बांग्लादेश में हनुमान की गोद में मुस्लिमों की पवित्र क़ुरान रखने वाला इकबाल हुसैन निकला

बांग्लादेश में नवरात्रि की शुरुआत से हिंदुओं के खिलाफ दंगे शुरु हो गए थे। जिसकी प्रमुख वजह हनुमान की मूर्ति की गोद में रखी क़ुरान थी। जिसको लेकर वहां के मुस्लिमों की भावनाएं आहत हुई। फिर इसी बात का फायदा उठाकर बांग्लादेश के कट्टरपंथियों ने हिंदुओं के प्रमुख पूजा पंडालों और हिन्दू मंदिरों पर हमले शुरू कर दिए। कुछ रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ इस हिंसा में करीब 23 हिंदू महिलाओं के साथ सामूहिक रेप हुए और करीब 10 से ज्यादा लोग मारे गए। इसी के साथ करीब 200 हिंदू मंदिरों में तोड़ फोड़ और आगजनी भी की गईं थीं और इन सब की एक वजह भगवान हनुमान के गोद में रखी क़ुरान बनी थीं।


बांग्लादेश पुलिस ने हनुमान के गोद में रखी पवित्र कुरान की गुत्थी भी सुलझा ली हैं और उन्होंने इस बारे में जो खुलासा किया है। उससे कोई ज्यादा हैरान नहीं हुआ। क्यों कि नवरात्रि पर्व के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की साजिश वहां के कट्टरपंथियों ने पहले ही बना ली थी। जिसको सबसे पहले अंजाम इकबाल हुसैन नाम के व्यक्ति ने दिया। बांग्लादेश पुलिस के अनुसार, इकबाल हुसैन वहीं शख्स निकला है। जिसने हिंदुओं के दुर्गा पूजा पंडाल में भगवान हनुमान के चरणों में मुस्लिमों की कुरान को रखा था। इकबाल हुसैन नाम के इस व्यक्ति ने चोरी छिपे हनुमान के चरणों में क़ुरान रखकर वहां से हनुमान की गधा उठा लाया। जिससे यह व्यक्ती सीसीटीवी कैमरे की नजर में आ गया और इसी आधार पर जब पुलिस ने इस व्यक्ति से पूछताछ की। तब इस व्यक्ति ने सब कुछ बता दिया। 

इस मसले पर बांग्लादेश की विख्यात लेखिका तसलीमा नसरीन ने बहुत ही तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इकबाल हुसैन नाम के व्यक्ति ने हनुमान की मूर्ति की गोद में कुरान रखकर उनका गदा चुरा लिया। उन्होंने बांग्लादेश के इस्लामिक कट्टरपंथियों पर हमला करते हुए कहा कि इक़बाल हुसैन ने क़ुरान का अनादर किया है। अब उसे आप इस्लामवादी जिंदा क्यों नहीं खा रहे हो ? आप सबने पहले हिंदुओं को दोषी ठहराया और हिंदुओं की संपत्तियों को नष्ट कर दिया। जबकि उन्होंने वह घृंदित कार्य किया ही नहीं था।

हिंदुओं के खिलाफ इस हिंसा में अमेरिकी उपराष्ट्रपति के परिवार से ताल्लुक रखने वाली तुलसी गब्बार्ड ने निंदा करते हुए ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया और उसमें उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों व दुर्गा पूजा पंडालों में भगवान के भक्तों के प्रति ऐसी घृणा और हिंसा को देखकर मेरा दिल टूट गया। 


उन्होंने आगे कहा कि ये जिहादियों विश्वास करते हैं कि मंदिरों को नष्ट करके और उनको जलाकर अपने ईश्वर को खुश कर लेंगे। उन्होंने भक्तिवेदेंता स्वामी प्रभुपद की मूर्ति के बारे में कहा कि इस महान संत की मूर्ति को भी हानि पहुंचाई है। बांग्लादेश की सेकुलर सरकार को उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि बांग्लादेश सरकार को इन जिहादियों से हिंदू, बौद्ध और ईसाइयों की सुरक्षा करनी चाहिए।

अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा पर कहा कि अमेरिका दुर्गा पूजा समारोह के दौरान बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और उनके व्यवसायों पर हाल ही में हुए हिंसक हमलों की निंदा करते हैं। उन्होनें आगे कहा कि हमारे विचार हिंदू समुदाय के साथ हैं और हम अधिकारियों से पूरी तरह से जांच करने का आग्रह करते हैं तथा धर्म या विश्वास की स्वतंत्रता एक मानव अधिकार है।

इस्कॉन प्रशासन ने बांग्लादेश में हुईं हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का विरोध 23 अक्टूबर को कीर्तन कर करेंगे। जिसका मकसद हिंदुओं की बांग्लादेश में रक्षा एकजुटता प्रदर्शित करना। इसी के साथ हिंसा के शिकार हुए इस्कॉन सदस्यों और हिंदुओं के लिए न्याय की मांग करना। 


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