दुनिया भर में परमाणु तस्कर के रूप में विख्यात पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक ए क्यू खान नहीं रहें

पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक अब्दुल कादिर खान की आज 10 अक्टूबर को 85 वर्ष की उम्र में मौत हो गई। उन्होंने अपनी अंतिम सांसे पाकिस्तान के शहर इस्लामाबाद के केआरएल अस्पताल में ली हैं। इनका जन्म ब्रिटिश भारत के मध्य प्रदेश राज्य के भोपाल शहर में हुआ था और आजादी के तीन वर्षों के बाद इनका पूरा परिवार 1952 में पाकिस्तान चला गया।पााकिस्तान के लोग इन्हें मुजहिर कह कर पुकारा करते थे। पाकिस्तान में मुजाहीर उन लोगों को कहा जाता था। जो भारत से पलायन कर पाकिस्तान जाते थे। जब अब्दुल कादिर खान भोपाल शहर से पाकिस्तान गया था। तब इनकी उम्र मात्र 16 वर्ष थी। इन्होंने कराची विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ साइंस (BSC) की थीं। 


पाकिस्तान की सरकार ने अब्दुल कादिर खान की प्रतिभा को देखते हुए इनको छात्रवृत्ति देकर पश्चिमी जर्मनी पढ़ने के लिए भेज दिया। 1961 में यह पाकिस्तान से पश्चिमी जर्मनी के लिए निकल गए थे। जहां उन्होंने ने पश्चिमी जर्मनी के तकनीकी विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और वह वहां धातुकर्म के बारे में विस्तार से अध्यन किया और अपने आपको धातुकर्म में निपुण बना लिया। पश्चिमी जर्मनी के तकनीकी विश्वविद्यालय से निकलकर उन्होंने 1965 में नीदरलैंड के "डेलफ्ट तकनीकी विश्वविद्यालय" में दाखिला लिया था। नीदरलैंड में अब्दुल कादिर खान ने महत्वपूर्ण यूरोपियन यूरेनियम संवर्धन निगम में शामिल हो गए। यहीं से ए क्यू खान ने परमाणु हथियार बनाने और यूरेनियम संवर्धन की तकनीक को धीरे धीरे चुराना शुरू कर दिया और चुराई हुई सारी जानकारी को वह पाकिस्तान भेजते रहें थे।


ए क्यू खान बहुत ही विवादित और पूरी दुनिया के लिए खतरनाक इंसान साबित हुआ। जिसने पहले यूरोपीय देशों से किसी तरह से परमाणु हथियार बनाने की तकनीक को चुराया और बाद में पाकिस्तान में आ जानें के बाद उसने यूरेनियम संवर्धन की तकनीक उत्तर कोरिया, लीबिया, ईरान और अफ़गानिस्तान जैसे देशों को बेच दी। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक ने करीब 30 देशों को यूरेनियम संवर्धन की तकनीक बेची थी। इसलिए दुनिया अब्दुल कादिर खान को सबसे बडा परमाणु तस्करी का गिरोह चलाने वाले मुखिया के रूप में जानती है। हालाकि ए क्यू खान की इस चोरी की डच प्रधानमंत्री ने 2005 में दुनिया के सामने खुलासा कर दिया कि नीदरलैंड 1975 और 1985 में अब्दुल कादिर खाअब्दुल कादिर खान को गिरफ्तार करना चाहता था। लेकिन अमेरिका की सीआईए ए क्यू खान की गिरफ्तारी के बिल्कुल खिलाफ़ थी। कुछ रक्षा जानकारों का भी कहना कि पाकिस्तान को परमाणु शक्ति से संपन्न बनने में अमेरिका का सबसे बड़ा योगदान रहा है और अमेरिका की वह गलती उसी पर बहुत भारी पड़ रही है। क्यों कि उत्तर कोरिया और ईरान अमेरिका के जानी दुश्मन देश हैं। जिनमें उत्तर कोरिया ने पाकिस्तान से खरीदी परमाणु तकनीक के बल पर वह परमाणु शक्ति संपन्न देश बन गया है और इसके बदले में पाकिस्तान ने उत्तर कोरिया से परमाणु मिसाइल  की तकनीक प्राप्त की। जबकि दूसरी तरफ ईरान भी परमाणु हथियार प्राप्त करने की पुरी कोशिश कर रहा है। ईरान को भी परमाणु तकनीक भी पाकिस्तान से प्राप्त हुई थी।

भारत के जानें माने पत्रकार

जब अमेरिका ने ए क्यू खान को 2005 में परमाणु तकनीक की तस्करी करते हुए पकड़ा था। तब विश्व की प्रसिद्ध टाइम्स पत्रिका ने 2005 में एक शीर्षक से अब्दुल कादिर खान को नवाजा था। टाइम्स पत्रिका ने अपने कवर पेज पर कादिर खान के विषय में लिखा था कि ए क्यू खान एक खतरे का व्यापारी (The Merchant of Menace) है। 


टाइम्स पत्रिका के अनुसार, अब्दुल कादिर खान का उस समय मुख्य उद्देश्य था कि वह किसी भी तरह से पाकिस्तान के लिए परमाणु हथियार की तकनीक को प्राप्त करेगा। जिसके लिए ए क्यू खान ने नीदरलैंड में अपनी साजिश रचना शुरु कर दी थी। उसने सबसे पहले नीदरलैंड से परमाणु बॉम्ब और यूरेनियम संवर्धन की तकनीक को चुराया था। 

Credit टाईम्स की 2005 की पत्रिका, जिसके कवर पेज पर खतरनाक व्यापारी


पाकिस्तान के लोग अब्दुल कादिर खान को राष्ट्रीय हीरो मानते हैं। क्यों उन्होंने पाकिस्तान को पहला परमाणु शक्ति संपन्न मुस्लिम देश बनाया था। हालाकि वह यह भूल जाते हैं कि उनके परमाणु हथियार चोरी की तकनीक से बनाये हैं। अब्दुल कादिर खान को दुनिया सिर्फ  मौत का व्यापारी  और परमाणु तकनीक का सबसे बड़ा तस्कर मानती है। जिसके कारण दुनिया आज संकट का सामना कर रही है। क्यों कि अगर आज उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार बनाने की तकनीक न मिली होती। तो आज उत्तर कोरिया की तस्वीर कुछ बदली हुई प्रतीत होती।


अब्दूल कादिर खान की मौत पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और परमाणु तकनीक की चोरी करने वाले अब्दुल कादिर खान की तारीफ करते हुए ट्विटर पर लिखा कि उन्हें डॉ अब्दुल कादिर खान के निधन से गहरा दुख हुआ। पाकिस्तान को परमाणु हथियार संपन्न देश बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें पाकिस्तान ने प्यार किया। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने आगे कहा कि अब्दुल कादिर खान ने हमें एक आक्रामक बहुत बड़े परमाणु से संपन्न पड़ोसी के खिलाफ सुरक्षा प्रदान की है। पाकिस्तान के लोगों के लिए वह एक राष्ट्रीय प्रतीक थे।


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