चीन के शिंजियांग राज्य में उइगुर मुस्लिमों के एक लीवर की कीमत 1,60,000 डॉलर, अरबों में अंगों का कारोबार

चीन अपने शिंजियांग राज्य के मुस्लिम लोगों का धीरे धीरे नरसंहार कर रहा है। चीन के शिंजियांग राज्य में तुर्क जाति की उइगुर जनसंख्या रहती है। उइगुर मुसलमान तुर्क मूल के हैं। जिस कारण से वह अपना सांस्कृतिक जुड़ाव चीनी संस्कृति के साथ न करके तुर्किश संस्कृति व अरबी संस्कृति से करते हैं। यहीं वजह है कि चीन की हान वामपंथी सरकार उइगुर मुस्लिमों पर 1950 के बाद से ही अत्याचार शुरु कर दिए। चीन के अत्याचार अब अपने सबसे उच्चतम शिखर तक पहुंच गए हैं। अब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी मुस्लिमों के अंगो की कालाबाजारी और खरीद फरोख्त कर रहीं है। 

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की कुछ मीडिया संस्थान की रिर्पोट से खुलासा हुआ है कि चीन अपने शिंजियांग राज्य के लोगों के अंगो को बेच कर अरबों डॉलर छाप रहा है। चीन के इकलौते मुस्लिम बहुल राज्य में किस कदर मानव शरीर के अंगों की तस्करी होती है। आप इस बात से अनुमान लगा सकते हैं कि एक लीवर की कीमत करीब 1,60,000 रूपए में बेंचा जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार, उइगुर लोगों के अंगों की तस्करी से हर वर्ष 1 अरब डॉलर की कमाई की जा रही है।


ऑस्ट्रेलिया के समाचार एजेंसी हेराल्ड सन डेली ने चीन के शिंजियांग राज्य के मुस्लिमों के बारे में एक दिल को हिला देने वाला खुलासा किया है। हेराल्ड सन डेली ने अपनी एक रिर्पोट में दुनिया को बताया कि चीन उइगुर लोगों के अंगो को जबरन काट रहा है और उनकी नसबंदी करा रहा है। ताकि शिंजियांग राज्य से मुस्लिमों का सामूहिक खात्मा किया जा सके। रिर्पोट में आगे बताया गया है कि चीन के शिंजियांग राज्य में अंग प्रत्यारोपण शिविर और अस्पताल बड़े पैमाने पर मौजूद हैं और  यह अस्पताल शिंजियांग के हिरासत केंद्रों से दूर नहीं हैं। इन हिरासत केंद्रों में ही चीन उइगुर लोगों के शरीर से जबरन अंग काट रहा है। शिंजियांग राज्य में अंग प्रत्यारोपण और खरीद फरोख्त करने का काम बहुत वर्षों से जारी है और पिछले वर्षों में अंग प्रत्यारोपण के मामलों में ज्यादा वृद्धि हुई है।

ऑस्ट्रेलिया के एक ओर महत्त्वपूर्ण अखबार ने दुनिया को चीन की असलियत के बारे में  बताया था कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी  उइगुर मुस्लिमों से गुलामों की तरह काम करा रहीं है। जिसके लिए शिंजियांग राज्य के मुस्लिम लोगों को घरों से उठाया जाता है और फिर उनको जबरजस्ती चीनी भाषा "मंनदारिन" सिखाई जाती है। ताकि उइगुर मुस्लिम लोगों से चीनी कारखानों में  काम कराया जा सकें।


ऑस्ट्रेलिया के अखबार ने "ऑस्ट्रेलियन स्ट्रेटेजिक पॉलिसी संस्थान" की रिर्पोट का हवाला देते हुए बताया है कि चीन के मुस्लिम बहुल राज्य शिंजियांग से 2017 से 2019 के बीच करीब 80,000 उइगुर मुस्लिमों की तस्करी की गईं है। इस रिर्पोट में यह भी खुलासा किया गया है कि इन सभी तस्करी किए गए लोगों को उनके घरों से दूर फैक्ट्रियों में रखा जाता हैं। जहां इन सभी लोगों से काम के समय से अधिक समय तक काम  कराया जाता है। चीन के इन कारखानों में उइगुर लोग अपने धार्मिक क्रियाकलापों और रितिरिवाजों को मना नहीं सकतें हैं। 

संयुक्त राष्ट्र संघ के मानव अधिकार संगठन ने भी 2021 के शुरूआत में ही बताया था कि चीन में शिंजियांग राज्य में मानव अंगो की तस्करी हो रही है। जिनमें मानव शरीर के दिल, गुर्दे, कॉर्निया और यकृत जैसे बेहद महत्त्वपूर्ण अंगों को निकाला जाता है। जिसमें चीन के मेडिकल क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ लोग हुए हैं। हालाकि यह सब अंगों का धंधा चीन की सरकार और कम्यूनिस्ट पार्टी की मिलीभगत से ही चल रहा है। क्योंकि कभी ऐसा संभव ही नहीं हो सकता है कि देश के एक हिस्से में मानव अंगों की तस्करी हो रही है और सरकार को इसके बारे में कुछ पता ही नहीं है। 


चीन ने शिंजियांग राज्य में बड़े बड़े एकाग्रता शिविर बना रखें हैं। जहां चीन ने करीब 10 लाख से ज्यादा उइगुर मुस्लिमों को कैद कर रखा है। जहां चीन इन कंसंट्रेशन कैंप के बारे में दुनिया को बताया है कि इन कैंपों में उइगुर लोगों को आधुनिक रोजगार कुशल शिक्षा प्रदान की जाती है। लेकिन अमेरिका सहित पूरी दुनिया चीन के दावों पर रत्ती भर विश्वास नहीं करती है। क्योंकि चीन दुनिया को इन एकाग्रता शिविरों तक पहुंचने ही नहीं देता है। इन्हीं एकाग्रता शिविरो से उइगुर लोगों के अंगों की तस्करी होती है। 

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