अमेजन एक रहस्यमय जंगल, जो भारत के क्षेत्रफल से 2 दुगुना है।

अमेजन वन       

वन मानव सभ्यता का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है जिसके आधार पर आज धरती पर सभी जीवित प्राणी अपनी प्राणदायनी ऑक्सीजन पेड़ पौधों से प्राप्त करते हैं। वन में केवल पेड़ पौधों से मिलकर ही नहीं बना है बल्कि यह हजारों प्रकार के जीव जंतु और कीड़े, मकोड़ों का आवास है। जिस तरह आज मानव को रहने के लिए एक सुख और शांति पूर्ण घर की आवश्कता होती हैं वैसे ही जंगली जानवरों के लिए वन रुपी घर की आवश्कता होती हैं यह वन ही उनको शांति और समृद्धि प्रदान करते हैं और जब मानव अपने सुख और आनंद के लिए इन वनों को काटता तथा इनका गलत तरीके से उपभोग करता है तो इसमें रहने वाले वन्य प्राणियों का इस धरती से वजूद ख़त्म होने लगता है। 

वन संसाधनों का तीव्र गति से नष्ट होना। मानव सभ्यता के लिए भी उतना ही खतरनाक है जितना वनों में रह रहें, जीव जंतु के लिए है। जब वन कम हो जायेगे तो ऑक्सीजन उत्पादन की दर बहुत कम हो जायेगी और कार्बन डाइऑक्साइड गैस की मात्रा में वृद्धि होगी। क्यों कि जब वन प्रचुर मात्रा में मौजूद होगें तो कार्बन डाइऑक्साइड गैस के वनों द्वारा अवशोषण की दर ज्यादा होगी। 

आज हम धरती के सबसे बड़े वन पर कुछ अद्भुत बातों के बारे में पड़ेंगे

धरती का सबसे बड़ा वन अमेजन जंगल है। यह जंगल धरती के फैफड़े हैं जो मानव सभ्यता और हमारी धरती को करीब 20% ऑक्सीजन देते हैं। अमेजन जंगल केवल पेड़ पौधों से युक्त नही है बल्कि इसमें जीव जंतुओं की ऐसी प्रजातियां हैं जो मानव के विकास से पहले से हैं। हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं कि अमेजन किस किस तरह के जीव जंतु रहते हैं। 


अमेजन जंगल के महत्वपूर्ण तथ्य इस प्रकार है

1.अमेज़न का आकार

अमेज़न जंगल एक बेसिन है जो लगभग 55 लाख वर्ग किलोमीटर (5.5 million km²) क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यह जंगल इतना बड़ा है कि यह भारत के क्षेत्रफल से 1.67 गुना अधिक है। अमेजन वन 9 देशों में फैला हुआ है। जिनमें ब्राजील, बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलम्बिया, वेनेजुएला, गुयाना, सूरीनाम और फ्रेंच गुयाना, आदि देश हैं। अमेज़न वन का बड़ा हिस्सा 58.4% ब्राज़ील में आता है। इस पूरे क्षेत्र को अमेजन बेसिन के नाम से जाना जाता है।

2.अमेज़न नदी

अमेज़न वन की विख्यात नदी अमेज़न नदी है जो इस वन की प्रमुख नदी है। इस नदी की लंबाई 6,437 किमी (4,000 मील) है इसका उदगम स्थल पेरू का एडीज पर्वतमाला है जो यहां से पूर्व की ओर बहती है। इसमें 8 नदियां आकर मिल जाती हैं जिससे अमेज़न नदी की घाटी विश्व की सबसे बड़ी नदी घाटी है और साथ में ही अमेज़न नदी दुनिया की सबसे लंबी नदी है जो करीब 8 देशों से गुजरती हैं वो देश ब्राज़ील, बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया, वेनेज़ुएला, सूरीनाम और फ्रेंच गुयाना हैं। 


 इस नदी की तुलना भारत की गंगा नदी से कर सकते हैं क्यों कि गंगा उत्तर भारत की जीवनदायनी है जिसके मुहाने पर 35 से 40 करोड़ लोगों का बसेरा है और साथ ही साथ इसके तटों पर भारत के महान पुरातन सांस्कृतिक काल के शहर मौजूद हैं। गंगा उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों को उपजाऊ मिट्टी प्रदान करती है जिससे अच्छी फसल की पैदावार होती है और पुरे भारत वर्ष का पेट भरता है। इसी तरह अमेज़न नदी अमेज़न वन के जीव जंतुओं और अमेज़न वन में रह रहें जनजातीय लोगों की जिन्दगी है।

