टोंगा ज्वालामुखी का विस्फोट 667 लिटिल बॉय परमाणु बॉम्ब के बराबर था, हंगा टोंगा-हंगा ज्वालामुखी जैसा विस्फोट ग्रह के 100 वर्षों के इतिहास में नहीं हुआ ; यूएस वैज्ञानिक

टोंगा में करीब 2000 सालों से सुप्त ज्वालामुखी अचानक फट गया। जिसके विस्फोट से सभी टोंगन द्वीपों में चारो तरफ सिर्फ़ बर्बादी ही बर्बादी है। इस विस्फोट में कई बेकसूर लोगों की जान चली गई है। विस्फोट के कई घंटो तक टोंगन द्वीपों से इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई थी। 

टोंगन ज्वालामुखी

टोंगा का हंगा टोंगा-हंगा हापई ज्वालामुखी का विस्फोट इतना शाक्तिशाली था कि यह जापान के हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बॉम्ब से 600 गुना अधिक शक्तिशाली था। इस पर वैज्ञानिकों ने कहा कि टोंगा ज्वालामुखी का विस्फोट एक परमाणु ऊर्जा के समान था। जो 15 जनवरी 2022 को पानी के नीचे फट गया। जिससे सभी टोंगन द्वीप  राख में ढक गए और एक भयंकर सुनामी को जन्म दिया। इस तरह का विस्फोट सिर्फ़ 1883 में इंडोनिशिया के क्राकाटाऊ ज्वालामुखी में हुआ था। जिसमें एक साथ कई हजार लोग मारे गए थे।

यह भी पढ़ें; चाइन दुनिया का सबसे बड़ा रोबोट बना रहा, पीएलए भारत के खिलाफ़ लद्दाख में इस्तेमाल करेंगी। अमेरीका पहले ही चीन के तरह के प्रयोग में विफल रहा

वैज्ञानिकों ने आगे बताया कि हंगा टोंगा-हंगा हापई ज्वालामुखी  के विस्फोट का अनुमान लगाया है। उन्होंने इसकी तुलना  जापान के लिटिल बॉय से की है। क्योंकि हिरोशिमा पर गिराए गया लिटिल बॉय करीब 10 मेगाटन का था। जबकि टोंगा ज्वालामुखी क़रीब 667 लिटिल बॉय की ऊर्जा के साथ फट गया। इतने भयंकर विस्फोट के कारण टोंगा के सभी 170 द्वीप ज्वालामुखी की राख में ढक गए। इसके अलावा टोंगा की राजधानी  नुकु'आलोफ़ा के हवाई अड्डे की सभी उड़ाने बंद करनी पड़ी। 

अमेरिका के जियोलॉजिकल भौतिकविद माइकल पौलेंड ने कहा है कि इस तरह का विस्फोट सिर्फ़ 1883 में इंडोनिशिया के क्राकाटाऊ ज्वालामुखी में हुआ था। जिसमें एक साथ कई हजार लोग मारे गए थे। जबकि हमारे ग्रह के 100 वर्षों के इतिहास में इतना शाक्तिशाली विस्फोट नहीं हुआ है।  इस विस्फोट ने टोंगा के एक पूरे द्वीप को हमेशा के लिए नष्ट कर दिया। यहां तक कि टोंगा के मुख्य द्वीप टोंगटापू , ईआ और हापाई द्वीपों पर जमकर बर्बादी हुईं।


टोंगा ज्वालामुखी विस्फोट में एक ब्रिटिश नागरिक सहित 3 लोगों की मौत हुई है और हजारों की संख्या में लोग घायल हुए हैं। इसी के साथ हजारों करोड़ों का नुकसान पहुंचा है। क्योंकि ज्वालामुखी के फटने के बाद 15 मीटर ऊंची सुनामी उठी। जिससे टोंगन द्वीपों पर मौजूद घरों में बहुत ज्यादा क्षती पहुंची।

Post a Comment

Previous Post Next Post