आतंकियों ने पहले सबको एक तरफ खड़ा किया, फिर पहचान पत्र देखें और सतिंदर कौर, दीपक चंद को मार दिया।

हर बड़े मंचो पर दुनिया के बड़े नेताओं के द्वारा कहा जाता है। कि आतंकवाद का कोई धर्म या मजहब नहीं होता है। लेकिन आज कश्मीर के एक स्कूल में आतंकवादियों ने सारे अध्यापकों को एक लाइन में खड़ा किया और फिर उनके आईडी कार्ड देखें। अंत में कश्मीर के अल्पसंख्यक हिंदू और सिख धर्म के दो लोगों को मार दिया। आतंकवादियों ने हिंदू और सिख होने की वजह से सतिंदर कौर, दीपक चंद की बड़ी दर्दनाक तरीके से मार दिया।


मुख्य विषय

1. आतंकियों द्वारा दो दिनों में पांच आम नागरिकों की हत्या।

2. कश्मीर में तालिबान का प्रभाव दिखने लगा है।

3. पाकिस्तान के द्वारा भारतीय उपमहाद्वीप में आतंक का प्रसार करना।


यह घटना श्रीनगर के ईदगाह क्षेत्र के पास  के संगम  स्कूल की है। जहां आतकवादियों ने लड़कों के उच्चतर माध्यमिक सरकारी स्कूल के  प्रधानाचार्य सतिंदर कौर और शिक्षक दीपक चंद की हत्या कर दी है। इन दोनों लोगों को प्वाइंट ब्लैंक रेंज में गोली मारी गई है। जहां से मृतक दोनों टीचर्स को पड़ोस के अस्पताल ले जाया गया।

कश्मीर में पिछले दो दिनों से  5 नागरिकों को इस्लामिक आतंकवादियों ने मारा है। आतंकवादियों ने पिछले मंगलवार को केमिस्ट एमएल विंद्रो , स्ट्रीट वेंडर वीरेंद्र पासवान और एक टैक्सी ड्राइवर मोहम्मद शफी की हत्या कर दी है। आतंकियो के द्वारा मारे गए केमिस्ट माखन लाल की बेटी ने बड़ी बहादुरी दिखाते हुए मीडिया में कहा कि मैं कश्मीरी पंडित की बेटी हूं और यदि आतंकियों में हिम्मत है तो आओ मेरा सामना करो।


जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह का कहना है कि यह  कुछ दिनों में घटित होने वाली घटनाओं से आतंकी डर व सांप्रदायिक विद्वेष का माहौल बनाना चाहते हैं। आतंकी घटनाएं स्थानीय लोकाचार और मूल्यों को निशाना बनाने तथा स्थानीय कश्मीरी मुस्लिमों को बदनाम करने की साजिश है।


आतंकियों ने दोनो आध्यापकों की हत्या उनके साथी आध्यपकों के सामने की हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आतंकियों ने पहले सभी  शिक्षकों को एक लाइन में खड़ा किया और बाद में उनके पहचान पत्र  देखें। तब उन शिक्षकों को छोड़ दिया गया। जो विशेष धर्म से आते हैं। जबकि सिख और हिंदू शिक्षकों की आतंकवादियों ने हत्या कर दी। इन सभी घटनाओं में पाकिस्तान की फौज और खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। क्यों कि पाकिस्तान ही अपने पड़ोसी देशों में आतंक का प्रसार कर रहा है। पाकिस्तान के आतंक के कारण आज पूरा भारतीय उपमहाद्वीप आतंक से कराह रहा है।जिसमें अफगानिस्तान सबसे बड़ा उदाहरण है, जो पाकिस्तान के आतंक का शिकार बना। जिसने अफगानिस्तान में तालिबान का साथ देकर एक लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को गिरवा दिया और अफगानिस्तान को खतरनाक तालिबानी आतंकियों के हवाले अफगानिस्तान कर दिया। इसी तरह पाकिस्तान भारत के राज्य जम्मू कश्मीर में इस्लामिक कट्टरपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा देकर कर कर रहा है।

          

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