वैज्ञानिकों ने 417 प्रकाश वर्ष दूर नए बने सौर मंडल में एक युवा ग्रह की खोज की, जो हमारे सौर मंडल के रहस्य खोल सकता

दुनिया के वैज्ञानिकों के एक समूह ने हमारे सौर मंडल से बाहर स्थित एक युवा ग्रह की खोज की है। इस युवा ग्रह की सहायता से वैज्ञानिक हमारे सौर मंडल के उत्पत्ति संबंधी  रहस्यों के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। जिसकी सहायता से सौर मंडल की उत्त्पति की जटिलता का पता लगाया जा सकता है। जिसकी सबसे बड़ी वजह है कि यह सबसे युवा ग्रह है और हमारे सौर मंडल के बाहर स्थित है। 


युवा ग्रह की खोज की

इस युवा ग्रह की खोज एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक  समूह ने की है और जिसका नेतृत्व माओना में हवाई विश्वविद्यालय हवाई विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किया है। इस ग्रह को खोजने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ग्रह हमारे सौर मंडल से दूर स्थित एक युवा सूर्य के पास पाया गया है। 

इस ग्रह की तारा प्रणाली को धरती से टेलिस्कोप के माध्यम से  आसानी से देखा जा सकता है।

इस ग्रह की खोज सन 2018 में हवाई में उपस्थित सुबारू टेलीस्कोप से की गई थी।W. M Keck वेधशाला में वैज्ञानिकों ने इस ग्रह के तारे से आने वाली इन्फ्रारेड किरणों का अवलोकन किया तथा सभी वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला। कि 2M0437b एक्सोप्लेनेट का तारा पूरे आकाश में 3 वर्ष में घूम पाता है और जिसके साथ में ही 2M0437b एक्सोप्लेनेट भी तारे की परिक्रमा करता है।

खोजे गए युवा ग्रह का नाम

वैज्ञानिकों ने  इस नए खोजें गए एक्सोप्लैनेट  का नाम  बड़ा ही अजीब रखा है। जिसको दुनिया 2M0437b के नाम से जानेगी। वैज्ञानिकों के अनुसार, 2M0437b ग्रह अपने एक बेहद चमकदार तारे का चक्कर लगाता है। ।

2M0437b एक्सोप्लेनेट की आयु

यह 2M0437b एक्सोप्लेनेट अपने तारे के साथ कुछ 40 से 45 लाख वर्ष पहले उत्पन्न हुआ था। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह वही समय रहा होगा। जब हवाई द्वीप समुद्र से ऊपर उठा था। वैज्ञानिकों के अनुसार, हवाई द्वीप आज से लगभग 4.5 मिलियन वर्ष पहले समुद्र से ऊपर उठा होगा। हवाई द्वीप के समुद्र से ऊपर उठने का कारण ज्वालामुखी का लावा रहा होगा। 


नए ग्रह का सौर मंडल

इस तारे का सौर मंडल हमारे सौर मंडल के सामने बच्चा सा है अर्थात यह धरती के सौर मंडल से ज्यादा युवा है। जिसका हाल ही कुछ मिलियन वर्ष पहले जन्म हुआ है। जबकि हमारे तारे और सौर मंडल की उत्त्पति को 4.5 बिलियन वर्ष हो चुके हैं। 

हमारी प्यारी धरती से दूरी

यह ग्रह अभी भी निर्माण की प्रक्रिया से गुजर रहा है। इसी कारण से इसका वर्तमान तापमान करीब 1,127 से 1,227 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अपने तापमान की वजह से यह इन्फ्रारेड में हल्की चमक प्रदान करता है। यह 2M0437b एक्सोप्लेनेट हमारी धरती व सौर मंडल से लगभग 417 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।  

हालाकि कि हम सब जानतें हैं कि एक प्रकाश वर्ष में 9.7 ट्रिलियन किलोमीटर होते हैं और 1 ट्रिलियन में एक लाख करोड़ किलोमीटर होते हैं। जिसको हम 1,000,000,000,000  किलोमीटर से भी जानते हैं अर्थात् पूरे 12 शून्य लगते हैं। यह ग्रह हमसे इतनी दूरी पर स्थित है कि हम निकट भविष्य में भी यहां तक नहीं पहुंच सकते हैं। 


तारे से दूरी

यह विशाल ग्रह हमारे सौर मंडल में मौजूद बृहस्पति ग्रह से कई गुना बड़ा है। यह 2M0437b एक्सोप्लेनेट अपने तारे की परिक्रमा 100 खगोलीय इकाइयों की दूरी से करता है। जिसको हम इस तरह समझ सकते हैं कि सूर्य और धरती की बीच की दूरी 1 खगोलीय इकाई है। जिसको सरल रूप में लगभग 15 करोड़ किलोमीटर भी कहते हैं।

जबकि हम अगर अपने सौर मंडल के बौने ग्रह प्लूटो की तुलना करें तो प्लूटो और हमारे सूर्य के बीच की दूरी करीब  40 खगोलीय इकाई ही है। इन सभी उदाहरणों से हमें पता चलता है कि यह ग्रह अपने तारे से बहुत दूर स्थित है। 

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