भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 8.8 अरब डॉलर बढ़कर इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर पर, जानें विस्तार से

भारत एक बहुत तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। जिसके विकाश में हर दिन नए नए कीर्तिमान स्थापित हो रहें हैं। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है।





भारत का विदेशी मुद्रा भंडार

भारत की केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बताया है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इस सफ्ताह के अंत में 8.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर बढ़कर 642 बिलियन डॉलर पर पहुंच चुका है। जो पिछले सप्ताह 16.5 बिलियन डॉलर बढ़कर 633.5 बिलियन डॉलर पर था। भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार से  17 महीनों तक विदेशी खर्चों का बिल चुका सकता है। 

2025 से पहले विदेशी मुद्रा भंडार 

अगर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इसी रफ्तार से बढ़ता रहा। तो भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2023 तक ही 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा छू लेगा। क्यों कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट सिर्फ़ 1 या 2 बिलियन डॉलर की होती है। जबकि वृद्धि 8 बिलियन डॉलर से लेकर 16 बिलियन डॉलर तक होती है। 

टॉप 10 विदेशी मुद्रा भंडार वाले देश

1. चीन                              3.3 ट्रिलियन डॉलर

2. जापान                           1.3 ट्रिलियन डॉलर

3. स्विट्जरलैंड                   1 ट्रिलियन डॉलर

4. भारत                           642 बिलियन डॉलर

5. रूस                                618.1 बिलियन डॉलर

भारत के पड़ोसी पकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार

भारत के पड़ोसी पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 18.1 बिलियन डॉलर है। जो भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में कही निचले स्तर पर है। पाकिस्तान का पिछले सप्ताह की तुलना में 1 बिलियन डॉलर बढ़कर 18.1 अरब डॉलर हो गया है। पाकिस्तान से अच्छा कभी पूर्वी पाकिस्तान कहलाने वाला बांग्लादेश कर रहा है। उसका विदेशी मुद्रा भंडार 43.9 बिलियन डॉलर है। जो पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार से 25.8 बिलियन डॉलर अधिक है। पाकिस्तान की इस हालत के लिए उसका आतंकवाद के प्रति नीतियां हैं। जो उसे धीरे धीरे अंदर से खत्म कर रहा है। 

Post a Comment

Previous Post Next Post