चीन सरकार का दावा, चीन दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, भारत नहीं।

चीन की स्टेट मीडिया ने एक बहुत बड़ा दावा किया, जिससे पूरी दुनिया हतप्रभ रह गई। चीन की मीडिया ने कहा है कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है न कि भारत।

जबकि पूरी दुनिया जानती है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है, जहां एक संविधान हैं और उसी के नेतृत्व में भारत की व्यवस्था 75 वर्षों से अविरल चलती जा रही है। भारत में हर 5 वर्षों के बाद राज्य सरकार और केंद्र सरकार के लिए चुनाव होते हैं। 

लेकिन चीन की सरकार और वहां की स्टेट मीडिया भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतन्त्र नहीं मानती है। उनका मानना है कि चीन वास्तव में सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है, दरअसल चीन की कम्यूनिस्ट सरकार ने लोकतंत्र की नई परिभाषा तय की है। जिनके अनुसार, ऐसा लोकतंत्र, जो देश के लोगों का विकास करें और पूरे देश की कमान एक पार्टी (जैसे CCP) के नीचे हों। चीन का मानना है कि लोकतन्त्र की परिभाषा अमेरिका और पश्चिमी देशों के अनुसार न तय हों। इसलिए चीन चाह रहा है कि चीन खुद  लोकतन्त्र की परिभाषा दे। जिसको पूरी दुनिया मानें और उसको अपनाएं भी।

हालाकि सिर्फ पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना नाम रख लेने से कोई लोकतंत्र नहीं बन जाता है। एक लोकतन्त्र की पहचान लोगों की स्वतंत्रता, वोट देने की आजादी और बहू दलीय व्यवस्था से होती है। क्यों कि जब लोग एक दल से परेशान हों जाते हैं तो वे दूसरे दल को देश की सत्ता सौप सकते हैं। लेकिन चीन में ऐसा कुछ भी नहीं है बल्कि शी जिनपिंग अब चीन के आजीवन राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। 

अमेरिका ने अभी हाल में ही लोकतंत्र पर एक शिखर सम्मेलन बुलाया था, जिसमें भारत, ताइवान और पश्चिमी देशों को आमंत्रण दिया था। लेकिन इसमें चीन और रूस को नहीं बुलाया था। जिसके जवाब में चीन के विदेेश मंत्रालय ने कहा था कि अमेरिका लोकतंत्र को मानवता की सेवा करने के बजाय अपने भू राजनीतिक लक्ष्य को हासिल कर रहा है।

दुनिया में स्वयं को लोकतान्त्रिक कहने वाले देशों की संख्या

दुनिया भर में लगभग सभी देश अपने को लोकतान्त्रिक देश बताते हैं, लेकिन वास्तव में एक तानाशाह के कब्जे में होते हैं। उत्तर कोरिया, जो खुद को डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया कहता है। लेकिन क्या वह वास्तव में एक लोकतांत्रिक देश है, जहां चुनाव होते हैं। लेकिन 'सत्ता किम जोंग उन' के पास ही रहती है। इसी तरह रूस है, यहां भी चुनाव होते हैं। लेकिन परिणाम सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में ही आता है। 


जबकि भारत, अमेरिका, जापान और दूसरे पश्चिमी देशों में लोगों के द्वारा चुनी हुई सरकारें आती हैं, जहां के लोग खुद अपने नेता का चुनाव करते हैं। चुनाव की प्रक्रिया एकदम स्पष्ट और निष्पक्ष होती है। 

दुनिया में घोषित अलोकतांत्रिक देश

हा दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं, जो दुनिया में साफ तौर पर यह कहते लोग हैं कि वे लोकतान्त्रिक देश नहीं हैं। इनमें सऊदी अरब, ओमान, ब्रूनेई, बेटिकन सिटी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। क्यों कि यहां राज शाही शासन व्यवस्था है।

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