बांग्लादेश के इस्लामिक कट्टरपंथियों ने पहले दुर्गा पंडालों व मूर्तियों को खंडित किया और फिर हिंदुओं को मंदिरों में दुर्गा पूजा करने से रोका

बांग्लादेश जिसको भारत ने 1971 में पाकिस्तान के अत्याचारों से आजाद कराया था। बांग्लादेश आजादी  के कुछ समय इस्लामिक कट्टरपंथ से दूर रहा था। इसी कारण से बांग्लादेश की स्थापना शुरुआत में एक धर्मनिरपेक्ष देश के रूप में हुई थी। जिससे लग रहा था कि बांग्लादेश पाकिस्तान की तरह बर्बादी वाली कट्टरपंथी सोच के पीछे नहीं जायेगा। लेकिन वर्तमान में बांग्लादेश में जो हो रहा है। वो एक सभ्य समाज और सभ्य सुसंस्कृत लोगों का बांग्लादेश नही हो सकता है। बांग्लादेश में बढ़ती इस्लामिक कट्टरपंथी ताकते बांग्लादेश को दूसरा पाकिस्तान और अफगानिस्तान बनाने की ओर अग्रसर हैं। भारत के पड़ोसी देश में बढ़ती कट्टरपंथी इस्लामी सोच का नतीजा है कि वहां हिंदुओं पर कट्टरपंथी लोगों के द्वारा लगातार हमले हों रहें हैं। 


बांग्लादेश के इस्लामिक कट्टरपंथियों ने बांग्लादेश में हिंदुओं के दुर्गा पंडालों पर हमला कर दिया और सभी मां दुर्गा की मुर्तियों, पंडालों को नष्ट कर दिया। यह घटनाएं बांग्लादेश में कोई एक जगह पर नहीं हो रही हैं। हर जगह पर कट्टरपंथी अलग अलग बहाना बनाकर दुर्गा पंडालों पर हमले कर रहें हैं। ऐसी ही घटना बांग्लादेश के कोमिला में  घटित हुई है। जहां के कुछ कट्टरपंथी लोगों ने कोमिला के दुर्गा पूजा पंडाल में क़ुरान को भगवान हनुमान के चरणों में रख दिया और फिर वहां के मुसलमानों को भड़काकर कोमिला दुर्गा पूजा पंडाल पर हमला करवा दिया। इस हमले के बाद बांग्लादेश की पुलिस और वहां की सरकार ने कट्टरपंथियों के खिलाफ़ कुछ नहीं किया। बल्कि कोमिला दुर्गा पंडाल को इस वर्ष के लिए बंद कर दिया है।


हम कुछ वर्षों से बांग्लादेश में देखते आ रहें हैं कि बांग्लादेश के कट्टर सोच वाले लोग किसी न किसी तरह से हिंदु त्योहारों को अपना निशाना बना रहें हैं। इन्हीं में कोमिला दुर्गा पंडाल भी शामिल हो गया है। इसी तरह ढाका के शंखनिधि मंदिर पर स्थानीय कट्टर मुस्लिमों ने हमला किया और मन्दिर में हिंदुओं को दुर्गा पूजा करने से रोक दिया। यहां भी वहां की सरकार और पुलिस ने कट्टरपंथियों के सामने हथियार डाल दिए। इसके अलावा बांग्लादेश की सरकार ने हिंदुओं से मूर्तियों को वहां से कहीं ओर ले जाने के लिए कह दिया। इसी तरह, बांग्लादेश के एक ओर दुर्गा पूजा पंडाल करुणामयी कालाबारी के पूजा मंडप पर चटगांव में कट्टर मुसलमानों ने हमला कर दिया था।

कोमिला दुर्गा पंडाल के बारे में बांग्लादेश के हिंदु एकता परिषद का कहना है कि किसी ने कुरान के बारे में गलत अफवाहें फैला दी हैं। जिससे कोमिला में नानुआ दिघी पार के पूजा मंडप पर हमला किया गया है। इस हिंदू एकता परिषद ने हिंदुओं को सतर्क रहने के लिए भी कहा है कि सभी लोग मंदिर में एक साथ रहें। हम नानुआ दिघी पार क्षेत्र की पुलिस से सहायता के लिए मांग कर रहा हूं।

बांग्लादेश की हिंदु एकता परिषद ने आगे बताया कि बांग्लादेश के लिए 13 अक्टूबर 2021 का दिन इतिहास का सबसे घृणित और निंदनीय था। दुर्गा अष्टमी के दिन हिंदुओं के दुर्गा पंडालों में तोड़फोड़ की जा रही है। हिंदुओं को मूर्ति विसर्जन तक दुर्गा पंडालों की सुरक्षा करनी पड़ रही है। उन्होंने आगे कहा है कि आज पूरी दुनिया बांग्लादेश में हिंदुओं के दुर्गा पूजा पंडालों पर हुए हमलों पर चुप है। इन दुर्गा पूजा पंडालों पर हुए हमलों से नाराज होकर हिंदू एकता परिषद ने कहा कि मां दुर्गा पूरी दुनिया के हिंदुओं को  आशीर्वाद दे। ताकि हम इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कभी भी माफ नहीं करेंगे।


बांग्लादेश की जानी मानी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी कोमिला दुर्गा पंडाल के बारे में कहा है कि कुछ हिंदू विरोधी मुस्लिम कट्टरपंथियों ने बांग्लादेश के कोमिला में दुर्गा पंडाल में हनुमान की मूर्ति के चरणों में गुप्त रूप से क़ुरान को डाल दिया गया। यह सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के नाम पर हिंदुओं पर हमला करने का बहाना है। उन्होंने आगे कहा कि वह सरकार से आशा करती हूं कि वह अल्पसंख्यक समुदाय को बचाएगी।


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