दुनिया में टॉप 5 में भारतीय मेट्रो लाइन , जल्द ही भारत जापान और दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ देगा।

भारत में रेलवे भारतियों की जीवन रेखा की तरह हैं, जो यात्रा के लिए सुरक्षित, आरामदायक और सुविधासंपन्न माध्यम है। इसी तरह भारत के बड़े शहरों के लिए मेट्रो भी लाइफ लाइन बन चुकी है, जो बेहद सस्ता और महिलाओं की यात्रा के लिए सुरक्षित माध्यम है। आज 28 दिसम्बर 2021 के पीएम मोदी ने कानपुर मेट्रो लाइन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने मेट्रो ट्रेन से सफर भी किया है।

भारत की राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की मेहनत ही है कि आज भारत  मेट्रो लाइन के क्षेत्र में विश्व के टॉप 5 देशों की श्रेणी में शामिल हैं। इस मामले में हर भारतीय को गर्व महसूस होना चाहिए कि क्योंकि हम अगर मेट्रो लाइन के मामले में अपने पड़ोसियों को देखें तो वह हम से बहुत पीछे हैं। नेपाल, भूटान, म्यांमार और अफगानिस्तान में मेट्रो लाइन दूर दूर तक नहीं है और बांग्लादेश में सिर्फ़ ढाका में निर्माणधीन अवस्था में है। इसके अलावा पाकिस्तान में केवल लाहौर शहर में हैं और उसका निर्माण भी चीन ने किया है। इसलिए भारत की सभी सरकारों ने मेट्रो लाइन के क्षेत्रों में बहुत अच्छा काम किया है और इसे हमें ऐसे ही बहुत आगे लेकर जाना है। ताकि हम अपने शहरी जीवन को सुधार सकें।

भारत और विश्व में मेट्रो लाइन 

भारत में मेट्रो लाइन का जाल बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज भारत विश्व में 741.1 किलोमीटर (460.5 मील) के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच चुका है। अर्थात् भारत से आगे जापान (791.3 किलोमीटर), दक्षिण कोरिया (871.2 किलोमीटर ), अमेरिका (1344.7 किलोमीटर) और चीन (6671.8 किलोमीटर) ही हैं। हालाकि हमें चीन को छोड़कर दुसरे देशों को पीछे छोड़ने में समय नहीं लगेगा। लेकिन चीन को 2040  तक मेट्रो लाइन के क्षेत्र में पीछे आवश्य छोड़ देगें।

भारत के प्रमुख मेट्रो शहर व मेट्रो लाइन

कोलकाता मेट्रो लाइन

भारत में सबसे पहले मेट्रो सेवा 24 अक्टुबर 1984 को कोलकाता शहर में शुरू हुई थी। जिसकी दूरी महज़ 3.4 किलोमीटर तक थीं। कोलकाता मेट्रो लाइन की स्थापना तात्कालिक पीएम इंद्रा गांधी ने 29 दिसंबर 1972 को रखी थी और इस पर कार्य 1973-74 में शुरू हुआ था।

कोलकाता में दो मेट्रो लाइन ऑपरेशनल हैं, जिनका कुल लंबाई 31.36 किमी हैं। जिसके तहत् कुल 33 मेट्रो स्टेशन आती हैं। जिसमें उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर में 26 स्टेशन और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर में 7 स्टेशन शामिल हैं। भविष्य में, चार अन्य मेट्रो लाइन जोड़ी जायेगी।

दिल्ली मेट्रो लाइन

दिल्ली मेट्रो की पहली लाइन की स्थापना 1 अक्टूबर 1998   को तत्कालिक पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में किया गया था। इसी के साथ दिल्ली मेट्रो की पहली लाइन, रेड लाइन , का उद्घाटन 24 दिसंबर 2002 को भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था।

वर्तमान में दिल्ली मेट्रो लाइन 348.12 किलोमीटर (ऑपरेशनल अवस्था में) में फैली हुई है। इसके अलावा 65.1 किलोमीटर निर्माणधीन अवस्था में है। दिल्ली मेट्रो में कुल 10 लाइन और 254 स्टेशन आती है। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर में) के शहरों गाजियाबाद , फरीदाबाद , गुड़गांव , नोएडा , बहादुरगढ़ और बल्लभगढ़ तक फैली हुई है।

गुड़गांव मेट्रो लाइन, हरियाणा

हरियाणा की रैपिड मेट्रो गुरुगांव पर मालिकाना हक एचएमआरटीसी का है। लेकिन इसका संचालन DMRC कर रहा है। इसमें एक मेट्रो लाइन आती है और कुल मेट्रो स्टेशन  11 हैं।  जिससे हर रोज 50000 से 55000 लोग यात्रा करते हैं।

