अब पूरे चीन को भारत की यह खतरनाक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल कवर करती, सफल परीक्षण के बाद चीन में कहीं भी हमला करने में सक्षम

भारत का मिसाइल प्रोग्राम बहुत ही तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। इसी पड़ाव में भारत ने आज 27 अक्टूबर 2021 को सतह से सतह मार करने वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण  किया। यह सफल परीक्षण भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का पहला सफल परीक्षण 19 अप्रैल 2012 को किया गया था। 

भारत सरकार ने अग्नि-5 बैलेस्टिक मिसाइल के परीक्षण के बारे में जानकारी दी है कि डीआरडीओ ने अग्नि-5 बैलेस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण आज उड़ीसा के अब्दूल कलाम द्वीप से किया है। इस अग्नि-5 बैलेस्टिक मिसाइल के बारे में सरकार ने आगे बताया है कि इस मिसाइल के तीनों चरणों में ठोस ईंधन वाले इंजन का प्रयोग किया गया है तथा इसने बहुत ही उच्च सटीकता के साथ 5000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेदने में सफल रहीं है।  लेकिन अनौपचारिक रूप से अग्नि-5 आईसीबीएम मिसाइल 8,000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भी भेद सकती है।

चीन ने आपत्ति जताई 

अग्नि 5 आईसीबीएम मिसाइल परीक्षण 23 सितंबर 2021 को होना तय था। लेकिन किसी टेक्निकल कारण से इसे आगे बढ़ा दिया गया। किंतु भारत के अग्नि-5 मिसाइल परीक्षण पर चीन ने आपत्ति जताई थी। चीन के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा था कि भारत को अग्नि-5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल  का परीक्षण नहीं करना चाहिए। भारत के अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण न करने का कारण चीन ने यूएन के रेजोल्यूशन 1172 को बताया था। जो भारत और पाकिस्तान दोनों देशों को बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण बंद करने को कहता है। 

इसी बात को लेकर चीन ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा था कि अमेरिका उत्तर कोरिया और ईरान के साथ सख्ती से निपटा है और भारत के मिसाइल प्रोग्राम के बारे में कुछ नहीं कहता है। 

अग्नि-5 बैलेस्टिक मिसाइल की विशेषता

अग्नि-5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल की विशेषता यह है कि यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और यह 2 से 10 तक परमाणु बम अपने साथ ले जा सकती है। इसी के साथ अग्नि-5 मिसाइल में एक बार में ही अनेकों लक्ष्य भेदने की क्षमता है अर्थात यह मल्टीपल इंडिपेंडेंट टार्गेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRVs) की तकनीक से लैस है। जो इस मिसाइल को अधिक खतरनाक बनाती है। यह अपने साथ 1500 किलोग्राम (3300 पौंड) का वारहेड ले जाने में सक्षम है। इसका कुल वजन लगभग 50,000 किलोग्राम तक है तथा इसकी लंबाई 17.5 मीटर है। इसी के साथ इसका व्यास 2 मीटर (6 फिट 7 इंच) है। इसकी अधिकतम रफ़्तार 29401 किलोमीटर प्रति घंटा (18,269 मील प्रति घंटा) है। यह एक सेकेंड में 8.1 किलोमीटर की दूरी तय कर सकतीं है। 

अग्नि-5 आईसीवीएम का मार्गदर्शन माध्यम

अग्नि-5 मिसाइल का नेविगेशन सिस्टम "रिंग लेजर गायरोस्कोप जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली" पर आधारित है। इसका वैकल्पिक संचार माध्यम "नाविक उपग्रह मार्गदर्शन (NavIC)" है

अग्नि-5 को विकसित किया

अग्नि-5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल को भारत को भारत सरकार के सरकारी उपक्रम रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारत डायनामिक्स लिमिटेड  (Bharat Dynamics Limited) ने मिलकर इसको विकसित किया है।  इसकी डिजाइन रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने तैयार की है और इसका उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड कर रहीं है। एक अग्नि-5 मिसाइल की कीमत करीब 50 करोड़ भारतीय रूपए ( 7 मिलियन यूएस डॉलर) है।

संछिप्त में

मिसाइल                       अग्नि-5 ICBM

तत्कालिक परीक्षण         27 अक्टूबर 2021

परीक्षण स्थल                उड़ीसा, अब्दूल कलाम द्वीप

भूतपूर्व नाम                   व्हीलर द्वीप

पहला परीक्षण                13 अप्रैल 2012

मिसाइल मैन ऑफ इंडिया      

        एपीजे अब्दूल कलाम 

डिजाइनकर्ता              

        रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) 

उत्पादनकर्ता

       भारत डायनामिक्स लिमिटेड

मारक क्षमता।                     5,000 आधिकारिक

अधिकतम रफ़्तार।           29,401 किलोमीटर प्रति घंटा

एक अग्नि 5 की कीमत।       50 करोड़ रूपए

कुल वजन।                         50,000 किलोग्राम

हथियार ले जाने में सक्षम      1500 किलोग्राम

लंबाई                                17.5 मीटर

व्यास                                 2 मीटर 

मुख्य विशेषता।                  MIRVs तकनीक

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