अब बलूच लोगों को मोबाइल फोन में रिंगटोन डाउनलोड कर पाकिस्तान के प्रति देश भक्ति दिखानी पड़ेगी

पाकिस्तान अपने अशांत प्रांत बलूचिस्तान के लोगों पर विश्वास नहीं करता है। इसी के चलते अब बलूच लोगों को पाकिस्तान के प्रति वफादारी दिखाने के लिए मोबाईल फोन में "पाकिस्तान जिन्दाबाद" की रिंगटोन डाउनलोड करनी होगी।




मुख्य खबरें

1. बलूच लोगों को मोबाइल फोन में पाकिस्तान जिंदाबाद की रिंगटोन डाउनलोड करने का आदेश दिया।

2. बलूचिस्तान प्रांत में ही यह आदेश क्यों जारी किया गया।

3. बलूचिस्तान के बारे में जानकारी।

4. भारत के लोगों का बलूच लोगों के प्रति नजरिया।

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान सरकार के विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने एक बहुत ही अजीब आदेश जारी किया है। जिस के अनुसार राज्य के सभी मंत्रालयों और विभागों के कर्मचारियों को आदेश जारी किया गया है कि सभी कर्मचारी अपने मोबाइल में पाकिस्तान जिंदाबाद की रिंगटोन डाउनलोड करें। 




बलूचिस्तान पाकिस्तान का एक अशांत प्रांत हैं। जहां के बलूच लोग पाकिस्तान से आजादी चाहतें हैं। पाकिस्तान की सेना और खूफिया एजेन्सी बलूचिस्तान के लोगों पर अनगिनत अत्याचार करती हैं। पाकिस्तानी आर्मी और खुफिया एजेंसी आईएसआई  यहां के लोगों को घर से उठा ले जाती हैं और फिर इन लोगों का कुछ पता ही नहीं चलता है। पाकिस्तान से बलूचिस्तान को आजादी दिलाने के लिए बलूच नौजवानों ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी बना ली है। जो पाकिस्तान की सेना पर आये दिन बड़े बड़े हमले करती रहतीं है। अभी कुछ दिन पहले ही बलूच आर्मी ने ग्वादर बंदरगाह के मरीन ड्राइव पर मौहम्मद अली जिन्ना की मूर्ति को बारूद से उड़ा दिया है। यहीं प्रमुख कारण हैं कि पाकिस्तान यहां के लोगों पर विश्वास नहीं करता है।


बलूचिस्तान पाकिस्तान का पश्चिमी राज्य है और जो पाकिस्तान का सबसे बड़ा राज्य है। जिसका कुल क्षेत्रफल पाकिस्तान के कुल क्षेत्रफल का करीब आधा है। इस समय पाकिस्तान का कुल क्षेत्रफल 881,913 km² है और बलूचिस्तान का कुल क्षेत्रफल 347,190 km² है। अब अगर पाकिस्तान से इतना बड़ा राज्य हाथ से निकल जाता है तो पाकिस्तान आधा रह जायेगा। इसके साथ पाकिस्तान के हाथों से बलूचिस्तान की अकूत खनिज संपदा भी चली जायेगी। क्यों कि अभी पाकिस्तान में। बलूचिस्तान ही ऐसा राज्य है। जहां कोयला, सोना, और गैस के भण्डार हैं। जिन पर चीन और पाकिस्तान की नजर है। बलूचिस्तान की आबादी महज तीन लाख है और जबकि पाकिस्तान की आबादी कुल 22 करोड़ है। यहां यह बात ध्यान देने योग्य है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के लोग बलूच लोगों के संसाधनों का जमकर दोहन कर रहे हैं। दुसरी तरफ बलूच लोग अभी भी गरीबी और बेबसी में जी रहे हैं। जबकि उनका राज्य बलूचिस्तान खनिज संपदा में अमीर है। तब भी वह लोग स्वच्छ पानी और पक्के घरों के लिए तरस रहे हैं।

 

भारत सेना  पूर्व आर्मी मेजर गौरव आर्या ने ट्विटर पर एक बहुत अच्छा ट्वीट किया है। जिसको पाकिस्तानी देखकर चिढ़ भी सकतें हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि अब बलूचिस्तान के लोगों को मोबाइल रिंगटोन डाउनलोड कर पाकिस्तान के प्रति अपनी वफादारी साबित करनी होगी। वह बांग्लादेश का उदाहरण देते कहतें हैं कि एक नियाजी की वजह से बांग्लादेश बना था और अब दूसरे नियाजी की वजह से बलूचिस्तान बनेगा।

    

यहां पर मेजर गौरव आर्या कहना चाह रहे हैं कि पाकिस्तान से बांग्लादेश अलग करवाने में पाकिस्तानी सेना के पूर्व जनरल आमीर अब्‍दुल खान नियाजी थे। जिन्होंने भारत के सामने 93000 पाकिस्तानी सैनिकों के साथ आत्मसमर्पण किया था। जबकि पाक के वर्तमान पीएम इमरान खान भी इन्ही के खानदान से संबंधित हैं। उन्होंने अपने नाम से "नियाज़ी" शब्द बहुत वर्षों पहले हटा दिया था। 

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