अंतहीन ब्रह्मांड में हमारी धरती और हम

अंतहीन ब्रह्मांड में हमारी धरती और हम


ब्रह्मांड 

ब्रह्मांड एक ऐसी जगह है, जिसकी कोई सीमा नहीं अर्थात् हमारा ब्रह्माण्ड है। अनरेंड शब्द में ब्रह्मांड अंनत है। यह ऐसा ही है कि कोई व्यक्ति अरबों खरबों किलोमीटर की दूरी तय कर लेता है तो उसे भी इसकी कोई सीमा नहीं दिखती है।


ब्रह्मांड की उत्पति का सिद्धांत

वैसे ब्रह्मांड की उत्पति के बहुत सारे सिद्धांत है लेकिन जिसमें सबसे ज्यादा मान्य थ्योरी बोली बैंग थ्योरी है। इस सिद्धांत के अनुसार शुरुआत में ब्रह्मांड एक गैस, कण और धूल भरे तत्व थे। जो एक विशाल गुरुत्वाकर्षण बल के कारण एक केंद्र बिंदु पर एकत्र हुआ और धीरे धीरे इस केंद्र के तापमान में वृद्धि हुई, बाद में इसमें बड़ा विस्फोट होता है और यह विशाल पिंड बस्ती जाता है।

आकाशगंगा क्या है?

आकाशगंगा करोड़ों अरबों तारों का एक विशाल समूह होता है। एक आकाशगंगा में लगभग 200 से 1000 अरब तारें भी हो सकतें हैं। अंतरिक्ष वैज्ञानिक बतातें हैं कि हमारे ब्रह्मांड में करीब 400 अरब गैलेक्सी हैं।



 

ज्ञान दर्पण ;-
  हमारी आकाशगंगा  नाम मंदाकिनी है जिसमें हमारा तारा सूर्य, सौर मंडल और हमारी पृथ्वी शामिल है।

प्रकाश वर्ष (प्रकाश वर्ष) क्या है?

प्रकाश वर्ष प्रकाश द्वारा एक वर्ष में तय गयी दूरी प्रकाश वर्ष कहलाती है। वह गति जिस पर प्रकाश यात्रा करता है। जैसे कि हमारे सूर्य की प्रकाश किरणें धरती तक पहुंचने में 8 मिनट 20 सेकंड का समय लगता है।

ज्ञान दर्पण :-
 1  प्रकाश वर्ष = 1 प्रकाश वर्ष में 9.46  ट्रिलियन किलोमीटर होते हैं।


तारें

ऐसे आकाशीय पिंड जो स्वयं के द्वारे चमकतें हैं और प्रकाश विसर्जित करते हैं। तारों के रूप में जानें जाते हैं। तारें हाइड्रोजन और दूसरी गैसों के विशाल जलते हुए पिंड हैं जो ताप व प्रकाश उत्पन करते हैं।

हमारा तारा 

हम जो धरती से दिन में जलते और प्रकाश उत्पन्न करते हुए विशाल गोले रूपी आकाशीय पिंड को देखते हैं वहीं हमारा सूर्य है। हमारे तारे का नजदीकी तारा प्रॉक्सिमा सेंचुरी है जो हमारे सूर्य से लगभग 4.3 प्रकाश वर्ष दूर है। किलोमीटर में 40.678 ट्रिलियन किलोमीटर दूर है।

तारा मंडल 

ऐसी खगोलीय आकृति जो तारों से मिलकर बनती है इस आकृति को तारामंडल कहते हैं। कुछ ज्ञात तारामंडल उरसामेजर के रूप में जाना जाता है। 


सौर मंडल क्या होता है? 

सौर मंडल जिसमें सूर्य और उसका परिवार जिसमें ग्रह, उपग्रह और दूसरे उल्का पिंड शामिल होते हैं। यह सभी पिंड सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। हमारे सौर मंडल में आठ ग्रह , अनेक उपग्रह , उल्काएं, धूमकेतु और दूसरे आकाशीय पिंड शामिल हैं। 

  • ज्ञान दर्पण :- हमारे सौर मंडल की आयु 4.5 अरब वर्ष है।

सूर्य 

 सूर्य किसी भी सौर मंडल का केंद्र बिंदु होता है जिसके चारों ओर दूसरे सभी आकाशीय पिंड चक्कर लगाते हैं। सूर्य एक तारा है जो गैसों का एक विशाल गोला है। सूर्य की सतह का तापमान 6000°c है। सूर्य की आयु 4.6 अरब प्रकाश वर्ष है। हमारी धरती और सूर्य के बीच की दूरी 15 करोड़ किलोमीटर है। 

ग्रह 

ग्रह हमारी धरती की तरह होते हैं जो सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। हमारे सौर मंडल में आठ ग्रह हैं जिसमें बुद्ध, शुक्र, धरती, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण ग्रह शामिल हैं।


