भारत सरकार के आदर्श भारतीय मछुआरों पर पड़ रहें भारी, पाकिस्तानी और श्रीलंका की नौसेनाए आए दिन मछुआरों पर गोलाबारी कर रहीं

पाकिस्तानी नेवी ने 7 नवंबर 2021 को भारतीय मछुआरों की नावों पर बहुत ही भारी मात्रा में गोलीबारी की। जिसमें भारत का एक मछुआरा इस पाकिस्तानी गोलीबारी में मारा भी गया है और बहुत सारे मछुआरो को पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी के जवान पकड़ कर भी ले गए हैं। 




पाकिस्तानी नेवी का भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी

यह घटना भारत के गुजरात राज्य के समुद्र तट सर क्रीक की है। जहां पर कुछ भारतीय मछुआरे समुद्र में मछलियां पकड़ने गए थे और वे सब धोखे से सर क्रीक जल सीमा में घुस गए। जिसको पाकिस्तान विवादित क्षेत्र मानता है। जबकि वह भारतीय क्षेत्र में आता है। जब मछुआरे इस जल सीमा में मछली पकड़ रहे थे। तभी पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी (PMSA) ने चेतावनी देने के बजाय उन पर भारी गोलीबारी कर दी। जिसमें भारत का एक मछुआरा मारा गया और 6 भारतीय मछुआरों को पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी के जवान पकड़ कर लें गए हैं। जबकि भारत ने हाल ही में सद्भावना संकेत के तौर पर पाकिस्तान के कई मछुआरों को भारतीय जेल से रिहा किया था। लेकिन भारत की सद्भावना का उत्तर पाकिस्तान भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी कर दिया।



गोली बारी की घटना का स्थान

सर क्रीक भारत और पाकिस्तान की सीमा पर सिंधु नदी डेल्टा के निर्जन दलदली भूमि में 96 किमी (60 मील) ज्वार का मुहाना है। क्रीक अरब सागर में खुलती है और जो पाकिस्तान के राज्य सिंध से गुजरात के कच्छ क्षेत्र को अलग करती है। इसे मूल रूप से "बाण गंगा" नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर बदल कर सर क्रीक कर दिया गया। सर क्रीक एक ब्रिटिश प्रतिनिधि थे। जिन्होंने कच्छ और सिंध के बीच समुद्री रेखा का सीमांकन किया था।


पाकिस्तान भारत से संबंध खराब करना चाहता क्यों


हमें यह भी ध्यान देना चाहिए कि भारत सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान मुद्दे पर एक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की मीटिंग बुलाई है। जिसमें ईरान, रशिया, ताजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, और चीन को बुलाया है। हालाकि इसमें भारत सरकार ने पाकिस्तान को भी शामिल होने का निमंत्रण दिया है। लेकिन पाकिस्तान के एनएसए मोईद डब्ल्यू युसुफ ने इस मीटिंग में आने से मना कर दिया। जबकि रशिया, ईरान, तजाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान ने भारत की अफ़ग़ानिस्तान मुद्दे पर बुलाई गई मीटिंग का समर्थन किया है। लेकिन पाक और चीन बिल्कुल नहीं चाहतें हैं कि भारत का अफ़ग़ानिस्तान मुद्दे में कोई रोल रहें। ये दोनों देश भारत को अफ़ग़ानिस्तान से दूर रखना चाहते हैं। यह भी कारण हो सकता है कि भारत और पाकिस्तान के संबंध ओर ज्यादा खराब हो। ताकि पाकिस्तान को कोई मज़बूत मीटिंग में न आने का आधार मिल सकें।


भारत सरकार का बयान

इस मसले पर भारत सरकार का वही रटा हुआ बयान आया है कि हम पाकिस्तानी नेवी की गोलीबारी की जांच कर रहे हैं और इस मसले को पाकिस्तान के सामने उठाया जायेगा। यहीं कारण है कि आज श्री लंका की नौसेना भी भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी करना शुरु कर चुकी है। क्योंकि उनको पता है कि भारतीय सरकार कोई भी बड़ा कदम उनके खिलाफ़ नहीं उठायेगी। 


चीनी मछुआरों पर दक्षिण कोरिया की नौसेना की गोलीबारी की घटना


जबकि यहीं घटना 2014 में चीनी मछुआरों के साथ हुईं थीं। जब चाइनीज मछुआरे दक्षिण कोरिया के समुद्री तट तक पहुंच गए थे। तब दक्षिण कोरिया की नौसेना ने चीनी मछुआरों पर गोलीबारी कर दी थी। जिसमें चीन के 3 से ज्यादा मछुआरे मारे गए थे। लेकिन चीन की सरकार ने अपनी पूरी नौसेना को दक्षिण कोरिया के समुद्री जल सीमा में घुसा दिया। तब इस मसले को आगे बढ़ता देख दक्षिण कोरिया सरकार ने चीन से माफ़ी मांगी थी। तब से आज तक दक्षिण कोरिया की नौसेना ने चीनी मछुआरों पर एक बार भी गोलीबारी नही की है।

ऐसा ही भारत क्यों नहीं कर सकता है। क्योंकि भारत की नौसेना पाकिस्तान और श्री लंका की से बहुत ज्यादा शक्तिशाली है। अगर भारत चाहें इन दोनों देशों की नौसेना को तगड़ा सबक सिखा सकती है। लेकिन हम आदर्शवादी हैं और अपने लोगों को दुसरे की गोलियों का शिकार बनने दे सकतें हैं।

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