यूक्रेन में 18000 से अधिक भारतीय फंस गए, भारतीय बोले कि रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकता

यूक्रेन समस्या बड़ी होती जा रही है। लेकिन इसमें भारत के लगभग 18000 बिद्यार्थी फंस गए। अभी कुछ दिनों पहले यूक्रेन के कीव स्थित भारतीय दूतावास ने एक फॉर्म जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि जो भी भारतीय यूक्रेन में है। वह इस फॉर्म को 31 जनवरी 2022 तक भर दें। जिसमें उनको अपना यूक्रेन का पता, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और भारत में किस राज्य से' को भरना था। क्योंकि अमेरिका और पश्चिमी देशों ने अपने नागरिकों को पहले ही यूक्रेन से निकाल लिया है।   

रूसी सैनिक टैंक व ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन

यूक्रेन में बहुत से भारतीय मेडिकल स्टूडेंट्स भी हैं जो वहां के विभिन्न कॉलेज में पढ़ रहे हैं।  इन छात्रों का कहना है कि यहां के हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। लोग डरे सहमे हैं। क्योंकि रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकता है और एक बड़े युद्ध की संभावनाओं को भी नदरंदाज नहीं किया जा सकता है। यूक्रेन में मौजूद भारतीय छात्र बहुत ज्यादा परेशान हैं। क्योंकि एक तो उनकी जान खतरे में है और दूसरी तरफ पढ़ाई भी अधर में लटक गई है। 

कीव स्थित भारतीय दूतावास

अमेरिकी विदेश मंत्रालय और जोए बाइडेन ने भी कहा है कि रूस यूक्रेन पर मध्य फ़रवरी पर आक्रमण कर सकता है।  हालाकि अभी कुछ दिन पहले फ्रांस की राजधानी पेरिस में यूक्रेन, रूस, अमेरिका और फ्रांस के प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। जिसमें दोनों देशों ने संघर्ष विराम की घोषणा की थी। लेकिन रूस के तेवर को देखते हुए ऐसा कुछ लग नहीं रहा है। क्योंकि यूक्रेन सीमा पर पहले से ही 100,000 रूसी सैनिक तैनात हैं। इनमें रूस ने 25,000 से अधिक सैनिकों की ओर वृद्धि कर दी। बेलारूस भी पूरी तरह से रूस के साथ हो गया है और यूक्रेन को तीन तरफ से घेर रहें हैं। 

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ी दिया जा सकें। जोए बाइडेन यूक्रेन संकट को अफगानिस्तान की तरह बिल्कुल नहीं होने देगें। अन्यथा जोए बाइडेन अमेरीकी इतिहास के सबसे कमजोर राष्ट्रपति के रूप में गिने जायेंगे। इससे रिपब्लिकन पार्टी की 2024 में पुनः एक बार अमेरिकी सत्ता में वापसी मुश्किल में पड़ जायेगी।

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ब्रिटेन खुलकर यूक्रेन के समर्थन में उतर आया है। उसने नाटो को यूक्रेन में अपनी सेना तैनात करने का ऑफर दिया। इसके अलावा वहां के पीएम बोरिस जॉनसन ने कहा कि वह क्रेमलिन को एक स्पष्ट संदेश भेज देना चाहते हैं कि हम रूस की अस्थिर करने वाली गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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