दुनिया का सबसे प्राचीनतम धर्म

दुनिया का सबसे प्राचीनतम धर्म

सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीतम धर्म है। जिसका अस्तित्व 10,000 वर्षों से पहले से हैं। हम अपनी सिन्धु घाटी सभ्यता से ही अनुमान लगा सकते हैं। जिसमें भगवान शिव की पूजा का प्रमाण मिला है। इतिहासकार कहते हैं कि सिन्धु घाटी सभ्यता का उदय काल आज से 6,000 से 7,000 वर्ष पहले था। जब कि दूसरे धर्म कुछ हजार वर्ष पुराने ही हैं।

अंगकोर वाट का मंदिर

सनातन का अर्थ

सनातन का अर्थ होता है कि जो सदा से था, आज भी है और  आगे भी रहेगा। अर्थात सनातन धर्म का कभी अंत नहीं होगा। अंत उनका होता है जिनका जन्म हुआ हो, लेकिन जिसने जन्म ही नहीं लिया। तो उसका अंत कहां से होगा। अर्थात वह ब्रह्म ही सनातन हैं।

सनातन धर्म का दुसरा नाम

सनातन धर्म का दुसरा नाम हिंदु धर्म है। जो आज वर्तमान समय में पूरी दुनिया में जाना जाता है। हिन्दू धर्म का हिंदु शब्द भारत की प्राचीन और पवित्र नदी सिंधु नदी से प्रकट हुआ है। जब हमारे देश में फारस के फारसी लोग भारत आते थे तो वे लोग सिन्धु के "स" को  "ह" कहते थे। इसलिए सनातन धर्म का दुसरा नाम हिंदु धर्म भी पड़ा।

सनातन धर्म (हिन्दू धर्म) का उद्देश्य:

हिन्दू धर्म जीवन जीने की एक कला हैं। हिंदु धर्म में सभी लोग अपने विचारों को प्रकट कर सकते हैं और स्वतंत्र रूप से अपनी धार्मिक, भावनाओं और सांसारिक जीवन को सुखमय जी सकता है। हिन्दू धर्म के अनुयायियों को जीवन कैसे जीना हैं। ये लोग ख़ुद तय कर सकते हैं। कोई नियम या कानून नहीं जो लोगों को उनके स्वतंत्र जीवन जीने में बाधा बने।

भारत के उच्चतम न्यायालय ने अपने एक आदेश में कहा था कि हिन्दू धर्म जीवन जीने का एक रास्ता है। जिसमें अनेकों प्रथाएं, त्यौहार और रीति रिवाज हैं। इसमें धर्म की संकीर्णता नहीं है। जो हिन्दू धर्म किसी व्यक्ति के जीवन पर थोपे। बल्कि ये उस व्यक्ति को पूरी स्वतंत्रता से जीवन जीने की छूट देता है। 

एक सर्वोच्च शक्ति :

हिंदू धर्म में ब्रह्मा, विष्णु और शिव तीन प्रमुख शक्तियां हैं। ब्रह्मा संसार के रचयिता हैं तथा विष्णु पालनकर्ता और संरक्षक का कार्य करते हैं और शिव ब्रह्मा द्वारा निर्मित इस ब्राह्मण को नष्ट करने वाले हैं। सनातन अर्थात हिंदू धर्म में, ब्रह्म सर्वशक्तिमान है, जो हर जीवित प्राणी में आत्मा के रूप रहता हैं। 

ब्रह्मा विष्णु महेश


इसलिए हिन्दू धर्म में कहा गया कि हर प्राणी और मानव में नारायण का वास होता हैं। अर्थात भगवान विष्णु सभी के अंदर हैं। इसलिए ही हिन्दू धर्म मानने वाले लोग पूरी दुनिया को अपना परिवार मानते हैं और दुनिया के लोगों को अपना बंधु मानते हैं।

तीन संप्रदाय :

1.वैष्णव सम्प्रदाय

वैष्णव सम्प्रदाय भगवान विष्णु से संबंधित है। 

2.शैव संप्रदाय

शैव संप्रदाय भगवान शिव से संबंधित है।

3.शक्ति संप्रदाय

शक्ति संप्रदाय माता आदि शक्ति से संबंधित है। जिसमें इस ब्रह्मांड की उत्पत्ति एक "नारी शक्ति" हुआ बताया गया है।

प्राचीन शास्त्र:

वेद:      

वेद हिदूं धर्म व सनातन संस्कृति के सबसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथ हैं। कहा जाता है कि वेद ईश्वर के "वचन" हैं। वेदों की संख्या 4 हैं। इन सभी 4 वेदों की भाषा "वैदिक संस्कृत" है। प्राचीन भारतीय महर्षि "वेद व्यास" ने वेदों को लिपिबद्ध किया। ऋग्वेद चारों वेदों में सबसे प्राचीन वेद है जिसको 1500 ईसा पूर्व से 1200 ईसा पूर्व लिपि बद्ध किया।

  1.  ऋग्वेद
  2.  अर्थवेद
  3.  यजुर्वेद
  4.  सामवेद 

दो महाकाव्य

1.महाभारत 

इसको जयसहिंता के नाम से भी जाना जाता है। इसमें पाण्डव और कोरवो के युद्ध का वर्णन है। महाभारत के युद्ध के समय भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया।

