पाकिस्तान के पास खाने के लिए पैसा नहीं , लेकिन 25 जे-10लड़ाकू विमान राफेल के डर से खरीद रहा।

पाकिस्तान धीरे धीरे आर्थिक तौर पर कंगाल होता जा रहा है लेकिन पाकिस्तानी सेना की हथियारों की भूख नहीं गई है। क्योंकि सेना ही सरकार है। तभी तो पाकिस्तान की आधी से ज्यादा आबादी भूखी मर रहीं हैं और सेना को लड़ाकू विमान चाहिए।

पाकिस्तान सरकार J 10 लड़ाकू विमान खरीदेगी।

पाकिस्तान की सरकार चीन के जे 10 लड़ाकू विमान को खरीदने जा रहीं हैं। पाकिस्तान के मंत्री शेख रशीद ने कहा है कि पाकिस्तान भारत के राफेल लड़ाकू विमान से सामना करने के लिए जे 10 को 25 की संख्या में खरीदेगा। जबकि पाकिस्तान ने अमेरिका से एफ 16 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए ज्यादा प्रयास किए। लेकिन अमेरिका में 2016 में डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में आ गए थे और उन्होंने पाकिस्तान को हथियार बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया। जबकि पाक वायु सेना बड़े पैमाने पर अमेरिका से दान में मिले एफ 16 का प्रयोग कर रहीं है।


जे -10 लड़ाकू विमान

अगर J 10 के बारे में बात करूं तो यह एक एक सिंगल-इंजन, मल्टीरोल फाइटर जेट है, जो सभी प्रकार के मौसमों में ऑपरेशन करने में सक्षम है। जिसको एक डेल्टा विंग और कैनार्ड डिज़ाइन के साथ कॉन्फ़िगर किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताए हैं, जैसेकि यह हवा से हवा में मुकाबला, हवाई बमबारी, टोही, इलेक्ट्रॉनिक-युद्ध और वायु रक्षा का दमन कर सकता है।

हालाकि दुनिया के रक्षा विशेषज्ञ कहते हैं कि यह अमेरिका के F 16 की नकल है, जिसकी डिज़ाइन को चीन ने अमेरिका से चुरा ली है। जिसके कुछ कारण भी हैं, जे 10 लड़ाकू विमान की डिज़ाइन F 16 से मेल खाती है।

J 10 लड़ाकू विमान और राफेल लड़ाकू विमान में अंतर

चीन का J 10 लड़ाकू विमान राफेल लड़ाकू विमान के बीच आसमान और जमीन की तरह अंतर है। चीन अपने J 10 लड़ाकू विमान को  2004 से ही बेचने की पूरी कोशिश कर रहा है। लेकिन अभी तक किसी ने भी इसे नहीं खरीदा है। किंतु पाकिस्तान J 10 का पहला खारीदार बन रहा है। हालाकि पाकिस्तान के पास ज्यादा विकल्प भी नहीं थे। क्योंकि अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और रूस पाकिस्तान को लड़ाकू देने को तैयार नहीं हैं। इन सभी देशों को भारत के नाराज़ होने का डर भी सता रहा था और पाकिस्तान के पास इतना पैसा भी नहीं है कि वह राफेल और F 16 जैसे लड़ाकू विमान को खरीद सकें।

राफेल फाइटर प्लेन में परे-दृश्य-सीमा (Beyond Visual Range) युद्ध के रूप में, इसके अलावा राफेल में शक्तिशाली  रडार  लगा हुआ है। जिसके बारे में कहा जाता है कि वह 200 किलोमीटर दूर तक अपने लक्ष्य को ट्रैक कर सकता है। अगर लंबी दूरी की मिसाइल के बारे में बात करूं तो राफेल में 200 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक मार कर सकने वाली मिसाइल लगीं हुईं है। हालाकि चीन के J 10 में  PL-15 मिसाइल लगीं हुईं है, जो 200 किमी तक मार कर सकती है। लेकिन रडार अच्छा न होने के कारण , यह अपनी पूरी शक्ति का उपयोग नहीं कर सकता है। राफेल में Meteor BVR मिसाइल लगीं है, जो हवा से हवा में मार सकने वाली 'दुनिया की सबसे अच्छी' मिसाइल है।

राफेल फाइटर प्लेन जे 10 की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक वॉर फेयर में ज्यादा शक्तिशाली है। इसके अतिरिक्त राफेल बेहद मंहगा लड़ाकू विमान हैं, क्योंकि एक लड़ाकू विमान की कीमत 130 मिलियन अमेरीकी डॉलर है और चीन के जे 10 की कीमत मात्र 35 मिलियन डॉलर है।

पाकिस्तान अरबों डॉलर कहां से लेकर आयेगा।

पाकिस्तान जे 10 लड़ाकू विमान को 25 की संख्या में ले रहा है लेकिन क्या पाकिस्तान के पास 1.3 से 1.5 अरब डॉलर हैं। क्योंकि पाकिस्तान जैसे देश के यह धन बहुत ज्यादा है। पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान दूसरे देशों से कर्ज़ लेकर अपना काम चला रहा है।

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