3.वर्षा वन

अमेजन जंगल एक वर्षा वन है, जो दक्षिण अमरीकी महाद्वीप में पड़ता है। अमेजन बेसिन में बहुत ज्यादा वर्षा होती है, यहां वर्ष भर गर्म व नम जलवायु और भूमध्यरेखीय जलवायु पाई जाती है, ज्यादा वर्षात होने के कारण, जिससे यहां की मिट्टी हमेशा दलदली बनी रहती है। इस वन में पेड़ पौधों इतने घने हैं कि सूर्य का प्रकाश धरती तक पहुंच ही नहीं पाता है जिससे यहां बहुत बड़ी मात्रा में जहरीले कीड़े मकोड़ों और जीव जंतु मिल जायेगे। पेड़ पौधों एक दूसरे से इस तरह लिपटे हुए होते हैं कि आप वन में एक पेड़ से दूसरे के द्वारा यात्रा कर सकते हो।  


 अमेजन के वनों को धरती के फैफड़े भी कहा जाता है क्यों कि यहां के वन 20% ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं और लगभग इतनी ही मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस का अबशोषण करते हैं। अगर अमेजन जंगल नहीं रहें। तो 20% कार्बन डाइऑक्साइड गैस धरती के वायुमंडल में चली जाएं। जिससे धरती के तापमान में वृद्धि होगी।

4.अमेजन वन के नष्ट होने की रफ्तार

अमेजन वन के खत्म होना, मानव जीवन और वन्य जीवन के लिए किसी शाप से कम नहीं क्यों कि जो वन पूरी दुनिया की ऑक्सीजन का लगभग 20% हिस्सा  रखतें हों, इस वन के ना होने पर धरती का ऐसा कोन सा हिस्सा होगा जो एकमुश्त ऑक्सीजन का इतना बड़ा हिस्सा दे। इसलिए अमेजन जंगल का नष्ट होना धरती के वायुमंडल और जीवन के लिए बहुत खतरनाक साबित होगा।


 वर्तमान के हिसाब से देखें तो 2019 में जब अमेजन जंगल में आग लगी थी तब  अगस्त 2019 से जुलाई 2020 तक वर्षावन का कुल 11,088 वर्ग किमी (4,281 वर्ग मील) का हिस्सा नष्ट हो गया। यह दर पिछले साल की तुलना में 9.5% ज्यादा हैं  यानी करीब पिछले साल भी इतना ही वर्षा वन खत्म हुए हैं। अगर इसी दर से वर्षा वन खत्म होते रहें तो अगले 40 से 50 वर्षों में अमेजन वर्षा वन पूरी तरह से खत्म हो जायेगें। वर्षा वन के खत्म होने के प्रमुख कारण, मानव की क्रियाएं जैसे कृषि, पशुपालन, खनन, तेल निष्कर्षण और बांध निर्माण शामिल हैं।

6. वन्य जीवन

अमेजन वन में लगभग 40,000 प्रकार की जाति के पेड़ पौधों पाये जातें हैं और 427 प्रकार के स्तनधारियों की प्रजातियां जैसे जगुआर, चींटी और विशालकाय ऊदबिलाव, लगभग 1,400 प्रकार के पक्षी जिनमें हार्पी ईगल, टूकेन और होजेटिन आदि, 378 सरीसृप जैसे अनाकोंडा सांप, 400 से ज्यादा उभयचर प्राणी, और मीठे जल की 3000 प्रकार की मछलियां सम्मिलित हैं। लगभग 1,00,000 के करीब अकशेरुकी प्रजातियां पाईं जाती हैं। 30  मिलियन से अधिक लोग और 350 प्रकार की स्वदेशी जनजातियां पाई जाती हैं।

अमेजन वन इतना बड़ा और घना है कि वैज्ञानिक पूरे वन का निरीक्षण भी नहीं कर सकते हैं। जिस कारण इस वन में बहुत पुरानी जनजातियां और वन्य जीव प्राप्त हो सकते हैं।

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