भारतीयों का दुनिया की अरबों खरबों की कंपनियों में प्रभुत्व अकल्पनीय, भारतीय मिट्टी अमेरिका के लिए सोना बन रहीं।

भारतीय आईआईटी से निकला कौशल आज विश्व की सबसे बड़ी कंपनियों का प्रबंधन कर रहा है। यहां पर मेरा कहना है कि आज अमेरिका की और विश्व की बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भारतीय हैं। सबसे खास बात यह है कि सभी सीईओ का जन्म भारत में हुआ है और उन्होंने कर्म भूमि अमेरिका को चुना है। अगर सही मायने कहूं तो भारतीय आईआईटी के द्वारा पैदा किए गए कौशल के फल को अमेरिका तोड़ कर ले गया। जिसमें उसकी सहायता बड़ी बड़ी अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने की है।

लेकिन इस तरह से भारत का दिमाग अमेरिका में जाना भारत के लिए नुकसान देय है। हालाकि अब अमेरिका में भारतीयों के जानें की  रफ़्तार में गिरावट है। भारत में 2014 से स्टार्टअप का माहौल शुरू हो चुका है, जिस कारण से भारत की युवा पीढ़ी अपने देश में ही ट्वीटर, फेसबुक जैसी कंपनियां खोलना चाहते हैं। क्यों कि भारत में युवाओं को सफलता के ज्यादा विकल्प नज़र आ रहे हैं। इस समय हमारे देश में अरबों बिलियन डॉलर के स्टार्टअप हैं। 

एक बात साफ़ दिख रही है कि जो भी भारतीय अमेरिका में सीईओ बन रहें हैं। वह आज से करीब 20 से 25 वर्ष पहले ही अमेरिका में चले गए थे। 

विश्व की  सबसे बड़ी कंपनियों के भारतीय सीईओ

गूगल सर्च इंजन

गूगल, जो सर्च इंजन के नाम से पूरी दुनिया में विख्यात है। जिस पर दुनिया के हर कोने के बारे में बारीक जानकारी भी आसानी से प्राप्त हो जाती है। दुनिया की हर वेबसाइट इस पर आपको देखने को मिल जायेगी। आप जो भी देखना और पढ़ना चाहते हैं। वो आपको यहां बोलने से प्राप्त हो जाता है। 

गूगल के वर्तमान समय में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एक भारतीय हैं, जिनका नाम सुंदर पिचाई है। उन्होंने गूगल में सीईओ बनने से पहले करीब 2 दशक तक कठिन परिश्रम किया था। इसके बाद वह दुनिया के इस सर्च इंजन के सीईओ 2 अक्टूबर 2015 को बने थे।

गूगल की स्थापना 4 सितंबर 1998 को मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया, अमेरिका में हुईं थी। जिसके प्रमुख संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई डायलॉग्लो हैं। इसका मुख्यालय माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया, यूएस में है। गूगल का 2020 का कुल रेवेन्यू 18,169 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा था। 

माइक्रोसॉफ्ट

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अमेरिकी बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी निगम है, जो दुनिया के कंप्यूटर्स के लिए सॉफ्टवेयर, ग्राहक के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, व्यक्तिगत कंप्यूटर्स का निर्माण करती है। हम सब अपने कंप्यूटर्स में विंडो एक्सपी, लेकर 10 तक उपयोग करते हैं। यह सब सिस्टम माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के द्वारा बनाया और बेचा जाता है।

इसलिए यह दुनिया की बेहद खास कंपनी है और जिसके  भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी भारतीय हैं। जिनका नाम सत्या नडेला है, जो 4 फरबरी 2014 को कंपनी के सीईओ बने थे।

माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की स्थापना 4 अप्रैल 1975 को अल्बुकर्क, न्यू मैक्सिको, अमेरिका में हुईं थीं, जिसके संस्थापक सदस्य बिल गेट्स और पाउल एलेन हैं। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का मुख्यालय रेडमंड, वॉशिंगटन, अमेरिका में है।

आइबीएम (IBM)

आईबीएम, पूर्ण अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मशीन निगम, अग्रणी अमेरिकी कंप्यूटर निर्माता कंपनी है। जिसके पास संयुक्त राज्य अमेरिका और विदेशों में  बाजार के एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा है। 

वर्तमान में आईबीएम के सीईओ एक भारतीय अरविन्द कृष्णा जी हैं, जो आईबीएम में एक सीईओ के रूप में कार्य 6 अप्रैल 2020 से शुरू किया है। जिनका जन्म भारत के राज्य आंध्रप्रदेश के पश्चिमी गोदावरी में हुआ था।

आईबीएम का मुख्यालय अर्मोंक, न्यूयॉर्क, अमेरिका  में है, जिसके संस्थापक सदस्य चार्ल्स रैनलेट फ्लिंट रहें हैं। जिन्होंने आईबीएम की स्थापना 16 जून 1911 को एंडीकॉट, न्यूयॉर्क अमेरिका में हुईं थीं। आईबीएम के 2020 की कुल आय 7,362 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहीं थीं। इसी के साथ कंपनी में 3,45,900 कर्मचारी कार्यरत हैं।

एडोब (Adobe )

 एडोब इंक विश्व की एक विख्यात बहुराष्ट्रीय कंपनी है, जो कंप्यूटर्स के लिए सॉफ्टवेयर बनाकर बेचती हैं। जिसमें एडोब फोटोशॉप सॉफ्टवेयर, एडोब इलस्ट्रेटर, और एडोब प्रीमियर प्रो जैसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर हैं। इसकी तकनीक का प्रयोग लोगो को डिजाइन करने में भी किया जाता है और तस्वीरों को थोड़ा अच्छा बनाने के लिए किया जाता है।

