एशिया पॉवर इंडेक्स में भारत ने रूस को पीछे छोड़ा, चीन की डिप्लोमेटिक शक्ति में आई भारी कमी, कारण कोरोना वायरस और विस्तारवादी रवैया।

एशिया पावर इंडेक्स में भारत ने रूस को पिछे छोड़कर चौथा स्थान प्राप्त किया। जिसमें अमेरिका पहले स्थान के साथ ऐशिया की सर्वोच्च शक्ति है।

दरअसल ऑस्ट्रेलिया का एक लोई इंस्टीट्यूट है, जो हर साल एशिया पॉवर इंडेक्स नाम से शाक्तिशाली देशों की एक सूची जारी करता है। LOWY INSTITUTE ने 2021 का एशिया पॉवर इंडेक्स जारी कर दिया है। जिसमें एशिया के 26 देशों को शामिल किया गया है। इन 26 देशों में सबसे ज्यादा शाक्तिशाली देश संयुक्त राज्य अमेरिका 82.2 नंबर के साथ पहले स्थान पर काबिज है और चीन 74.6 नंबर के साथ दूसरे स्थान पर है। हालाकि चीन की पिछले साल की रैंकिंग के हिसाब से 1.5 अंको की कमी दर्ज़ की गई है।

सुपर पॉवर

LOWY INSTITUTE के अनुसार, एशिया में संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन 70 से ज्यादा अंको के साथ दोनों सुपर पॉवर देश की श्रेणी में आतें हैं, जिनका एशिया में अपना प्रभुत्व है। हालाकि LOWY INSTITUTE ने इस इंडेक्स में बताया है कि एशिया में चीन की डिप्लोमेटिक शक्ति में कमी आई है, जिसकी सबसे बड़ी वजह शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन का गैर जिम्मेदार होना है और उनके नेतृत्व में चीन की विस्तारवादी रवैया अख्तियार करना है। इसका दूसरा कारण कोविड 19 वायरस का चीन से बाहर दुनिया में फैलना भी है। 

एशिया की मिडिल पॉवर

LOWY INSTITUTE के 2021 के पॉवर इंडेक्स के अनुसार, जापान 38.7 अंको के साथ तीसरे पायदान पर मौजूद है और भारत 37.7 अंकों के साथ इस पॉवर इंडेक्स में चौथे स्थान पर है। इस पॉवर इंडेक्स की सबसे खास बात यह है कि भारत ने रूस (33) को चौथे स्थान से पांचवे स्थान पर खिसका दिया है। इसके अलावा एशिया की मिडिल पॉवर में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, साउथ कोरिया, उत्तर कोरिया, सिंगापुर आदि देश शामिल हैं।

एशिया पॉवर इंडेक्स की योग्यताएं

LOWY INSTITUTE का एशिया पॉवर इंडेक्स देशों की विभिन्न क्षमताओं पर आधारित है। जिसमें देशों की  आर्थिक क्षमता, सैन्य क्षमता, लचीलापन, भविष्य के संसाधन, आर्थिक संबंध,रक्षा नेटवर्क, राजनयिक प्रभाव और सांस्कृतिक प्रभाव शामिल हैं। 

सबसे खास देश ताइवान

आस्ट्रेलिया के LOWY INSTITUTE के एशिया पॉवर इंडेक्स की सबसे मजेदार बात है कि इसमें ताईवान को भी शामिल किया गया है, जोकि चीन के लिए एक सिर दर्द साबित हो रहा है। इसमें इन्होंने ताईवान को 16.2 अंको के साथ 14 स्थान पर एक मिडिल पॉवर के रूप में रखा है।

एशिया की छोटी शक्तियां

LOWY INSTITUTE की एशिया पॉवर छोटी शक्तियों में सबसे ऊपर ब्रूनेई आता है, जो 9.6 अंको के साथ 18वे स्थान पर है। इसके अलावा बांग्लादेश, श्री लंका, म्यांमार और नेपाल आदि महत्वपूर्ण देश शामिल हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post