ईसाई मिशनरी स्कूल ने 12वीं कक्षा की हिन्दू लड़की को जबरदस्ती ईसाई बनाना चाहा, स्कूल प्रशासन से तंग आकर लावण्या ने आत्महत्या की कोशिश की

भारत में ईसाई मिशनरी स्कूल किस तरह से शिक्षा के मंदिरो को धर्म परिर्वतन कराने के लिए कर रहे हैं। इसका एक उदाहरण आज तमिलनाडु राज्य के एक ईसाई मिशनरी स्कूल से निकल कर आया है। जहां हिन्दू बच्चों का जोर जबरदस्ती धर्म परिर्वतन का गोरखधंधा चल रहा है। 


एक ऐसा ही कुछ 12 वीं कक्षा की एम. लावण्या के साथ हुआ है। वह तमिलनाडु के अरियालुर जिले के वडुगपलायम गांव में रहती है।  वह 12 वीं कक्षा की पढ़ाई एक थिरुक्कट्टुपल्ली प्योर हार्ट हाई स्कूल से कर रहीं थीं। जिस स्कूल में वह पढ़ रहीं थीं। वह एक ईसाई मिशनरी का स्कूल है। 


स्कूल के ईसाई प्रशासन ने एम. लावण्या को हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर दिया। लेकिन बहादुर लड़की ने ईसाई प्रशासन की बात को साफ़ इंकार कर दिया। इससे नाराज़ स्कूल प्रशासन ने एम. लावण्या को छुट्टियों में घर पर भी नहीं जानें दिया और उसे स्कूल में ही बंदी बना लिया। इसके अलावा, ईसाई स्कूल प्रशासन ने छोटी सी लड़की से शौचालय धोने, स्कूल की सफाई करने, बर्तन धोने और खाना पकाने जैसे काम कराएं। 


इन सब बातों से तंग आकर हिंदू छात्र लावण्या ने अपनी जिंदगी का सबसे ख़तरनाक कदम उठा लिया। बेहद डरी और निराश छात्र लावण्या  ने आत्महत्या की कोशिश कर डाली।


अब आप समझ सकते हैं कि भारत में ईसाई मिशनरी किस तरह से हिंदुओं के खिलाफ़ षड्यंत्र रच रही हैं। ये लोभ लालच देकर गरीब हिंदुओं का ईसाई धर्म में परिर्वतन कर रहीं हैं। 

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