भारत ने पाकिस्तान को साइडलाइन कर, ईरान के रास्ते अफगानिस्तान को कोरोना की 5 लाख वैक्सीन भेजी।

भारत सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान को 5 लाख कोवैक्सीन की वैक्सीन भेजी हैं। हालाकि यह मदद सीधे भारत से अफगानिस्तान के लिए नहीं भेजी है। क्योंकि भारत ने कभी भी तालीबान के शासन को मान्यता नहीं दी है। इसलिए ईरान के रास्ते भारत ने अफ़ग़ानिस्तान को 5 लाख कोविड 19 की वैक्सीन भेजी हैं। यह सभी भारतीय वैक्सीन इंद्रा गांधी चिल्ड्रन हॉस्पिटल में पहुंची है। 


वैक्सीन मैत्री

भारत सरकार ने एक कार्यक्रम पिछले साल वैक्सीन मैत्री चलाया था। हालाकि भारत में कोरोना के ममाले बढ़ने के कारण इसको रोकना पड़ा था। लेकिन अब भारत में हर महीने 40 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन का उत्पादन हो रहा है। भारत सरकार वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत कोवैक्सिन की खुराक अफगानिस्तान भेजी जा रही है। वैक्सीन मैत्री कम आय वाले देशों और दुनिया भर के विकासशील देशों के टीका उपहार में  आपूर्ति करने के लिए एक कूटिनीटिक कदम है। इसके तहत् बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, भूटान, मॉरीशस, श्रीलंका, मालदीव, ब्राजील, मोरक्को, दक्षिण अफ्रीका, डीआर कांगो और नाइजीरिया को टीका भेजा जा चुका है।

अफ़ग़ानिस्तान की दयनीय स्थिति

जब से तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता मेंआया है। तब से अफ़ग़ानिस्तान में लोगों की स्थिति बेहद खराब चुकी है। लोगों के पास परिवार को खिलाने के लिए पैसा नहीं है। जिसका ताजा उदाहरण है कि एक पिता अपनी बेटी को एक अधेड़ व्यक्ति को केवल 12,00 अमेरिकी डॉलर में बेच देता है और लड़की की मां पुनः खरीदने का प्रयास करती है। 

इसके अलावा भारत सरकार ने 7 अक्टूबर को पाकिस्तान के सामने एक प्रस्ताव रखा था कि भारत वाघा बॉर्डर के ज़रिए अफगानिस्तान को 50,000 टन गेहूं और दवाएं भेज सकता है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत सरकार की बात को भी मान लिया। लेकिन शर्त रखी थी कि वह केवल अफ़गान ट्रकों में ही सहायता राशी जानें देगा। लेकिन वाघा बॉर्डर के माध्यम से गेहूं की ढुलाई अभी तक शुरू नहीं हुई है, क्योंकि हम अभी भी पाकिस्तानी पक्ष की शर्तों को सुनने का इंतजार कर रहे हैं।

इसके अतिरिक्त ईरान के चाबहार बंदरगाह से भी अफगानिस्तान को मदद नहीं भेज सकतें हैं। क्योंकि ईरान और तालीबान की बन नहीं रहीं है। अभी हाल में ही तालिबानियों ने ईरान के सीमा सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड गोलाबारी कर दी थी। जिससे ईरान ने अपनी अफगानिस्तान से लगती सीमाओं को बंद कर दिया है।

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