एप्पल के आईफोन का उत्पादन बंद होते ही, चीन के भोंपू ग्लोबल टाईम्स का भारत के खिलाफ़ प्रोपेगेंडा शुरू हो गया।

एप्पल कंपनी ने भारत में अपनी इकलौती निर्माण इकाई में आईफोन उत्पादन पर रोक लगा दी। यह खबर आते हैं। विश्व की मीडिया में भारत के प्रति दुष्प्रचार फैलाया जा रहा।  चीन ने तो भारत में आईफोन निर्माण की रोक पर मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया। चीन की सरकार के भोंपू ग्लोबल टाईम्स ने भारत के मेड इन इंडिया की मज़ाक उड़ाई और लिखा कि भारत में एप्पल के आईफोन निर्माता कंपनी के लिए ढेर सारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। 

एप्पल और फॉक्सकॉन

एप्पल के भारत में आईफोन निर्माण बंद करने का कारण

जबकि फॉक्सकॉन की निर्माण इकाई में आईफोन उत्पादन की रोक का कारण अलग है। इस विषय पर एप्पल ने कहा है कि फॉक्सकॉन की निर्माण इकाई में मजदूरो के निवास से संबंधित ढेर सारी जानकारी प्राप्त हुईं हैं। इसलिए जब तक मजदूरों के निवास संबंधित समस्याए दूर नहीं हों जाती हैं। तब तक फॉक्सकॉन के चेन्नई वाले प्लांट में आईफोन निर्माण बंद रहेगा। जबकि चीन इसको लेकर दुनिया में भारत को बदनाम कर रहा है। 

तमिलनाडू की सरकार ने मजदूरों से संबंधित एक कानून बना रखा है। जिसके अनुसार प्रत्येक मजदूर के लिए 120 वर्ग फिट का कमरा या क्षेत्र होना चाहिए। ताकि मजदूरों को अपनी निजता मिल सकें। 

रॉयटर्स के अनुसार 

रॉयटर्स ने चेन्नई के पास फॉक्सकॉन प्लांट में काम करने वाली छह महिलाओं से बात की। जिन्होंने पुलिस को न बताने के अनुरोध पर रॉयटर्स को बताया कि ढेर सारे श्रमिक छह से 30 महिलाओं के कमरों में फर्श पर सोते थे। दो महिला श्रमिक ने बताया कि वे जिस छात्रावास में रहती थी, वहां बिना पानी का शौचालय था। इसके अलावा हॉस्टल में रहने वाले लोगों को कोई न कोई बीमारी हो जाती थी। जैसे त्वचा की एलर्जी, सीने में दर्द, फूड पॉइज़निंग।

एप्पल ने भारत जैसी परेशानियों को चीन में भी सामना किया

एप्पल ने भारत में आईफोन निर्माण क्या रोका। कि चीन की प्रोपेगेंडा टीम काम पर जुट गई। लेकिन चीन में भारत से ज्यादा परेशानियां फॉक्सकॉन और एप्पल ने उठाई थीं। लेकिन तानाशाही के कारण मजदूरों की आबाज दबा दी जाती थी। चीन में फॉक्सकॉन के निर्माण इकाई में कई मजदूरों ने सामूहिक हत्या करने की कोशिश की थीं। फॉक्सकॉन के प्लांट में जाल बिछाया जाता था ताकि कोई भी मजदूर आत्म हत्या न कर सकें। भारत एक लोकतंत्र है, यहीं कारण हैं कि यहां मजदूरों के आधिकारों को भी सर्वोच्चता दी जाती है। चीन तो उइगर मुस्लिमों से बंधुआ मजदूरों की तरह काम करा रहा है। जबकि उनकी बात उसने वाला भी दुनिया में कोई नहीं है। 

चीन में फॉक्सकॉन का प्लांट और उसमें लगा जाल

एप्पल , फॉक्सकॉन और चीन के बारे में

अमेरिका की एक विश्व प्रसिद्ध आईफोन निर्माता कंपनी है। हालाकि वह खुद अपने फोन का उत्पादन नहीं करती है। यह सिर्फ़ आईफोन को डिजाइन करती है और आईफोन निर्माण का कार्य ताईवान की कंपनी फॉक्सकॉन करती है, जो एप्पल के सभी प्रकार के आईफोन का उत्पादन करती है। 2015 से पहले, एप्पल अपने 90% फोन चीन में निर्माण कर रहा था। लेकिन भूतपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड युद्ध से एप्पल का कारोबार चीन में प्रभावित हुआ। इसलिए उसने अपने आईफोन के निर्माण के कार्य को दूसरे देशों में भी प्रारंभ किया। इसके अलावा चीन के वुहान शहर से निकले कॉविड 19 वायरस ने आग में घी की तरह काम किया। क्योंकि कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में चीन के प्रति लोगों में गुस्सा था। जिसके बाद फॉक्सकॉन ने भारत और वियतनाम में अपनी निर्माण इकाइयां स्थापित की। 

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