मिस्र की मम्मी का सिर खुलते ही 3500 वर्ष पुराने राज दुनिया के सामने आ गए

मिस्र दुनिया में दो कारणों से जाना जाता है। जिनमें एक मिस्र के पिरामिड हैं और दूसरे इन पिरामिडों से निकलने वाली इजिप्शियन ममी हैं। क्योंकि मिस्र की पहचान ही पिरामिड़ और ममी हैं, जिनपर सैकड़ों हॉलीवुड फिल्में बन चुकी हैं। 

क्रेडिट इजिप्शियन शोध विभाग

दुनिया भर वैज्ञानिक और इतिहासकार इजिप्शियन ममी पर शोध कार्य कर रहे हैं। जिनकी शोध कार्य की वजह से दुनिया मिस्र के पिरामिड और ममी से जागरूक हो सकीं है। अभी हाल में वैज्ञानिकों ने एक ममी के सिर को डिजिटल रूप से खोला और उसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मिस्र के डॉक्टर सहर साली ने अपने एक बयान में कहा है कि मिस्र की ममी को डिजिटल रूप से खोलकर, उस पर अच्छी तरह से शोध कार्य किया जा सकता है। काहिरा विश्वविद्यालय के रेडियोलॉजिस्ट डॉ सलीम कहते हैं कि हम कभी भी ममी के शरीर को शारीरिक रूप से नहीं खोलते हैं। 

सीटी स्कैन से मिस्र की ममी का सिर खोला

शोधकर्ताओं ने ममी को शारीरिक रूप से खोलने के बजाय डिजिटल रूप से खोलना अच्छा समझा। मिस्र के फिरोन की ममी के सिर को एक त्रि आयामी  विधि सीटी स्कैन द्वारा खोला। यह पहली बार है कि शोधकर्ताओं ने ममी के शरीर के साथ छेड़खानी किए बगैर ढेर सारी जानकारी प्राप्त की है। 

क्रेडिट, इजिप्ट ममी शोधकर्ताओं और इजिप्शियन ममी

मिस्र का 3500 वर्ष पुराना राजा

मिस्र के अमेनहोटेप राजा की ममी के पहली बार 1881 में खोजा गया था। जिसको डिजिटल रूप से खोलने पर 3500 वर्ष पुराने ऐतिहासिक राज भी खुल गए। शोधकर्ताओं ने बताया है कि अमेनहोटेप प्रथम का मिस्र पर राज 1525 से 1504 ईसा पूर्व तक रहा होगा। जिसने लगभग मिस्र की महान सभ्यता पर लगभग 21 वर्षों तक शासन किया। हालाकि वह मिस्र पर अधिक समय तक राज नही कर पाया था।

अमेनहोटेप प्रथम की विशेषताएं

सभी शोधकर्ताओं ने अमेनहोटेप प्रथम के बारे में बेहद महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेनहोटेप प्रथम अपनी मृत्यु के समय मात्र 34 वर्ष का था। हालाकि इसकी मूल कब्र अभी तक प्राप्त नहीं हुईं हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण हैं कि इसे कहीं दूसरी जगह से लक्सर में दफनाया गया था। जहां से शोधकर्ताओं को यह 1881 में प्राप्त हुईं थीं।

मिस्र के इस राजा के बाल घुंघराले,एक संकरी नाक और एक संकरी ठुड्ढी थीं। डॉक्टर्स के एक समूह ने बताया है कि यह राजा शारीरिक रूप से 1.69 सेंटीमीटर लंबा था। ममी के शरीर पर से 30 ताबीज और एक सुनहरा कमरबंद भी प्राप्त हुआ है।

अमेनहोटेप प्रथम की मौत का रहस्य

शोधकर्ताओं ने अमेनहोटेप प्रथम की मौत के बारे में कुछ नहीं बताया है कि जिससे साफ़ हो जाता है कि मिस्र के राजा अमेनहोटेप की मौत एक रहस्य है। क्योंकि ज्यादातर शाही ममी की मौत के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त हो गई है। 

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