मुम्बई मेट्रो लाइन, महाराष्ट्र

मुम्बई मेट्रो लाइन की परियोजना की आधारशिला जून 2006 में पीएम मनमोहन सिंह ने रखी थी। लेकिन इसका निर्माण कार्य 2008 में शुरू हो सका था। मुम्बई मेट्रो की पहली लाइन ऑपरेशनल 8 जून 2014 को हुईं थीं।
मुम्बई मेट्रो की अभी कुल लंबाई 11.40 किलोमीटर तक है और कुल मेट्रो स्टेशनो की संख्या 12 है।
मुम्बई की मेट्रो लाइन संख्या 2,4,6 और 7 को मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) कर रहा है और मेट्रो लाइन 3 का निर्माण मुंबई मेट्रो रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) कर रहा है।

हैदराबाद  मेट्रो लाइन, तेलंगाना

हैदराबाद मेट्रो भारत का दूसरा सबसे बड़ा कॉरिडोर है, जिसकी कुल लंबाई 67 किमी(42 मील) ही है और अभी 2.94 किलोमीटर निर्माणधीन अवस्था में है। इसको तीन लाइन लाल, नीला, हरा में बनाया गया है, जिसकी रेड लाइन (29 किमी) का ऑपरेशनल परिचालन 29 नवंबर 2017 को हुआ था।  मेट्रो की ग्रीन लाइन (11 किमी) का अधिकारिक परिचालन 7 फरबरी 2020 को हुआ था। हैदराबाद  मेट्रो लाइन के अंतर्गत 57 मेट्रो स्टेशन आती हैं।  इससे हर दिन लगभग 5 लाख लोग सफर करते हैं।

नम्मना मेट्रो, बंगलौर, कर्नाटक

भारत की नम्मना मेट्रो तीसरी बड़ी मेट्रो लाइन है, जिसमें दो येलो और गुलाबी मेट्रो लाइन शामिल है। इसकी कुल लंबाई लगभग 56.1 किमी है और 118.84 किलोमीटर निर्माणधीन अवस्था में है। जिसके तहत् कुल 52 मेट्रो स्टेशन आती है। इस मेट्रो लाइन का अधिकारिक मालिक बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) है।

चेन्नई मेट्रो लाइन, तमिलनाडु

भारत में चेन्नई मेट्रो लाइन दिल्ली, हैदराबाद और नम्मना मेट्रो लाइन के बाद चौथे पायदान पर आती है। जिसके पहले चरण को मुख्य रूप से 29 जून 2015 में शुरू किया गया था। इसकी संचालित कुल लंबाई लगभग 54.15 किलोमीटर है और 118.91 किमी निर्माण की अवस्था में है।
इसका संचालन चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) करता है। जिसके तहत् कुल 42 मेट्रो स्टेशन आती हैं और प्रतिदिन 5 लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।

अन्य प्रमुख मेट्रो वाले शहर

दिल्ली, मुम्बई, बैंगलोर, चेन्नई और कोलकाता के अलावा लखनऊ (22.87 किमी), जयपुर (11.9 किमी), नोएडा (29.7 किमी) , कोच्चि (25.6 किमी), अहमदाबाद (40.03 किमी) और नागपुर (43किमी) में भी मेट्रो पहुंच चुकी है।

कानपुर मेट्रो लाइन, उत्तर प्रदेश

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ही कानपुर मेट्रो लाइन सेवा की शुरुआत की है। जिसकी आधारशिला जून 2015 में रखी गई थी। लेकिन इसके काम में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद 2019 में तेजी आई थी। जिसके चलते 28 दिसम्बर 2021 को प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया।
हालाकि अभी इसका पहला चरण 8.6 किलोमीटर का पूर्ण हुआ है और 34.78 किलोमीटर की मेट्रो लाइन निर्माण की प्रक्रिया में है। इसका स्वामित्व उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के पास रहेगा।  कानपुर मेट्रो लाइन परियोजना के निर्माण का कुल खर्च 11000 करोड़ है। हालाकि इसमें से ज्यादातर पैसा कर्ज़ के तौर पर यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से प्राप्त हुआ है। यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक (EIB) ने कानपुर मेट्रो लाइन परियोजना के लिए कुल 650 मिलियन यूरो का कर्ज़ दिया है। इसी बैंक ने लखनऊ मेट्रो के लिए 450 मिलियन यूरो का कर्ज़ भी दिया था।

कानपुर मेट्रो लाइन के उद्घाटन के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा है कि भारत में 2025 कुल 25 शहर में मेट्रो रेल सेवा पहुंचायेगे और मेट्रो लाइन की कुल लंबाई 1000 किलोमीटर ले जायेंगे।

og24c India

Post a Comment

Previous Post Next Post