वीर दास ने पूरे देश को रेपिस्ट और बलात्कारी बता दिया, वो भी चंद पैसों के लिए।

वीर दास जैसे घटिया दो कोड़ी के कॉमेडियन ने आज दिखा दिया है। कि इनके तरह के कुछ लोग पैसों की खातिर अपनी मां की अस्मिता को भी बेच कर कुछ पैसे कमा सकतें हैं। वीर दास वैसे पैसे से एक अंग्रेजी के कॉमेडियन हैं। इनका एक यूट्यूब चैनल भी है। जिसके कुछ 7 लाख के करीब फॉलोवर्स हैं। जबकि वीर दास से तीन गुना वरुण धवन सर के सब्सक्राइबर हैं। जो अपना ज्ञान वर्ल्ड अफेयर्स यूट्यूब चैनल के माध्यम से करोड़ों लोगों को दे रहें हैं। इससे अनुमान लगा सकते हैं कि वीर दास सिर्फ पैसों के लिए अपनी मिट्टी और वतन को विदेश में बदनाम कर रहा है।

वीर दास ने वॉशिंगटन में हजारों लोगों के सामने कहा था कि हम उस भारत से आतें हैं। जहां दिन के समय औरतों को पुजा जाता है और रात में हम औरतों का गैंगरेप करते हैं। यहां पर जिस "हम" शब्द का वीर दास ने प्रयोग किया है। जिसमें यह दो कोड़ी का कॉमेडियन साफ साफ कह रहा है कि हम सभी भारतीय महिलाओं की इज्जत नहीं करते हैं और सभी भारतीय महिलाओं के साथ गैंगरेप करते हैं। 

जबकि कभी अमेरिकी कॉमेडियन को सुना होगा कि हम अमेरिकी बड़े पैमाने पर लोगों को बंदूकों से मार देते हैं और अश्वेत लोगों के प्रति घृणा का भाव रखते हैं। तो इसका जवाब है कि कभी भी एक अमेरिकन कॉमेडियन या अभिनेता नहीं कहेगा। 

जबकि अमेरिका के डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी ने मिलकर Bugus Study Alert की एक लिस्ट पर दोनों एक साथ आ गए थे और इसे बकवास अध्यन बताया था। Bogus study Alert ने अमेरिका को महिलाओं के साथ यौन हिंसा के मामले में तीसरा स्थान दिया था। जिसमें इन्होंने अमेरिका को कांगो और पाकिस्तान जैसे देशों से बदत्तर बताया था। 

Bogus study Alerts की रिपोर्ट का सभी अमेरिकन ने मिल कर विरोध किया था। क्योंकि जब वह अमेरिका से बाहर दुसरे देश में जाते हैं। तब वह कोई रिपब्लिकन या डेमोक्रेटिक पार्टी के लोग नहीं कहलाते हैं। उनको विदेशों में अमेरिकन नागरिक के रूप में जाना जायेगा। Bogus study Alert की लिस्ट की वजह से विदेश में जानें वाला हर अमेरिकन नागरिक जातिवाद और लोगों के विरोध का शिकार हो सकता था। 

लेकिन भारत में सब उल्टा हो रहा है। हम अपने घर की बातों को विदेशों में ले जाकर बता रहे हैं। जबकि हम अपने देश में महिलाओं की सुरक्षा कैसे की सकें। इस पर कोई सुझाव नहीं दे रहे हैं। बस भारत को चंद पैसों के लिए बदनाम करें जा रहे हैं। आज भारत सरकार और राज्य सरकारें भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने बड़े पैमाने पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाएं हैं। लेकिन यह कदम अभी नाकाफी साबित हो रहें हैं। जिसके लिए भारत के हर नागरिक को केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को सलाह देनी चाहिए। इसी के साथ हमें महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़े बदलाव लाने होगे। जिससे हमारे देश की महिलाएं सुरक्षित और प्रभावी ढंग से जीवन जी सकें। 

वीर दास की संस्कृति पश्चिमी है। तो वह भारतीय संस्कृति के बारे में क्या जानें। अगर ये बात झूठ होती। तो कॉमेडियन वीर दास अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में भीड़ के सामने  देश की इज्जत नहीं उछालता। हालाकि इसमें वीर दास की कोई गलती नहीं हैं। क्योंकि इन जैसे लोगों ने पश्चिमी संस्कृति के चश्में से शिक्षा ली है और अब ये उसी चश्में से भारत को देंख रहें हैं। क्योंकि कुछ लोग इटली के चश्में से भारत को देखते हैं। जिसमें उनको हिंदुत्व में ISIS और बोकोहराम जैसे जिहादी  विचारों वाला आंतकवाद नजर आता है। लेकिन इनको यह नजर नहीं आ रहा है कि हिंदुत्व को मानने वाले कितने अनुयाइयों ने दुनिया के खिलाफ़ जंग छेड़ रखी है। ये लोग नहीं बता रहें हैं कि ईराक में यजीदी महिलाओं और अफगानिस्तान में अफगानी महिलाओं का कितने हिंदुत्व के अनुयायियों ने सामूहिक बलात्कार किया हैं। 

ये लोग हिंदुत्व की तुलना बड़ी सहजता से लाखों बेकसूर लोगों को मारने वाले जिहादी संगठनों से कर लेते हैं। जबकि आतंकवादी धर्म के नाम पर दुनिया में जिहाद और आंतकवाद फैला ला रहे हैं। तो यह इन लोगों को नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि इन लोगों को पता है कि हिंदुत्व को मानने वाले लोग थोड़े समय तक विरोध प्रदर्शन करेंगे और फिर चुप हो जायेंगे। वे शर्ली हेबदो की तरह वर्षों तक ध्यान कतई नहीं रखते हैं। यहीं इनकी सबसे बड़ी कमजोरी है और यही इनको उन लोगों पर जीत हासिल कराता है। जिनके लिए हिंदुत्व एक आंतकवाद है। क्योंकि इसका पालन ​​करने वाले कभी भी जिहादियों और आतंकियों जैसा काम नहीं करेंगे।

कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की बहन बेटियों का सामूहिक गैंगरेप हुआ हैं। क्या वह किसी हिंदुत्ववादी संगठन ने किया था। जिसका उत्तर नहीं में हैं। कश्मीरी पंडितों की हमारी बहन बेटियों की इज्जत जिहादी आतंकियों ने लूटी थीं। जिस पर कोई भी ज्ञान नहीं देता है। इसके कई कारण हो सकते हैं। लेकिन हम गिना नहीं सकतें हैं। ये लोग खुद पता कर सकते हैं।

हम कभी भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं। लेकिन इस देश में हिंदुओं की भावनाओं की कोई कदर नहीं रहीं है। क्यों कि जिसके जो मुंह में आता है। वह हिंदुओं और हिन्दू धर्म के लिए अपनी विदेशी उल्टी करने लगता है।  जिसमें वीर दास जैसे घटिया कॉमेडियन भी शामिल हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post