चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के चीन से बाहर जाते ही शी जिनपिंग के शत्रु उनकी सरकार का तख्ता पलट कर देगें।

भारत के जानें माने रणनीतिकार, लेखक और टिप्पणीकार  ब्रह्मा चेलाने ने चीनी राष्ट्रपति के बारे में एक बहुत ही चौकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग चीन से बाहर जानें को लेकर डर रहें हैं। उन्होंने अपनी बातों में सच्चाई लाने के लिए कुछ तथ्य भी पेश किए। जिसमें उन्होंने बताया कि चीनी राष्ट्रपति ने पूरे 1 वर्ष 9 महीनों से चाइना से बाहर अपना एक कदम भी नहीं रखा है और यहां तक शी जिनपिंग रोम में होने वाली G20 देशों के सम्मेलन में भी शामिल होने नहीं जायेंगे। जब अमरीकी राष्ट्रपति बिडेन ने द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन बुलाने को कहा था। तब चीनी राष्ट्रपति ने इस शिखर सम्मेलन को ऑनलाइन करने पर ही सहमती ही दी। रणनीतिकार ब्रह्मा चेलेनी का कहना है कि चीनी राष्ट्रपति बाहर जानें से डर रहे हैं कि यदि वह चीन से बाहर जायेंगे तो उनका तख्ता पलट कर दिया जायेंगे।


मुख्य बातें

1.चीनी राष्ट्रपति ने अपने घर में अनेकों शत्रु तैयार कर लिए।
2.कोविड 19 के बाद चीनी राष्ट्रपती का कोई विदेश दौरा नहीं हुआ।
3.शी जिनपिंग के लिए सीसीपी व चीनी जनता में फैली नाराजगी।

वर्तमान समय में चीन दुनिया में जिस तरह से अलग थलग पड़ गया है। उसको देखकर चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी (CCP) के लोगों में शी जिनपिंग के खिलाफ विद्रोह के सुर उठने लगे हैं। ब्रह्मा चल्लाने ने आगे बताया कि कुछ विश्वासपात्र रिपोर्टों के अनुसार, इस समय चीन में सत्तारूढ़ कम्यूनिस्ट पार्टी के भीतर जबरदस्त सत्ता संघर्ष चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह सच साबित होता है तो चीनी राष्ट्रपति एक शासन प्रमुख के बावजूद सबसे शक्तिशाली और अजेय राष्ट्रपति नहीं बनने वाले हैं।  खासकर चीनी राष्ट्रपति ने चाइना में जो अपने शत्रु तैयार किए हैं, उनकी शत्रुओं की संख्या को देखते हुए ऐसा बिल्कुल नहीं कहा जा सकता है।


ब्रह्मा चेलाने के अनुसार, चीनी राष्ट्रपती ने वर्ष 2019 के आखिरी महीनों के बाद से ही चीन से बाहर नहीं गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि यह महत्वपूर्ण बात है कि चीन से पूरे विश्व में फैली  कोविड 19 महामारी के बाद से ही शी जिनपिंग चीन से बाहर नहीं गए हैं। उन्होंने शी जिनपिंग की अंतिम विदेश यात्रा के बारे में भी बताया है कि चीनी राष्ट्रपति 17 से 18 जनवरी 2020 में केवल म्यांमार की यात्रा पर गए थे। जबकि इसी यात्रा के कुछ दिनों बाद उनकी सरकार ने चीन के हुबेई प्रांत में फैली कोविड 19 की महामारी को स्वीकार किया था। जिसके बाद हुबेई प्रांत को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।

        

ब्रह्मा चेलाने का यहां साफ़ साफ़ कहना है कि यदि चीनी राष्ट्रपति चीन से बाहर विदेश यात्रा पर जाते हैं। तो संभव है कि उनकी सरकार का तख्ता पलट हो जाएं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर बहुत बड़ी संख्या में अपने शत्रु बना किए हैं। जिनको मौका मिलते ही शी जिनपिंग को सत्ता से बेदखल कर सकते हैं। चीनी राष्ट्रपति के लिए कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CCP) व चीनी जनता में भी बहुत ज्यादा नाराजगी है। क्यों कि उनकी बहुत से क्षेत्रों में रणनीतियां विफल रही हैं। कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना व जनता के मानना है कि शी जिनपिंग न तो कोविड 19 महामारी रोक पाये और इसी के साथ चीन विदेशों में अलग थलग पड़ने लगा है। इसके साथ ही चीन की प्रतिष्ठा को दुनिया भर में धक्का लगा वो अलग से।



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