2000 वर्ष बाद मृत्यु का दैत्य जाग उठा, टोंगा में फटा 2000 साल से सोया हुआ ज्वालामुखी

दुनिया के 2000 साल के इतिहास में इतना भयंकर ज्वालामुखी कहीं नहीं फटा। जो आज एक छोटे से द्वीप टोंगा में फटा है। टोंगा द्वीप के समयानुसार करीब शाम 5 बजकर 10 मिनट पर ज्वालामुखी विस्फोट हुआ और धुंआ आकाश में फैल गया।  ज्वालामुखी से निकला लावा और राख टोंगा द्वीप के नागरिकों के घरों और सड़कों पर फैल गया। 

Credit Twitter टोंगा द्वीप ज्वालामुखी विस्फोट

ज्वालामुखी का विस्फोट इतना भयंकर था कि इसका लावा, राख और  भाप तीन मील चौड़े एक विशाल ढेर के हवा के साथ लगभग  12 मील आसमान तक पहुंच गया। कुछ समय के लिए लोगों को ऐसा लगा कि कहीं परमाणु बॉम्ब फट गया हो। इसका प्रभाव अमेरिका के पश्चिमी तटों, चिली, न्यूजीलैंड, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समुद्री तटों तक देखा जा रहा है। इन सभी देशों ने अपने नागरिकों को समुद्री तटों से दूर रहने को कहा है। क्योंकि समुद्री ज्वालामुखी फटने से बड़ी समुद्री सुनामी आ सकती है। 

टोंगा द्वीप का हंगा टोंगा-हंगा हापई ज्वालामुखी

टोंगन द्वीप एक छोटा सा प्रशांत महासागर का द्वीप व साम्राज्य है। जिसकी 1 लाख 6 हजार आबादी है। टोंगन द्वीप की  राजधानी  "नुकु अलोफा" है। टोंगन द्वीप के राजा टुपो VI ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान अपने तटीय महल में थे, जहां से सैनिकों ने उनको सुरक्षित निकाला। क्योंकि टोंगन से हंगा टोंगा-हंगा हापई ज्वालामुखी की दूरी मात्र 65 मील दक्षिण में थीं। 

समुद्री ज्वालामुखी का लावा

सन्डे टाईम्स के अनुसार, इसी टोंगन द्वीप पर मौजूद एक पत्रकार मैरी फोनुआ ने हंगा टोंगा-हंगा हापई  हंगा टोंगा-हंगा हापई ज्वालामुखी के भयंकर विस्फोट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ज्वालामुखी फटने के तुरंत 15 मिनट बाद विशाल समुद्री लहरें तटवर्ती इलाकों से टकराई। इसलिए वैज्ञानिक अनुमान लगा रहें हैं कि ज्वालामुखी विस्फोट के कारण यहां का मंजर बड़ा भयंकर हो सकता है। 

हंगा टोंगा-हंगा हापई ज्वालामुखी का असर 500 मील दूर, फिजी की राजधानी सुवा तक पड़ा। जहां के लोगों ने ज्वालामुखी के फटने की "ज़ोरदार गड़गड़ाहट की आवाज़" सुनी। इसके अलावा 2000 किलोमीटर दूर ऑस्ट्रलिया में बड़ी समुद्री सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। 

Post a Comment

Previous Post Next Post