विश्व के प्रभावशाली संगठन, जिनका पुरी दुनिया पर प्रभाव पड़ता है।

आधुनिक युग में दुनिया  एक घर बन चुकी है, अर्थात् देशों की दूरियां सिमट गई हैं। आज हर कोई दुनिया को अच्छे से समझता है। इसी से दुनिया में एक विस्तृत व्यवस्था ने भी जन्म लिया है। जिनको हम विभिन्न नामों से जानते हैं, जिनके कारण दुनिया सुचारू ढंग से चल रही है। आज हम दुनिया के कुछ महत्वपूर्ण संगठनो के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं। जिनका दुनिया के लिए कुछ विशेष महत्व है। 


अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund)

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, इसकी स्थापना ब्रेटनवुड्स सम्मेलन के द्वारा 27 दिसम्बर , 1945 को हुईं थीं। इसका प्रमुख उद्देश्य सदस्य देशों को भुगतान और इकोनॉमी से समंधित जटिलताओं पर सलाह देना है। भारत आई.एम.एफ के संस्थापक सदस्यों में से एक  है। इस समय आई.एम.एफ के सदस्यों की संख्या 189 हैं और इसका मुख्यालय अमेरिकी की राजधानी वॉशिंगटन में है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)

विश्व स्वास्थ्य संगठन भी संयुक्त राष्ट्र संघ का एक अहम हिस्सा है, जिसका कर्तव्य दुनिया के स्वास्थ को ठीक बनाए रखना है और महामारी के दौरान दुनिया का नेतृत्व करना। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल,1948 (73 वर्ष पहले) को हुईं थीं। इसका मुख्यालय जिनेवा स्विट्जरलैंड में है। वर्तमान में WHO के 150 से अधिक देशों में क्षेत्रीय कार्यालय हैं और इन सभी देशों में बड़े पैमाने पर सक्रिय भी है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन को पैसा सद्स्य देशों से प्राप्त होता है, जिसमें अमेरिका सबसे ज्यादा पैसा WHO को देता है। डबल्यू. एच.ओ. के 2020 और 2021 के लिए 7.96 बिलियन डॉलर का बजट है। लेकिन अगर व्यक्तिगत रूप से देखें तो जर्मनी WHO की फंडिग में सबसे आगे है। लेकिन अमेरिका की ओर से बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन भी बड़े पैमाने पर डबल्यू. एच. ओ. को फंडिग करता है। इसलिए अमेरिका सबसे ऊपर होगा। 

ब्रिक्स संगठन (BRICS)

जिम ओ नील, यहीं पहले वो व्यक्ति हैं, जिन्होंने वर्ष 2001 BRICS Organisation की पसंस्तुति की थी। दरअसल ब्रिक्स 5 विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है, इस संगठन का प्रमुख लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और वित्तीय मामलों पर सहयोग बढ़ाना,  नीति समन्वयन और राजनीतिक संवाद को बढ़ावा देना है। 

जिसके सद्स्य ब्राजील, रूस, भारत,  दक्षिण अफ्रीका और चीन हैं। इस संगठन का पहला शिखर सम्मेलन रूस के येकातेरिनबर्ग में 16 जून 2009 में हुआ था। दक्षिण अफ्रीका से पहले यह संगठन BRIC के नाम से जाना जाता था लेकिन दक्षिण अफ्रीका के शामिल हों जानें के बाद, इसका नाम बदलकर ब्रिक्स (सितंबर 2010 में न्यूयॉर्क) पड़ गया।

विश्व बैंक (World Bank) 

विश्व बैंक (World Bank) एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान है। जिसका प्रमुख उद्देश्य गरीब और विकासशील देशों को आर्थिक विकाश के लिए धन मुहैया कराना है। वर्ल्ड बैंक की स्थापना जुलाई 1944 को 77 साल पहले हुईं थीं। इसका मुख्यालय 1818 एच स्ट्रीट एनडब्ल्यू, वाशिंगटन डीसी , यूएस में है। विश्व बैंक के सद्स्य देशों की संख्या 189 है। हैरी डेक्सटर व्हाइट और जॉन मेनार्ड कीन्स विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) दोनों के जनक मानें जातें हैं। 

विश्व बैंक कुल 5 संस्थाओं से मिलकर बनी है। जो निम्नवत हैं।

1. अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ ( IDA )

2. पुनर्निमाण एवं विकास हेतु अंर्तराष्ट्रीय बैंक ( IBRD )

3 . अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम ( IFC ) 

4.बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी ( MIGA ) 

5.निवेश सम्बंधी विवादों से निपटने हेतु अंर्तराष्ट्रीय केन्द्र ( ICSID)

विश्व व्यापार संगठन (WTO)

विश्व व्यापार संगठन का भूतपूर्व नाम व्यापार एवं टैरिफ पर सामान्य समझौता ( General Agreement On Trade and Tariff, GATT) या गैट था।  लेकिन 1 जनवरी 1995 की मराकेश संधि द्वारा इसका नाम WTO कर दिया गया।

विश्व व्यापार संगठन (WTO) दुनिया के व्यापार का जज साहब कहलाता है, जो सभी देशों के बीच होने वाले व्यापार को कंट्रोल करता है। जिसके लिए वह कुछ नियम और कानून बनाता है। दुनिया का हर देश विश्व व्यापार संगठन का सदस्य होता है। इसका मुख्यालय जिनेवा स्विट्जरलैंड में मौजूद है, इसके सदस्यों की संख्या 164 है। 

