आनंद महिंद्रा ने देश के दोनों ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट को दिवाली पर सबसे मंहगा गिफ्ट दिया

भारत के लिए ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपडा और सुमित अंतिल दोनों को आनंद महिंद्रा ने एसयूवी 700 कार देने का वादा किया था। उन्होंने अपने वादे को पुरा करते हुए दोनों ओलंपियंस को नई एसयूवी 700 कार गिफ्ट कर दी। 


नीरज के घर पहुंची एसयूवी 700

नीरज चोपड़ा के घर जब एसयूवी 700 कार पहुंची। तो इसको लेकर नीरज चोपड़ा बहुत ही उत्सुक और खुश लग रहें थे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर एसयूवी 700 कार के बारे में लिखा कि न्यू पहियों के जोड़ों के लिए आनंद महिंद्रा जी धन्यवाद। मैं बहुत ही जल्द कार को स्पिन के लिए बाहर निकालने के लिए उत्सुक हूं।


महिंद्रा एसयूवी 700 के साथ पोज

ट्वीटर पर शेयर किए गए फ़ोटो में नीरज चोपड़ा कार के पास खड़े होकर बेहतरीन तरीके से पोज दे रहे हैं। इसके साथ ही कार की बोनट पर खुबसूरत भाला फेकते हुए खिलाड़ी का चित्र बना हुआ है और जिसमें 87.58 अंकित है। उन्होंने जापान के ओलिंपिक 2021 में 87.58 मीटर भाला फेंक कर अपना नाम इतिहास में दर्ज करवा लिया है। 

नीरज चोपड़ा की जीवनी

नीरज चोपड़ा का जन्म 23 दिसंबर 1997 को हरियाणा के पानीपत शहर के एक गांव खांद्रा में हुआ था। वह एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता का नाम सतीश कुमार है और जो एक छोटे किसान हैं। नीरज की माता का नाम सरोज देवी है और वह एक साधारण सी गृहणी हैं। 

मिल्खा सिंह आदर्श

नीरज चोपड़ा भारत के एक विख्यात एथलीट हैं। उन्होंने मिल्खा सिंह को अपना आदर्श माना है। मिल्खा सिंह भारत के जानें माने ओलंपियन रहें थे। लेकिन नीरज चोपड़ा के ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने से पहले ही मिल्खा सिंह का निधन हो गया था। जिसको लेकर नीरज चोपड़ा ने अपना दुःख भी प्रकट किया था और उन्होंने कहा था कि यह गोल्ड मेडल महान मिल्खा सिंह को समर्पित करते हैं।


नीरज चोपड़ा ने अपने बचपन से ही भाला फेंकने का अभ्यास किया करते थे। वह 11 वर्ष की उम्र में पानीपत के स्टेडियम में जय चौधरी को भाला फेंकते हुए देखा करते थे। उन्हीं को देखकर नीरज चोपड़ा जेवलिन थ्रो नामक खेल से जुड़े। 

नीरज चोपड़ा सेना से जुड़े

नीरज चोपड़ा भारत की सेना में सूबेदार हैं। जिनका दस्ता राजपूताना राइफल्स है और उनको विशिष्ट सेवा पदक भी मिल चुका है।

पैरा एथलीट सुमित अंतिल को महिन्द्रा का एसयूवी 700 गिफ्ट

नीरज चोपड़ा के साथ सुमित अंतिल को भी आनंद महिंद्रा ने एसयूवी 700 कार गिफ्ट की है। उन्होंने भारत का पैरा ओलंपिक के जेवलिन थ्रो गेम में प्रतिनिधित्व किया था। सोनीपत के रहने वाले सुमित अंतिल ने टोक्यो ओलंपिक में 68.55 मीटर भाला फेंक कर इतिहास रचा। 


सुमित अंतिल का जीवन

सुमित अंतिल का जन्म 6 जुलाई 1998 को खेवड़ा , पानीपत हरियाणा में हुआ था। उनके परिवार में केवल मांऔर उनकीतीन बहनें हैं। हालाकि जब वह मात्र 7 वर्ष के थे तब उनके पिता की मृत्यु हो गईं थीं। 

सुमित अंतिल मात्र 17 वर्ष में विकलांग

सुनीत अंतिल अपने सपने के लिए हमेशा संजीदा रहते हैं। उनका सपना भारतीय सेना में भर्ती होने का था। लेकिन मात्र 17 वर्ष की आयु में उनकी मोटर साइकिल का तेज रफ्तार से आते ट्रक से टक्कर हो गई। उस दुर्घटना में उन्होंने अपना बायां पैर गंवा दिया था। जिस कारण से वह विकलांग हो गए। 

किंतु उन्होंने कभी हार नहीं मानी और पैरा ओलंपिक खेलों के लिए तैयारी शुरू कर दी। आज उसी मेहनत का परिणाम है कि सुमित अंतिल ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। 


उनकी इसी मेहनत को देखकर भारत के जानें माने उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने उन्हें एसयूवी 700 देने का वादा किया था। जिसको उन्होंने सुमित अंतिल को देकर अपना वादा निभाया। सुमित अंतिल आनंद महिंद्रा के प्यारे गिफ्ट को पाकर खुश हैं। उनके चेहरे पर एसयूवी 700 को प्राप्त करने की खुशी झलक रही है। 



एसयूवी 700 की खूबियां

महिन्द्रा एसयूवी 700 पांच सीटों वाली है। जो पेट्रोल और डीजल दोनों में उपलब्ध है। जिसका रोड मूल्य 14.84 लाख से शुरू होकर 27.51 लाख तक है। जिसमें बीमा और रजिस्ट्रेशन दोनों सम्मलित हैं। एसयूवी 700 के बाजार में 23 माॅडल उपलब्ध हैं। इसी के साथ एसयूवी 700 दो इंजन में भी मिल जायेगी। जिसमें बीएस 6 के सारे फीचर विद्यमान हैं।

अगर आप इसको खरीदना चाहते हो तो आपको इसकी पहले बुकिंग करानी पड़ेगी। क्योंकि कोविड 19 के कारण सेमी कंडक्टर चिप की कमी पड़ गई है। जिस कारण सभी परिवहन कंपनियों के उत्पादन में बड़ी कमी दर्ज की गई है। 

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