विश्व महिला टैनिस संघ ने चीन में होने वाले सभी टूर्नामेंट को स्थगित किया, पेंग शुआई ने सीसीपी के पूर्व नेता पर बलात्कार का आरोप लगाया था।

विश्व महिला टैनिस संघ ने पेंग शुआई के मामले को लेकर चीन के साथ हांगकांग में होने वाले सभी टूर्नामेंट स्थगित कर दिए, जिसका कारण चीन में पेंग शुआई की सुरक्षा के लिए बढ़ती चिंता है। वह करीब 1 महीने से सार्वजनिक रूप से गायब हैं। 

दरअसल पेंग शुआई चीन की विख्यात टैनिस स्टार खिलाड़ी हैं , जिनको पूरी दुनिया जानती है। सीएनएन, द न्यूयॉर्क टाइम्स और द गार्जियन की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन्होंने  पीछले महीने 2 नवंबर को चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीवो पर एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने चीन के भूतपूर्व शक्तिशाली नेता पर बलात्कार करने का आरोप लगाया था। लेकिन जैसे ही यह पोस्ट वीवो प्लेटफॉर्म पर अपलोड़ हुईं, तो यह पोस्ट केवल 3 मिनिट के अंदर  हटा दी गई। जिसके साथ ही पेंग शुआई को चीन के गूगल व दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रतिबंधित कर दी गई। 

पेंग शुआई का मामला चीन की सरकार और कम्यूनिस्ट पार्टी के लिए सिर दर्द बनता जा रहा है। क्योंकि चीन के बीजिंग में शीतकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन भी होने जा रहा है। पेंग शुआई के गायब होने के समाचार सुनकर अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बाख भी चिंतित हो रहें हैं, जिसको लेकर उन्होंने 21 नवंबर को पेंग के साथ एक वीडियो कॉल पर बात की थीं। जिसमें इस बात का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया था कि वह इस समय कहां हैं और न ही रेप के आरोपों के बारे में बताया गया। जिससे विभिन्न मीडिया संस्थानों ने पेंग शुआई और  थॉमस बाख की बातचीत के विडियो की छानबीन की गई थी। जबकि कुछ प्रमुख लोगों को यह बातचीत का विडियो पब्लिसिटी स्टंट लगा, जिसको चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के द्वारा ही जारी किया गया है।

डब्ल्यूटीए ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा था कि हमें संदेह हों रहा हैं कि पेंग शुआई कहां हैं, वह चीन में स्वतंत्र और सुरक्षित हैं  या उनको किसी ने अपने अधीन तो नहीं बना रखा है। क्यों कि न्यूयार्क टाइम्स की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,वह चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी की हिरासत में कैद हैं।

झांंग पर बलात्कार का आरोप लगाया

पेंग शुआई ने चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के पूर्व ताकतवर नेता झांग पर रेप करने का आरोप लगाया था। जिस वजह से कम्यूनिस्ट पार्टी ने अपनी छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए पेंग शुआई को ही हिरासत में ले लिया। अगर पेंग शुआई के लिए आवाज नहीं उठाई गई। तो चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी पेंग शुआई को मार देगी या सदा के लिए गायब कर देगी। 

झांंग चीन में बहुत बडी ताकत थे, जिन्होंने रशियन राष्ट्रपति चीन और अमरीकन राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ बहुत सारी मीटिंग की थी। इसके अलावा उन्होंने सीपीईसी परियोजना में अहम भूमिका निभाई थी। 

चीनी शासन की क्रूरता

पेंग शुआई के मामले से यह साफ़ हो जाता है कि चीन में कम्यूनिस्ट पार्टी और वहां की तानाशाही सरकार के लिए न्याय मजाक है। क्योंकि चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी व राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ़ जो भी आवाज उठाता है, उसका हाल अलीबाबा के संस्थापक की भांति हो जाता है। क्यों कि इन्होंने ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आलोचना की थी, जिसके बाद वहां की सरकार ने उनका जीना हराम कर दिया है। जिसका सीधा मतलब है कि चीन में एकात्मक और तानाशाही शासन है, जहां कोर्ट और कचहरी चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी है। यहां से निकला निर्णय आखिरी होता है।

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