भारतीयों ने दिवाली त्यौहार पर पैसा पानी की तरह बहाया, 10 वर्ष पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

दुनिया में बहुत से देश हैं जहां नव वर्ष पर लोग जमकर खरीददारी करते हैं। जिससे देश की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बल मिलता है। जिस तरह से चीन में चीनी नव वर्ष है और यूरोप में अंग्रेजी नव वर्ष है।

इस दिवाली पर भारतियों द्वारा खरीददारी का 10 वर्ष पुराना रिकॉर्ड टूट गया।

ऐसा ही भारत में दिवाली का पावन पर्व है। जो भारतियों के लिए प्रकाश का त्यौहार ही नहीं है बल्कि इस देश की अर्थव्यवस्था  के लिए  बड़ा लाभदायक है। जिस कारण से हम दीपावली को अर्थव्यवस्था का त्यौहार भी कह सकते हैं। क्योंकि इसकी सबसे बड़ी वजह है कि इस त्यौहार पर सब भारतीय जमकर खरीददारी करते हैं। जिनके लिए महंगाई कोई मायने नहीं रखती है। भारतियों ने 2021 की दिवाली पर इतनी ज्यादा खरीदारी की है कि 10 वर्ष पुराना रिकॉर्ड भी  टूट गया है। जिसमें बड़े पैमाने पर हर वर्ष वृद्धि हों रहीं हैं। 

2016 की दिवाली पर खरीददारी और 2021 की दिवाली पर खरीददारी आंकड़ा।

इस दिवाली पर भारतियों ने 1.25 लाख करोड़ रुपए की खरीददारी की है। यह इतनी बड़ी रकम हैं कि जो कई देशों की जीडीपी के बराबर है। इस विषय पर भारत के व्यापार संघ "कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स" ने बताया है कि इस वर्ष भारत में दिवाली पर कुल 1.25 लाख करोड़ रुपए की खरीददारी हुई है। कैट (CAIT) ने यहां तक कहा है कि भारत में ख़रीददारी चक्र अभी नव वर्ष तक चलता रहेगा। जिससे इन आंकड़ों में बड़े पैमाने पर वृद्धि होगी। जिससे भारत सरकार को अच्छा खासा  टैक्स भी प्राप्त होगा। क्योंकि अगर अक्टूबर के जीएसटी कलेक्शन को देखा जाए तो यह करीब 1.3 लाख करोड़ रुपए प्राप्त हुआ है। जो 2017 के जीएसटी कलेक्शन के बाद सबसे ज्यादा रहा है। जिसका फायदा सीधे भारत सरकार को हुआ है। इसी कारण से सरकार ने पेट्रोल व डीजल की कीमतों में भारी कटौती की है।

इस दिवाली पर भारतियों द्वारा बड़ी खरीददारी का कारण अमेजन और यूपीआई भुगतान सिस्टम रहा है। अमेजन ने दिवाली के लिए 2 अक्टूबर से मेगा सेल की शुरुआत कर दी थी। अमेजन पर भारत के स्थानीय दुकानदारों ने भी जमकर अपना सामान बेचा था। आप इस तरह से समझ सकते हैं कि भारत के व्यापारियों ने हर मिनट 10 से ज्यादा उत्पादों को बेचा था। 

इसी के साथ यूपीआई (Unified Payments Interface) के माध्यम से भारत में 103 बिलियन डॉलर (7.7 लाख करोड़) का भुगतान हुआ था। यह इतनी बड़ी रकम है कि जो कई देशों की कुल जीडीपी से भी ज्यादा है। जिसकी सबसे बडी वजह दिवाली त्यौहार रहा है।

एक अनुमान के मुताबिक भारत में ऑनलाइन शॉपिंग बाजार 2025 तक करीब 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा छू लेगा। जिसमें सबसे बडे़ खिलाड़ी अमेजन, वॉलमार्ट (फ्लिपकार्ट), रिलायंस की जियो मार्ट और टाटा समूह होगे। क्योंकि भारत का ऑनलाइन शॉपिंग बाजार आने वाले एक दशक में 4 ट्रिलियन डॉलर के जादुई आंकड़े को भी पार कर जायेगा। 

भारतियों ने 2021 की दिवाली पर चीन को सबसे बडा झटका दिया है। उसके सामान का वहिष्कार करके। भारतीय व्यापार संघ के अनुसार, भारतियों ने दिवाली के त्यौहार पर चीनी सामान को बहुत ही कम मात्रा में ख़रीदा है। जिस कारण चीन को 2021 की दिवाली पर 50,000 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जिसमें सबसे बड़ा रोल चीन की भारतीय सीमा पर आक्रमकता ने निभाया है। जिससे सभी भारतीयों और व्यापार संस्थाओं ने चीनी सामान के वहिष्कार की मुहिम छेड़ रखी थी। इसी का असर अब भारत में दिखना शुरु भी हो गया है। 

चीन को 50,000 रूपए का घाटा होता देख। चीन का मुखपत्र ग्लोबल टाईम्स ने भारत और भारतियों पर अपनी भड़ास निकाली। ग्लोबल टाईम्स ने कहा कि भारतीयों के लिए चीनी सामान का कोई विकल्प नहीं है। क्योंकि चीनी सामान सबसे सस्ता और गुणवत्ता में भी अच्छा होता है। जबकि चीन की सरकार इस बात को नहीं समझ रहीं हैं कि भारत और वियतनाम बड़ी चालाकी से उसका विदेशी बाजार धीरे धीरे छीन रहीं हैं। जिसकी सबसे बडी वजह है कि शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन के प्रति दुनिया बढ़ रही नफरत है। 


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