बारबाडोस ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को ठुकरा कर एक नया गणतंत्र बना, महारानी को राज्य प्रमुख के पद से हटाया।

दुनिया में मंगलवार को एक नए रिपब्लिक देश की वृद्धि हुई।  कैरिबियन देश बारबाडोस ने अपने संबंध ब्रिटेन की महारानी से हमेशा के लिए तोड़ लिए हैं, जिससे बारबाडोस को पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त हुईं और अब वह एक गणतंत्र बन गया।

बारबाडोस ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अपने देश के प्रमुख के पद से हटा दिया है और उनका स्थान वहां की पहली राष्ट्रपति सैंड्रा मेसन ने लिया है। जो अब बारबाडोस की राज्य प्रमुख हैं, जिस तरह से भारत के राष्ट्रपति भारत के प्रमुख हैं। बारबाडोस देश ने यूनाइटेड किंगडम  से संप्रभुता और स्वतंत्रता 30 नवम्बर 1966 को ही प्राप्त कर ली थी। लेकिन वहां की राज्य प्रमुख ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय बनी रहीं थीं, जिस वजह से वह गणतंत्र नहीं बन सका। अब बारबाडोस ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को बारबडोस के राज्य प्रमुख पद से हटा दिया है। इसलिए उसकी 30 नवम्बर 2021 को एक रिपब्लिक के रूप में स्थापना हुई है।

बारबाडोस में पहली बार अंग्रेजी जहाज ओलिव ब्लॉसम 14 मई 1625 को पहुंचा था। जहां ब्रिटेन से पहुंचे लोगों ने राजा जेम्स 1 के नाम पर कब्ज़ा कर लिया और वहां ब्रिटिश साम्राज्य के तहत शासन करना शुरू कर दिया था। बारबाडोस के लोगों पर उपनिवेशिक काल के दौरान भीषण अत्याचार हुए थे, एक अनुमान के मुताबिक ब्रिटिश उपनिवेशवादियों ने बारबाडोस के चीनी बागानों पर काम करने के लिए 380,000 से अधिक लोगों को गुलाम बनाया था। इसके अलावा वहां के लोगों को ब्रिटेन में लाकर गुलाम के रूप में बेचा जाता था। 

बारबाडोस के लोगों के अंदर ब्रिटिश गुलामी और ब्रिटिश राज परिवार के प्रति बहुत नफ़रत है, जिसकी झलक वहां की राष्ट्रपति के भाषण में दिख जाती है। बारबाडोस की पहली स्थानीय राज्य प्रमुख व राष्ट्रपति  बनने वाली सैंड्रा मेसन ने कहा कि वह "हमारे औपनिवेशिक अतीत को पूरी तरह से पीछे छोड़ना चाहती हैं।" इस छोटे से द्वीप की पहली राष्ट्रपति की शपथ समारोह में ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस चार्ल्स और विख्यात पॉप गायिका रिहाना भी शामिल हुईं थीं।

खासबात यह है कि रिहाना फेंटी का जन्म बारबाडोस में हुआ था और उनको वहां की राष्ट्रपति ने 11वे राष्ट्रीय हीरो की उपाधि से सम्मानित किया है। बारबाडियन गीतकार रिहाना बारबाडोस की दूसरी महिला राष्ट्रीय हीरो होंगी, उन्हें राइट ऑनरेबल की उपाधि दी गई है। जिससे अब वह द राइट ऑनरेबल रॉबिन रिहाना फेंटी के नाम से भी जानी जायेगी।

बारबाडोस का भौगोलिक और आर्थिक चित्रण

बारबाडोस एक कैरिबियन व अटलांटिक महासागर का देश है, जो 34 किलोमीटर लंबा और 23 किलोमीटर चौड़ा द्वीप है। इसका कुल क्षेत्रफल 432 वर्ग किलोमीटर (167 वर्ग किलोमीटर) है। इसका सबसे बड़ा शहर ब्रिजटाउन है और जो इसकी राजधानी भी है। बारबाडोस की जनगणना के अनुसार, यहां की कुल आबादी 287,025 है, जो 2010 की जनगणना में 277,821 थी। इस छोटे से द्वीप पर प्रति वर्ग किलोमीटर में 660 लोग निवास करते हैं और यहां ईसाई धर्म के लोगों की संख्या 75.6% है। जबकि 20.6% लोग किसी भी धर्म को नहीं मानते हैं। 

2019 के आंकड़ों के हिसाब से यहां की कुल जीडीपी 5.398 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, जो भारतीय रूपए में 40,000 करोड़ बनती है। हालाकि बारबाडोस देश में प्रति व्यक्ति आय 18,798 डॉलर है, जबकि भारत की प्रति व्यक्ति आय 6,390 यूएस डॉलर है। जिससे साफ हो जाता है कि बारबाडोस के लोग भारतीयों से 3 गुना अमीर हैं। मानव विकास सूचकांक में बारबाडोस 0.814 की संख्या प्राप्त करता है, जो मानव विकास सूचकांक का उच्च पैमाना माना जाता है। इस देश की अपनी मुद्रा है, जिसको बारबेडियन डॉलर ($) के नाम से जाना जाता है। 

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