एडोब के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एक भारतीय शांतनु नारायण हैं, जिनकी एडोब कंपनी में सीईओ के रूप में पारी की शुरूआत 1 दिसम्बर 2007 में हुईं थी। इनका जन्म भारत के हैदराबाद शहर में सन्  27 मई 1963 को हुआ था, इस समय वह करीब 58 वर्ष के हो गए हैं। इनको भारत सरकार ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित भी किया है।

एडोब सॉफ्टवेयर कंपनी की स्थापना दिसंबर 1982 में अमेरिका के राज्य कैलीफोर्निया के माउंट व्यू में हुईं थीं। जिसका मुख्यालय अमेरिका के सैन होज़े, कैलीफोर्निया में हुआ था। अगर संस्थापकों की बात करें तो इसमें चार्ल्स गेष्चके और जॉन वार्नॉक शामिल हैं। एडोब कंपनी का वार्षिक आय 1286.8  करोड़ यूएस डॉलर रहा था।

ट्विटर (Twitter)

ट्विटर एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिस पर दुनिया के सभी शासक, हीरो और हीरोइन मौजूद है। इसलिए यह माइक्रोब्लॉगिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बेहद महत्वपूर्ण है। 

ट्वीटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी थे, लेकिन उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब वर्तमान में ट्विटर के सीईओ भारत के पराग अग्रवाल बने हैं। पराग अग्रवाल का जन्म भारत के राजस्थान राज्य के अजमेर शहर में हुआ था। खास बात यह है कि उनका जन्म एक सरकारी अस्पताल में हुआ। जिसका कारण उनके परिवार की माली हालत थी। उनके माता पिता रामगोपाल और शशि है।

ट्वीटर की स्थापना 21 मार्च 2006 को सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया, यूएस में हुआ था और इसका मुख्यालय भी सैन फ्रांसिस्को में ही है। ट्वीटर के संस्थापक सदस्य जैक डोर्सी, बिज स्टोन, इवान विलियम्स और नोआह ग्लास थे। आज ट्वीटर के कुल फॉलोअर्स की संख्या 330 मिलियन हो गई है।

अमेरिका की अरबों खरबों कंपनियों में भारतीय  प्रभुत्व का कारण 

भारतीय समुदाय ही केवल अमेरिका की बड़ी कंपनियों में अपना प्रभुत्व स्थापित कर पाया है। जिसका प्रमुख कारण उनके द्वारा विदेशी कॉर्पोरेट प्रबंधन को अच्छी तरह से प्रबंधित करना है। इसके अलावा उनकी अंग्रेजी भाषा पकड़, किसी भी समाज में घुल मिल जानें की आदत और अपनी बात आसानी से समझाने जैसे दुसरे प्रमुख कारण हैं। जिससे भारतीयों को संघर्ष नहीं करना पड़ता है, इसके विपरीत जापान और चीन के लोग अमेरिका में अपना प्रभुत्व स्थापित नहीं कर सका है। जिसका कारण है कि जापानी और चीनी लोग वहां के समाज के साथ घुल मिल नहीं पाते हैं। जबकि दूसरी तरफ भारतीय जहां जातें हैं वे वहां के धर्म और संस्कृति से समन्वय आसानी से स्थापित कर लेते हैं।

अगर दुनिया की अरबों खरबों वाली कंपनियों में अपना प्रभुत्व स्थापित करना है तो उसे इंग्लिश भाषा का बेहेतर ज्ञान आवश्य होना चाहिए। जबकि भारतीय इस काम में माहिर हैं, वह अपनी इंग्लिश भाषा को किसी भी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर की बना लेते हैं। जबकि चीनी और जापानी लोग इस काम में बहुत पीछे रहते हैं।

भारतीय लोग अपने स्वभाव से बहुत विनम्र होते हैं, यह गुण उनको दूसरो से खास बनाता है। क्योंकि एक सीईओ के अंदर काम के समय विनम्रता का होना आवश्यक है। जो काम के समय अपने सभी कर्मचारियों के साथ सम्मान से पेश आए, जिससे उन्हें ऐसा लगें कि कंपनी वास्तव में अपने कर्मचारियों की परवाह करती है। जो पूर्ण वफादारी से कंपनी में काम करते हैं। जिससे एक मजबूत बंधन बनता है।

अमेरिकी फैमस लोग भारतियों की प्रशंसा कर रहे

अमेरिका में भारतीयों की सफलता देख, अब वहां के प्रमुख लोग ही भारतियों के गुण गा रहे हैं। जिनमें अमेरिका की ऑनलाइन पेमेंट कंपनी स्ट्राइप के सीईओ पैट्रिक कॉलिसन ने एक ट्वीटर पर पोस्ट शेयर की हैं। जिसमें उन्होंने लिखा है कि Google, Microsoft, Adobe, IBM, Palo Alto Networks, और अब Twitter भारत में पले-बढ़े CEO द्वारा चलाए जा रहे हैं।  प्रौद्योगिकी की दुनिया में भारतीयों की आश्चर्यजनक सफलता और अमेरिका द्वारा अप्रवासियों को प्रदान किए जाने वाले अवसरों की एक अच्छी याद दिलाते हुए देखना अद्भुत है।  (बधाई हो, @paraga!)

दुनिया के सबसे आमिर व्यक्ति एलोन मस्क ने भी भारतीयों की शक्ति को महसूस करते हुए बोले कि भारतीय प्रतिभा से अमेरिका को बहुत फायदा!



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