 शंघाई सहयोग संगठन

शंघाई सहयोग  संगठन की 15 June 2001 को चीन के शहर शंघाई में हुईं थीं। जिसका प्रमुख इसके मूल संस्थापक सदस्य चीन, रूस, तजाकिस्तान, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान थे। जिन्होंने मिलकर शंघाई- 5 संगठन की स्थापना की थी। हालाकि वर्तमान समय में शंघाई संगठन के सदस्यों की संख्या 8 है, जिसमें 3 नए देश भारत, पाकिस्तान और उज़्बेकिस्तान भी शामिल हुए हैं। इसीलिए इस संगठन के नाम को 9 जून 2017 को शंघाई सहयोग संगठन ( SCO ) कर दिया गया था। इस संगठन का मुख्यलाय शंघाई चीन में हैं। 

सार्क संगठन (SAARC)

सार्क वास्तव में दक्षिण एशियाई देशों का एक संगठन है, जिसको दुनिया दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) (South Asian Association for Regional Cooperation) के नाम से भी जानती है।जिसकी स्थापना 8 दिसम्बर 1985 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुईं थीं। इसका मुख्यालय नेपाल के काठमांडू में स्थित है। SAARC सदस्य देशों में अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भारत, मालदीव, श्रीलंका और भूटान शामिल हैं।

सार्क संगठन का उद्देश्य सभी सद्स्य देशों के बीच आर्थिक विकास, सामाजिक उन्नति और सांस्कृतिक प्रगति में साथ चलना है और सही अवसरों का लाभ उठाना।

यूएनएससी (UNSC)

यूएनएससी का पूर्ण नाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations security council) है, जोकि संयुक्त राष्ट्र का एक सबसे शक्तिशाली हिस्सा है। इसकी जिम्मेदारी है कि दुनिया में शांति बनी रहीं। यहीं कारण है कि इसको दुनिया का सिपाही भी कहा जाता है।  

यूएनएससी में अस्थाई और स्थाई दो तरह के सद्स्य होते हैं। जिसमें स्थाई देशों की संख्या 5 हैं, जिनमें अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और इंग्लैंड हैं और कुल अस्थाई सद्स्य देशों की संख्या 10 के क़रीब है। स्थाई देश अस्थाई देशों की तुलना में अधिक शक्तिशाली होते हैं। क्योंकि इन सभी देशों के पास वीटो पॉवर होती है।

नाटो (NATO)

नाटो एक सैन्य गठबन्धन  है, जिसको  उत्तरी अटलाण्टिक सन्धि संगठन (North Atlantic Treaty Organization) के नाम से भी जानते हैं। इसकी स्थापना अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में 4 अप्रैल 1949 को हुई थी। वर्तमान समय में इस सैन्य समूह के 29 देश सद्स्य हैं। नाटो का मुख्यालय ब्रुसेल्स बेल्जियम में है। जिनमें अमेरिका, कनाडा और यूरोपियन देश आते हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य सामूहिक सुरक्षा है। अर्थात् एक देश पर हमला सभी 29 देशों पर हमला माना जायेगा। हालाकि इसका निर्माण सोवियत संघ के विरुद्ध हुआ था और अब इस संगठन की ज्यादा जरूरत नहीं रहीं है। क्योंकि अब रूस से ज्यादा खतरनाक चीन है। क्योंकि चीन वर्तमान में कोई भी अंतरराष्ट्रीय नियम या कानून का पालन नहीं कर रहा है। जो दूसरे देशों के आधिकारों और उनकी जमीन कब्जाने पर उतारू है। 

ओपेक पेट्रोलियम संगठन (OPEC)

ओपेक 14 सितंबर, 1960 (बगदाद, इराक में ), ओपेक पेट्रोलियम निर्यात करने वाले देशों का एक अंतर सरकारी संगठन है। जिसकी स्थापना  14 सितंबर, 1960 को  ईराक के विख्यात शहर बगदाद में हुईं थीं। इसके संस्थापक सदस्यों की संख्या शुरूआत में 5 थी और बाद में सद्स्य देशों की कुल संख्या 14 हो गई। ओपेक का मुख्यलाय ऑस्ट्रिया के वियना में है। ओपेक देशों में सऊदी अरब सबसे ज्यादा तेल निर्यात करने वाला देश है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात, कतर और ईराक शामिल हैं। 

जी 8 समूह 

G 8 समूह  1997 से 2014 तक एक अंतर-सरकारी राजनीतिक मंच था। लेकिन क्रीमिया पर कब्जा करने के कारण रूस को इस समूह से निकाल दिया गया था। जिसके बाद यह जी 7 समूह कहलाया। जिसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूनाइटेड किंगडम, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा हैं। यह समूह  आर्थिक तौर पर बेहद शक्तिशाली है। जो आर्थिक विकास, वैश्विक सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक ऊर्जा जरूरतों और आंतकवाद जैसे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हैं और आम सहमति भी जताते हैं।

ओआईसी (OIC)

ओआईसी की स्थापना 25 सितंबर 1969 को सऊदी अरब के जेद्दा शहर में हुईं थीं। OIC का पूर्ण नाम इस्लामिक सहयोग संगठन (Organisation of Islamic Cooperation) है। लेकिन इसका शुरूआती नाम आर्गेनाइजेशन ऑफ द इस्लामिक कांफ्रेंस था। जिसको 28 जून 2011 को अस्ताना की विदेश मंत्रियों की बैठक में बदल दिया गया था। वर्तमान में इसके सद्स्य देशों की संख्या 57 हैं और इसका मुख्यालय जेद्दा, सऊदी अरब में है।

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