आर्य कौन थे और कहां से आए थे?

1.  आर्यों का मूल निवास

आर्यों का मूल निवास आल्पस पर्वत के पूर्वी भाग के पड़ोस के क्षेत्र को मानते हैं। जिसको आज यूरेशिया के नाम से जाना जाता हैं। लेकिन विख्यात इतिहासकार मैक्समूलर आर्यों का निवास स्थान मध्य एशिया बताया। जिसको वर्तमान में अधिक सही माना जाता है।

 2.भारत में आर्य

भारत के महाभारत और गीता जैसे महाकाव्य में महान युधाओं के लिए आर्य शब्द का प्रयोग होता था। जैसे कि महाभारत काल की औरतें अपने पति को आर्य कहा करती थी। भारत में आर्यों के बारे में जानकारी ऋग्वेद से प्राप्त होती है। ऋग्वेद में आर्य शब्द 36 बार आया है।भारत में कस्साइट अभिलेख बताता है कि आज से लगभग 3600 बर्ष पहले  ईरानी आर्यों की एक शाखा भारत में आयी थी।भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी बाल गंगाधर तिलक जी ने आर्यों का निवास स्थान आर्कटिक क्षेत्र (उत्तरी ध्रुव) बताया। जबकि एल. डी. कल्ला कहतें हैं कि आर्य भारत के कश्मीर और हिमालयन क्षेत्र के निवासी मानते हैं।

3.आर्यों की भाषा

आर्यों की भाषा संस्कृत थीं जिसको देवताओं की भाषा भी कहा जाता है। आर्य समाज के सभी कार्य संस्कृत भाषा में होते थे। उनके सभी धर्म ग्रंथ संस्कृत भाषा में लिखे गये हैं। वेद , पुराण और महाभारत जैसे प्रसिद्ध ग्रंथ संस्कृत भाषा में लिखे हैं। 
संस्कृत

4 .आर्यों का मुख्य पेय पदार्थ

आर्यों का मुख्य पेय पदार्थ सोमरस था जिसको देवलोक का पेय पदार्थ कहा जाता है। इंद्र से लेकर इंद्र के सभी देवगण सोमरस के बड़े बड़े दिवाने थे।

5. आर्यों का मुख्य व्यवसाय

आर्यों का मुख्य व्यवसाय पशुचारण था और दूसरा कृषि था। आर्य लोग बड़ी बड़ी दूर व्यवसाय के लिए जाया करते थे।  गाय को आर्य लोग माँ के  समान दर्जा देते थे। 

 6. आर्यों का समाज 

आर्य समाज एक पुरुष प्रधान समाज था। यहां पुरुष प्रधान समाज का मतलब यह नहीं कि स्त्रियों को स्वतंत्रता प्राप्त नहीं थी। आर्य महिलाएं अपने पति के साथ सारे धार्मिक अनुष्ठानो में बैठती थी। बिना पत्नी के कोई भी अनुष्ठान पूर्ण नहीं माना जाता था।

7. आर्यों द्वारा घोड़े को पालतू बनाना

आर्यों द्वारा घोड़े को पालतू आज से लगभग 3000 ईसा पूर्व  बनाया गया था। काला सागर से लेकर यूराल  क्षेत्र में लगभग 60,000 घोड़ों के जीवाश्म मिले।

9. आर्य शब्द

आर्य एक महान और दिव्य गुणों को धारण की हुई "जाति" थी। आर्य शब्द दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत से लिया गया है, आर्य शब्द का अर्थ होता है - उत्तम। जो मनुष्य जाति में श्रेष्ठ हो। 

10. आर्यों की प्रमुख नदी

आर्य संस्कृति और सभ्यता एक महान नदी के तट पर विकसित हुई थी। आर्यों की प्रमुख नदी सिंधु थी। जिसको दुनिया आज हड़प्पा सभ्यता के नाम से जानती है। 

11. आर्यों के प्रमुख ऋषि 

ऋग्वेदिक काल में दो महान ऋषि थे जिनका नाम वशिष्ठ और विश्वामित्र थे। जिसमें विश्वामित्र लोगों को आर्य बनने की शिक्षा देते थे। जिन्होंने लोगों को आर्य बनने के लिए गायत्री मंत्र की रचना की थी।

12. आर्यों की धातु

आर्य की धातु तांबा या कांसा था जिसको संस्कृत भाषा में अयस् कहा जाता था। इस तरह स्पष्ट है कि आर्यों को धातुओ के बारे में स्पष्ट जानकारी थी। आर्यों द्वारा खोजी गई दूसरी धातु लोहा भी है।

13.आर्यों की महान संस्कृति ग्रंथ

आर्यों  के प्रमुख ग्रंथ वेद थे। जिनमें सबसे प्राचीन ऋग्वेद है। जिसके बाद महाभारत और गीता आती है।

14.आर्यों के प्रमुख मनोरंजक खेल

आर्यों के विख्यात मनोरंजन के साधन संगीत, रथदौड़, घुड़दौड़ और द्युतक्रीड़ा था जिसको चौसर के नाम से भी जाना जाता है। चौसर के खेल में पांडव सब कुछ हार गए थे। 

Post a Comment

Previous Post Next Post