बीबीसी ने कैसे यूएस एक्सपर्ट को तालीबान और पाकिस्तान के खिलाफ बोलने पर रोक दिया

बीबीसी ने अपने लाइव प्रोग्राम में एक अमेरिकन महिला एक्सपर्ट को तालीबान और पाकिस्तान के खिलाफ बोलने से रोक दिया।

बीबीसी वाले हमेशा से भारत के खिलाफ अपना एजेंडा चलाते हैं। यह न्यूज़ चैनल कभी भी चीन, कम्युनिस्ट और इस्लामिक आतंकवादियो के खिलाफ कोई भी प्रोग्राम नहीं करता है और यदि धोखे से भी कोई ऐसा व्यक्ति इनके चैनल पहुंच जाये। जो चीन, कम्युनिस्ट और इस्लामिक आतंककियों के खिलाफ कुछ कहे। तो बीबीसी में बैठे एक एजेंडा वाले लोग उसे तुरन्त रोक देते हैं।  

जब बीबीसी एंकर ने महिला एक्सपर्ट को रोका

यहीं एक किस्सा आज हुआ। जब बीबीसी वालों ने अपने एजेंडे के लिए एक यूएस की महिला एक्सपर्ट क्रिस्टीन को बुलाया। उन्होंने सोचा होगा कि  क्रिस्टीन तालीबान की प्रशंसा करेगी। लेकिन उन्होंने बीबीसी वालों के एजेंडे के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया। तो उन्हें बीबीसी की एक एंकर ने रोकना शुरू कर दिया।

बीबीसी का वीडियो वायरल

एक्सपर्ट ने क्या कहा जिससे एंकर ने उन्हें रोक दिया।

यूएस की महिला एक्सपर्ट क्रिस्टीन ने बीबीवी में सही बात के अलावा कुछ नहीं बोला। उन्होंने कहा कि अफ़गानिस्तान में जो कुछ हुआ है। उसके लिए पाकिस्तान पुरी तरह से जिम्मेदार है और उसी ने तालीबान को पाला पोसा है। आज अफ़गानिस्तान में अगर तालीबान हैं। तो इसमें भी पुरी तरह से पाकिस्तान का ही हाथ है। पाकिस्तान ही आतंकियों को पनाह देता है और उनका इस्तेमाल अपने खुद के देश में भी करता है। पाकिस्तान ही इस पूरे क्षेत्र में आतंकवाद के लिए जिम्मेदार है। लेकिन बीबीसी की एंकर ने उनको रोका और कहा कि मुझे और आपको इन बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। एंकर ने आगे अपने एजेंडे पर उतर आईं और कहा कि पाकिस्तान तालीबान को किसी भी प्रकार से न तो नियंत्रित कर रहा है और न ही तालीबान पाकिस्तान के नियंत्रण में है। इस विडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे बीबीसी की यह एंकर अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रहीं हैं और तालिबानी आतंकियों को महान बता रही है।

बीबीसी की इस तरह की बदतमीजी के बाद क्रिस्टीन ने भी कहा कि आप अपने झुठे और गुप्त एजेंडे को फैला रहीं हो। 

बीबीसी की इस तरह की हरकत को देखकर सभी लोग हैरान हो गए। क्यों कि जो बीबीसी पीठ पीछे इस तरह के काम किया करता था। अब वो दुनिया के सामने कर रहा है। बीबीसी तालिबानियों के हर रोज इंटरव्यू ले रहा है और खूब उसका गुण गान कर रहा है। बीबीसी तालीबान से ऐसा कोई भी प्रश्न नहीं पूछता है। जिसका वो जबाव न दे सकें। जैसे बीबीसी हिंदी कश्मीर पर तालीबान से प्रश्न पूछ लेता है लेकिन उइगर मुस्लिम के मामले में एक प्रश्न भी पूछने की हिम्मत नहीं होती है। 

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