ठोस ग्रह

ठोस ग्रह जो धूल, खनिज पदार्थ और धातु के बने होते हैं। हमारे सौर मंडल के ठोस ग्रह बुद्ध, शुक्र, धरती, और मंगल हैं।

गैसीय ग्रह

गैसीय ग्रह जो गैसो से बने हैं। जिसमें बृहस्पति शनि अरुण और वरुण ग्रह शामिल हैं। बृहस्पति और शनि ग्रह एक विशाल गैसों का एक गोला है। आगे के दो ग्रह अरुण और वरुण जिन पर गैस बर्फ अवस्था में पाई जाती है।

सभी ग्रहों की सूरज से दूरी

  1. बुध ग्रह हमारे सौर मण्डल का पहला ग्रह है और जिसकी सूरज से दूरी 5 करोड़ 76 लाख किलोमीटर है।
  2. शुक्र सूरज से दूसरा ग्रह है और इसकी सूरज से दूरी 10 करोड़ 75 लाख किलोमीटर है।
  3.  शुक्र ग्रह के बाद तीसरे नंबर पर हमारी धरती आती है और धरती की सूरज की दूरी 14 करोड़ 95 लाख किलोमीटर है।
  4. चोथे  नंबर मंगल ग्रह आता है और इसकी सूरज से दूरी 22 करोड़ 74 लाख किलोमीटर है।
  5. बृहस्पति सूरज से पांचवा ग्रह है और इसकी सूरज से दूरी 77 करोड़ 40 लाख किलोमीटर है।
  6.  छठवा ग्रह  सूरज से शनि है और इसकी दूरी हमारे तारे सूरज से दूरी 142 करोड़ 70 लाख किलोमीटर है।
  7. सातवे स्थान पर अरुण ग्रह है इसकी सूरज से दूरी 290 करोड़ किलोमीटर है।
  8. वरुण ग्रह हमारे सौर मण्डल का आठवा और अंतिम ग्रह है और इसकी हमारे सूरज से दूरी 450 करोड़ किलोमीटर है।
  9.  अंत में एक बोना ग्रह प्लूटो है जिससे 2006 में ग्रह होने का दर्जा छीनलिया और इसकी सूरज से दूरी 600 करोड़ किलोमीटर है। 

धरती

हमारे सौर मंडल में सबसे महत्वपूर्ण ग्रह है क्यों कि हमारे ब्रह्मांड में ज्ञात जीवन केवल धरती पर ही है। जिस पर अनेकों जीवों की उत्पति हुई और वो विलुप्त भी हो गए। इसके साथ ही हमारी धरती पर करोड़ों जीव जंतु और पेड़ पौधे पाये जाते हैं।



धरती के जीवन की सबसे सुंदर रचना मानव है जो सभी दूसरे प्राणियों में  सबसे ज्यादा बुद्धिमान और चेतना शक्ति को धारण करें हुये है। 

धरती पर जीवन होने के कारण क्या हैं?

1.धरती सूर्य से हैबिटेबल जोन में आती है। हैबीटेबल जोन में आने वाले ग्रह पर ही जीवन पनप सकता है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण हमारी धरती है।

2. धरती का एक जलग्रह होना, जिसका 3/4 भाग जल से घिरा है। धरती के 71% भाग पर जल पाया जाता है। इसलिए इस ग्रह को नीलाग्रह कहते हैं।

3. धरती पर ऑक्सीजन का पाया जाना। हम सब जानते हैं कि धरती पर जीवन ऑक्सीजन के कारण ही है।

4. ओजोन परत जो हमारे ग्रह की सूर्य की पराबैंगनी किरणों से सुरक्षा करती हैं। जिससे धरती पर जीवन संभव होता है।

5. वायुमंडल का होना भी धरती पर जीवन के होने का प्रमुख कारण है।

6. धरती के पास अपना गुरुत्वाकर्षण बल है जिसके कारण धरती से कोई भी वस्तु अंतरिक्ष में नहीं जा पाती है।

चंद्रमा

चंद्रमा पृथ्वी का इकालौता उपग्रह जो हमारी पृथ्वी से 3,84,400 किलोमीटर दूर है। यह आकार में पृथ्वी से 1/4 और इसका गुरुत्वाकर्षण बल 1/6 भाग है। चंद्रमा पर कोई वायुमंडल नहीं है जिसके कारण इस पर जीवन संभव नहीं है। चांद धरती की परिक्रमा 28 दिन में करता है।


ज्ञान दर्पण:-पहला टेलीस्कोप इटली के महत्वपूर्ण खगोलविद गैलीलियो द्वारा बनाया गया था। इस टेलीस्कोप ने मानव को वो दिखाया जो। मानव पहले नग्न आंखो से देख नहीं पाता था। हब्बल दूरबीन जिसने ब्रह्मांड के बारे में मनुष्य जाति को अदभुत जानकारी दी।


Post a Comment

Previous Post Next Post