सऊदी अरब ने अपने देश में महाभारत, रामायण पढ़ाने की शुरूआत की।

सऊदी अरब ने अपने देश में महाभारत, रामायण पढ़ाने की शुरूआत की।


दरअसल  सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का एक विजन 2030 है, 2030 तक वो सऊदी अरब को एक कट्टर इस्लामिक और धार्मिक असहिष्णु देश से एक सहिष्णु , धर्म के मामले में दुसरे धर्म के लोगों के लिए उदार और कट्टर इस्लामिक सोच से मुक्त देश में बदलना चाहते हैं।

इसलिए सऊदी सरकार और वहां क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अपने देश के बच्चों को भारत के इतिहास से अवगत कराने के लिए अपने देश में हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथ रामायण, महाभारत, योग और आयुर्वेद को अपने देश की शिक्षा प्रणाली में शामिल किया। 

इसके साथ ही उन्होंने बुद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म को भी अपनी शिक्षा प्रणाली में शामिल किया। जिससे वहां के बच्चे आगे चल कर भारत और सऊदी अरब के लिए समन्वय स्थापित कर सके और एक दुसरे के इतिहास के बारे में जानकारी हो।

सऊदी अरब की भी एक बड़ी मजबूरी है क्यों कि आज की दुनिया जल्द ही जीवाश्म ईंधन से रिन्युवल एनर्जी पर शिफ्ट हो जायेगी। जिससे सऊदी अरब को उस समय में दुनिया से कहीं पीछे छूट जानें का डर है। क्यों कि तेल का खेल अब कुछ समय में समाप्त होने वाला है, जबकि सऊदी अरब की 70% अर्थव्यवस्था जीवाश्म ईंधन पर निर्भर है। अब उसको आगे भविष्य में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है तो उसको अपने देश से कट्टर इस्लामिक कानून , धार्मिक सहिष्णु और इस्लाम तथा गैर इस्लामिक लोगों के बीच भेद भाव मिटाना होगा।

ये सब करने के बाद ही दुसरे देश सऊदी अरब में अपना निवेश करेंगे और दुसरे देशों के गैर मुस्लिम लोग वहां एक पर्यटक के रूप में जाना पसंद करेंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो सऊदी अरब का भविष्य वैसा ही होगा जैसा 1950 में था। इसलिए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अपने देश को बड़ी तेजी से बदल रहें। जैसे कि सऊदी अरब की महिलाओं को कार चलाने की अनुमति देना, अकेले विदेश यात्रा करना, और दुसरे महत्वपूर्ण निर्णय लिये।

इधर पाकिस्तान, बांग्लादेश में लोग कट्टर सोच को बढ़ावा दे रहे हैं। जिसमें पाकिस्तान तो सबसे आगे निकल गया। जहां धर्म के सिवाय सब गलत काम हो रहें हैं जैसे गैर मुस्लिम की बेटियों को उठाकर उनका धर्म बदल कर मुस्लिम से शादी करना, हिंदुओं और दुसरे गैर मुस्लिम को ईश निंदा कानून में फ़साना, हिंदुओं के मदिरों को तोड़ना। इस समय जब दुनिया का बड़ा इसलामिक देश सऊदी अरब अपने आप को भविष्य की दुनिया के लिए बदलना चाहता है l जबकि भीख मांग कर कर गुजारा करने वाले देश आज कट्टर सोच को बढ़ावा दे रहे हैं। 

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 का उद्देश ही है कि कैसे भी सऊदी अरब को 2030 के बाद की ग्लोबल दुनिया में सऊदी अरब अपना प्रभाव बनाये रख सकें और आर्थिक विकास में वो भी दुसरे देशों की तरह ही आगे विकास करे। 

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