भारत 2030 तक जापान को पछाड़कर एशिया की दूसरी आर्थिक महाशक्ति बन जायेगा।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की इकोनॉमी के बारे में बताया है कि भारत अब 3 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन चुका है।  भारत के लिए महत्वपूर्ण बात है क्योंकि भारत ने पिछले वर्ष 2020 और 2021 में कोविड 19 के कारण बहुत ज्यादा उतार चढ़ाव देखें हैं। जबकि विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र ने अभी भारतीय इकोनॉमी के डाटा में सुधार नहीं किया है। जिसका कारण कोविड 19 ही है। लेकिन आईएमएफ की रिपोर्ट की हर तरफ़ चर्चा हों रहीं है।

भारतीय अर्थव्यवस्था (नॉमिनल जीडीपी)

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था नॉमिनल जीडीपी के आधार पर अमेरिका 22.6 ट्रिलियन डॉलर के साथ पहले स्थान पर है और  16.6 ट्रिलियन डॉलर के साथ चीन दूसरे स्थान पर काबिज है। जबकि चीन के बाद एशिया में दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था (5.3 ट्रिलियन डॉलर) जापान है। जबकि भारत आईएमएफ की रिपोर्ट के आधार पर 3 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन चुका है। भारत से ऊपर मात्र 5 देश ही बचे हैं। भारत से ऊपर जर्मनी और इंग्लैंड हैं, जिनको पछाड़ कर भारत विश्व की 4 आर्थिक महाशक्ति बन जायेगा। जबकि भारत जापान को 2030 तक पछाड़कर 8 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जायेगा।

भारत की अर्थव्यवस्था पीपीपी मॉडल पर

अगर भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार का आंकलन क्रय शक्ति समता मॉडल (Purchasing power parity) पर करें तो यह विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था (10.181 ट्रिलियन डॉलर) बन चुकीं है। विश्व में चीन पीपीपी मॉडल के आधार पर 26.656 ट्रिलियन डॉलर के साथ पहली अर्थव्यवस्था है और अमेरिका 22.675 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरी अर्थव्यवस्था है।

आईएचएस मार्केट के अनुसार (IHS MARKET)

IHS मार्किट एक विख्यात सूचना सेवा कंपनी है जो महत्वपूर्ण वित्तीय बाजारों ,उद्योगों, सरकारों में ग्राहकों को सूचना, अनुसंधान, विश्लेषण और प्रौद्योगिकी प्रदान करती है। इसने अभी हाल में भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें IHS मार्किट ने कहा है कि भारत की नॉमिनल जीडीपी 2021 में 2.7 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2030 तक 8.4 ट्रिलियन डॉलर की बन जानें का अनुमान है। जबकि डॉलर के संदर्भ में मौजूदा कीमतों के आधार पर अर्थव्यवस्था का आकार 3.1 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है।
अगर यह सही साबित होता है तो एशिया विश्व की संपदा होगा। क्योंकि एशिया में चीन और भारत जैसी दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं होगी।

वित्त वर्ष 2021-2022 में

भारत के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर अपने अग्रिम अनुमान प्रकट किए हैं। एनएसओ कहा है कि इस चालू वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था 9.2% बढ़ने की उम्मीद है। जोकि ऐतिहासिक है। क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था में पहली बार 9.3% से ज्यादा की तेज़ी 1988-1989 में देखी गई थी।

भारत में 2030 तक 100 करोड़ इंटरनेट उपभोगता

एक रिपोर्ट के आधार पर, भारत में 2030 तक 1 अरब से ज्यादा इंटरनेट उपभोगता होगें। जबकि वर्तमान में 500 मिलियन हैं। भारत में बढ़ते इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के कारण भारतीय बाजार में प्रौद्योगिकी और ई-कॉमर्स में अग्रणी वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियां आकर्षित हों रहीं हैं। इसके अलावा भारत जल्द अपना स्वदेशी 5 जी नेटवर्क लॉन्च करने जा रहा है। जिससे भारत में इंटरनेट के क्षेत्र में क्रान्ति होना तय है।

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