बीसीसीआई के क्रिकेट की दुनिया में सुपरपावर बनने की कहानी

क्रिकेट करोड़ो लोगों का फैवरेट खेल बन चुका है और लोग अपने अपने देश की क्रिकेट टीमों के खिलाड़ियों को पसंद भी करते हैं। खासकर भारत में क्रिकेट तो लोगों के लिए बहुत जुनून हैं। यहां लोग फुटबाल देखना पसंद नहीं करते हैं। लेकिन क्रिकेट लोगों के खून में बहता है।


दुनिया का अमीर क्रिकेट बोर्ड

लेकिन क्या आपको पता है कि आप जिस खेल को ढेर सारा प्यार करते हो। उसके दुनिया भर के क्रिकेट बोर्डों में सबसे अधिक धनवान क्रिकेट बोर्ड कोन सा है। तो आपके मन में एक दम आयेगा कि आस्ट्रेलिया या ब्रिटिश क्रिकेट बोर्ड दुनिया का सबसे धनवान होगा। 

तो यह बिल्कुल गलत साबित होगा। क्योंकि दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड भारत में हैं। जिसका नाम बीसीसीआई है। जिसका पूर्ण नाम भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड है। 

बीसीसीआई कितना अमीर बोर्ड

भारत का बीसीसीआई एक ऐसा खेल संस्थान है जो भारत सरकार के धन पर आश्रित नहीं है। जबकि दुनिया के दूसरे क्रिकेट बोर्ड कभी कभी अपने खिलाड़ियों को सैलरी भी नहीं पाते हैं।

लेकिन दूसरी तरफ भारत के क्रिकेट बोर्ड  के पास अकूत दौलत है और हर वर्ष उसके खजाने में हजारों करोड़ो रुपए आते रहते हैं।   बीसीसीआई का एक वर्ष का राजस्व लगभग 3730 करोड़ रूपए रहता है। जो अमेरिकी मुद्रा में 835 मिलियन डॉलर बनती है। जबकि बीसीसीआई के पास कुल के पास कुल परिचालन आय 2.8 बिलियन डॉलर है। जो भारतीय मुद्दा में 16000 हजार करोड़ रूपए है।  

भारतीय क्रिकेट बोर्ड वर्ष 2019 में 472.22 करोड़ इनकम टैक्स भरा था। जो किसी भी क्रिकेट बोर्ड से अधिक है।

आईपीएल ने बीसीसीआई की किस्मत बदल दी

अगर बीसीसीआई आज इतना अमीर है। तो उसकी सबसे बड़ी वजह आईपीएल है। आईपीएल भारत में होने वाला एक घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट लीग है। जिसकी शुरुआत भारत में 2007 में हुई थीं। जिसमें 8 से अधिक टीमें हिस्सा लेती हैं और दुनिया भर के खिलाड़ी इसमें खेल कर करोड़ों रुपए कमाते हैं। दुनिया का हर क्रिकेट खिलाड़ी इसमें खेलना चाहता है।क्यों कि इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर पैसों की बरसात होती है। आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि बीसीसीआई ने 2019 और 2020 के फाइनेंशियल ईयर में आईपीएल से 2500 करोड़ रूपए कमाएं थे। जब कि बीसीसीआई दुसरे देशों से द्विपक्षीय खेल से मात्र 950 करोड़ रुपए ही कमाएं हैं।

आईपीएल के मीडिया अधिकार से आय

बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट लीग आईपीएल से हर वर्ष करोड़ो रूपए कमाता है। यह बीसीसीआई के लिए कुबेर का खजाना है। जिसने बीसीसीआई की किस्मत को बदल कर रख दिया। जो कभी गरीब क्रिकेट बोर्डों की श्रेणी में आता था। लेकिन 2007 में आईपीएल की शुरुआत से बीसीसीआई को पंख लग गए और वह कुछ वर्षों में ही दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बन गया। 

आप इस बात को जानकर हैरान होगें। कि आईपीएल के 2018 से 2022 तक के मीडिया राइटस को बीसीसीआई ने स्टार इंडिया (Star India) को देकर 16,347.5 करोड़ रुपए कमाएं हैं। जो अमेरिका मुद्रा में 2.3 बिलियन डॉलर हैं। स्टार इंडिया आईपीएल के मैचों का प्रसारण करती है। जिससे वह हजारों करोड़ों रुपए कमाती है।

इसके साथ ही आईपीएल में दो नई टीमें जुड़ने जा रही हैं। बीसीसीआई को जिनकी नीलामी से 5000 से 8000 हजार करोड़ रूपए प्राप्त होंगे।

आईसीसी में बीसीसीआई का आय शेयर

आईसीसी से भारत के क्रिकेट बोर्ड को सभी बोर्डों से अधिक 405 मिलियन डॉलर हर वर्ष प्राप्त होते हैं और जबकि दूसरे क्रिकेट संस्थानों को 128 मिलियन डॉलर ही प्राप्त होते हैं। 

स्पॉन्सरशिप अधिकार से आय

बीसीसीआई ने 2016 से 2020 तक नाइक (Nike) को 370 करोड़ में अपने स्पॉन्सरशिप के अधिकार दिये थे। 2019 में भारतीय टीम का आधिकारिक स्पॉन्सर बायजुस (BYJU's) बना है। जिसने बीसीसीआई से 4 वर्ष के लिए 1079 करोड़ पैसों से स्पॉन्सरशिप के अधिकार लिए हैं। बीसीसीआई ने भारत में होने वाले हर मैच के लिए स्पॉन्सरशिप फीस 60 करोड़ रुपए रखी हैं अर्थात् बीसीसीआई को हर मैच की स्पॉन्सरशिप से 60 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे।

अब आप समझ गए होगे कि आईपीएल भारतीय क्रिकेट बोर्ड का खजाने का भण्डार है। जिसमें से बीसीसीआई जब चाहें कितना भी धन कमा सकता है। 

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