विध्वंसक आईएनएस रणवीर के विस्फोट में 3 नौसैनिक शहीद और 11 घायल , 28 अक्टूबर 1986 को भारतीय नौसेना का हिस्सा बना था।

आज 18 जनवरी 2022 को मुम्बई नेवल डॉकयार्ड पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई है। दरअसल मुम्बई के नेवल डॉकयार्ड में आईएनएस रणवीर में एक विस्फोट हो गया। जिसमें भारतीय नौसेना के 3 कर्मचारी शहीद हो गए और 10 लोग घायल हो गए हैं। इससे पहले आईएनएस रणवीर 21 नवंबर से पूर्वी नौसेना कमांत से क्रॉस कोस्ट ऑपरेशनल तैनाती पर था। जो जल्द ही अपने बेस पर वापस लौटने वाला था। 


भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने बताया है कि आईएनएस रणवीर के आंतरिक डिब्बे में विस्फोट हुआ था। हालाकि समय रहते ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है। जिससे ज्यादा क्षति नहीं हुईं है। सभी घायलो को मुम्बई के अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

विध्वंसक आईएनएस रणवीर

यह भारत की नौसेना का राजपूत श्रेणी का चौथा विध्वंसक है। इस विध्वंसक जहाज की लंबाई 147 मीटर (442 फिट) है। यदि हम इसकी गति की बात करें तो वह  35 समुद्री मील प्रति घंटा (65 किमी प्रति घंटा) है।  इसको भारतीय नौसेना में 36 वर्ष पहले 28 अक्टुबर 1986 को शामिल किया गया था। अगर इसकी नौसैनिक कैपेसिटी की बात करें तो इस पर  35 नौसैनिक अधिकारी और 310 नौसैनिक सवार हो सकतें हैं। 

इसकी सबसे बड़ी ताकत कामोव हेलीकॉप्टर है। जो एंटी सबमरीन के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इसके अलावा इस पर खतरनाक हथियार जैसे हवा से हवा और सतह से सतह पर मार कर सकने वाली मिसाइले तैनात हैं। इस पर टॉरपीडो, लड़ाकू विमान और सबमरीन विरोधी  रॉकेट लॉन्चर भी है।  

भारतीय नौसेना आईएनएस रणवीर का उपयोग गस्त करने, आतंकविरोधी कार्यों  और भारत के समुद्रीय तटों की  निगरानी करती है। 

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