2. रामायण

रामायण भगवान राम की जीवन गाथा है। जिसमें उनके मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम बनने के गुणों को बताया गया है। इसके साथ ही इसमें लंका के राजा रावण के साथ भगवान राम के युद्ध का भी वर्णन किया गया है।

पुराण

सनातन संस्कृति में 18 पुराण हैं। ब्रह्म पुराण सबसे प्राचीन पुराण हैं। जिसको आदिपुराण अथवा प्रथम पुराण के नाम से भी जाना जाता है। इस पुराण में ब्रह्मा की उत्पत्ति की कथा और ब्रह्मांड, मनु के जन्म की कथा, वंश के बारे में वर्णन, देवों , देवियों और प्राणियों की उत्‍पत्ति का विस्तृत विवरण  मिलता है। 

पुराणों के क्रमबद्ध नाम

 ब्रह्मांड और भविष्य

  1. ब्रह्म पुराण 
  2. पद्म पुराण
  3. विष्णु पुराण
  4. वायु पुराण  (शिव पुराण)
  5. भागवत पुराण -- (देवीभागवत पुराण)
  6. नारद पुराण
  7. मार्कण्डेय पुराण
  8. अग्नि पुराण
  9. भविष्य पुराण
  10. ब्रह्म वैवर्त पुराण
  11. लिङ्ग पुराण
  12. वाराह पुराण
  13. स्कन्द पुराण
  14. वामन पुराण
  15. कूर्म पुराण
  16. मत्स्य पुराण
  17. गरुड़ पुराण
  18. ब्रह्माण्ड पुराण

प्रमुख पवित्र चिन्ह

"ॐ" हिन्दू धर्म और सनातन संस्कृति का सबसे पवित्र चिन्ह माना गया है। इसको ब्रह्मांड की ध्वनि भी के रूप में भी जाना जाता है। ॐ के उच्चारण से ऐसा लगता है कि हम किसी पारलौकिक दुनिया में आ जातें हैं।


 "स्वास्तिक" चिन्ह भी हिंदू धर्म में पवित्र चिन्ह माना जाता है।

स्वास्तिक

मानव जीवन का उद्देश्य

हर मानव का पहला और अंतिम उद्देश्य "मोक्षय" प्राप्ति होना चाहिए। ताकि मानव  जीवन और मृत्यु के चक्र से मुक्त होकर उस परम ब्रह्म में विलीन हो जाएं।


हिन्दू धर्म को मानने वाले 

हिन्दू धर्म को मानने वाले ज्यादातर लोग भारत में ही रहते हैं। भारत में हिंदुओ की आबादी 2021 में 1.04 बिलियन है। जब कि पूरी दुनिया में हिंदू धर्म को मानने वाले लोग करीब 1.25 बिलियन लोग हैं। भारत और नेपाल में हिंदू सबसे ज्यादा हैं।

प्रमुख त्यौहार

1.होली

रंगों का त्यौहार। होली त्यौहार की शुरुआत एक मान्यता के अनुसार हिरण्यकश्यप की बहन होलिका अपने भतीजे प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि की चिता पर बैठ गई थी। होलिका को अग्नि  देव ने अग्नि से कभी  भी न जलने का वरदान दिया था लेकिन होलिका भगवान विष्णु के तेज को सहन नहीं कर सकी और जिससे होलिका जलकर भस्म हो गई। इसी दिन से होली त्यौहार की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन सभी लोगों से यह उम्मीद की जाती है कि अपने अंदर के सभी दुर्भावनाओं को होली दहन के साथ ही उनका भी दहन कर देना चाहिए।

2.दीवाली

उजाले का त्यौहार।  दीवाली त्यौहार भगवान राम के द्वारा 14 वर्ष  का वनवास खत्म कर वापस अयोध्या लौटने पर सभी अयोध्या वासियों ने पूरी अयोध्या को दीपों से जगमगा  दिया था।

दीवाली


3.रक्षाबंधन

बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती और भाई बहन की। रक्षा का वचन देता।

4.भाईदूज

भाई दूज भी बहन भाई का त्यौहार है। 

5.नवरात्रि पर्व

नवरात्रि नारी शक्ति की पूजा को दर्शाता है। इस त्यौहार पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। सनातन धर्म के मानने वाले, मां दुर्गा से इस ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई मानते हैं। मां दुर्गा के नौ रूप इस प्रकार हैं।

मां दुर्गा

1.शैलपुत्री
2.ब्रह्मचारिणी
3.चंद्रघंटा
4.कूष्माण्डा
5.स्कंदमाता
6.कात्यायनी
7.कालरात्रि
8.महागौरी
9.सिद्धिदात्री

योग

योग हिंदू धर्म की सबसे महान देन है दुनिया को, आज योग के कारण सनातन संस्कृति को बहुत पसंद और इसके प्रति लोगों का सम्मान बढ़ा।योग भारत में प्राचीन काल में भगवान शिव से उत्पन हुआ। आज योग पूरी दुनिया में सब लोग करते हैं।

योग

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