5. रीढ रज्जू मज़बूत होती है। 

6. रीढ रज्जू मज़बूत होने से मस्तिष्क सही से कार्य करता है।

7. महिलाओं में स्तनो में उभार आता है। जिससे उनका वक्ष स्थल आकर्षक दिखता है।

8. इसको यदि बच्चें करते हैं तो उनकी एकाग्रता और बुद्धि में वृद्धि होती है।


3.गरुडासन योग आसन 

इस अवस्था में शरीर गरुड़ की तरह बन जाता है। इसलिए इसे गरुड़नासन योग आसन भी कहा जाता है। इसका दूसरा नाम अंग्रेजी में ईगल पोज भी कहते हैं। इस योग में शरीर को थोड़ा सीधा और संतुलित अवस्था में रखना चाहिए तथा हाथों को चहरें के सामने और एक पैर को दूसरे पैर से लपेट लिया जाता है।


 इस योग आसन में शरीर के कंधो, पीठ, घुटनों और हिप्स को फैलाना पड़ता है और घुटनों को मजबूती से रखना चाहिए। 

 लाभ

1.इससे शरीर में लचीलापन आता है।

2. शरीर की जांघें और टखने मज़बूत बनते हैं।

3. शरीर की हड्डियों मुलायम हो जाती हैं। 

4.  कमर दर्द से राहत मिलती है और सुडोल सुगठित हो जाती है।

5.  बच्चों की  एकाग्रता में वृद्धि होती है। 

4.उत्कटासन योग 

उत्कटासन योग भी खड़े होकर किए जाने वाला योग आसन है। जिसको हम कुर्सी आसन भी कहते हैं। क्यों कि इसमें हमारा शरीर कुर्सी की भांति बन जाता है। इसमें शरीर की जांघो , रीढ रज्जू और घुटनों को मजबूती से रखना चाहिए तथा कंधो और उदर में खिंचाव लाना चाहिए।


लाभ

 1. यह योगा पोज कंधों, कूल्हों, घुटनों और टखनों को मजबूती प्रदान करता है।

 2.  यह जोड़ों के साथ मांसपेशियों को भी मजबूत और मुलायम बनाता है।

 3. यह उदर की कोर को सुंदर और आकर्षक बनाता है।

4. यह महिलाओं के स्तनों को और वक्ष स्थल में उभार के साथ सुंदर बनाता है। 

5. सांस लेने में सुधार करता है।

6. कंधे और सीने में लचीलापन आता है।

5.नटराज आसन

इस योग को डांस पोज भी कहते हैं। इस योग आसन को भगवान शिव का डांस भी कहते हैं। इस योग में शरीर को खड़े मुद्रा में लाते हैं। फ़िर एक हाथ को आगे और दूसरे हाथ से पीछे पैर की पंजे को पकड़ते हैं तथा सीने को चौड़ा बनाएं रखते हैं। इसमें पैरों और टखनों को मज़बूत अवस्था में रखते हैं तथा उदर, कंधो, जांघों, वक्ष स्थल और कमर के हिस्से में खिंचाव लाते हैं।



लाभ

1. इस योग आसन से शरीर में संतुलन आता है

2. टखनों में मजबूती आती है।

3. वक्ष स्थल सुंदर और उसमे उभार आता है।

4. पेट और उदर संबंधित बीमारियों से बचाव होता है।

5. पैरों की हड्डियां मजबूत और मुलायम बनती हैं।

6. महिलाओं की कमर सुंदर बनती हैं। 

7. एकाग्रता में वृद्धि होती है।


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